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भण्डारण निगम : ट्रांसफर और पोस्टिंग के नाम पर करोड़ों की लेनदेन!

लखनऊ। राष्ट्रीय भंडारण नीति के अन्तर्गत 1958 में स्थापित उत्तर प्रदेश राज्य भण्डारण निगम लगातार अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता जा रहा है। कृषि उपज, बीज, खाद्य, उर्वरक, कृषि यंत्रों तथ अन्य अधिसूचित वस्तुओं के भंडारण एवं वितरण एजेन्ट के रुप में प्रतिस्थापित भंडारण निगम में भ्रष्टाचार और धांधली इस कदर हावी है कि यहां स्थानांतरण और गृह जनपद के पास तैनाती के नाम पर करोड़ों रुपयों की लेनदेन जारी है।

एक सप्ताह के भीतर 520 लोगों को

जिम्मेदारों और विभागीय मंत्री को इस बात का पता ना चल सके इसके लिए स्थान्तरित कर्मियों द्वारा उनकी निजी दिक्कतों को मुख्य वजह बताकर उनसे आर्थिक लाभ लेते हुए भंडारण कर्मियों के तबादले उनकी इक्षानुसार किये जा रहे हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लगभग 1300 कर्मियों के विभाग में महज एक सप्ताह के भीतर ही 520 लोगों को स्थान्तरित कर दिया गया, जोकि जाँच का विषय है।

ज्ञात हो कि प्रधान कार्यालय के आदेश संख्या-4758/स्थापन/ई-3/2019-20 के आधार पर दिनांक 28 जून को राज्य भंडारगृह मुरादाबाद में तैनात प्राविधिक सहायक रजनीश सिंह यादव का करहल रोड मैनपुरी पर किया गया एक दिन बाद 29 जून को निरस्त कर दिया गया। इसी प्रकार से आदेश संख्या-4783/स्थापन/ई-3/2019-20 के आधार पर दिनांक 28 जून को ही राज्य भंडारगृह पनकी पर तैनात कनिष्ठ कार्यालय सहायक नीतू कुमार के पूर्व में किये गए स्थानांतरण को संसोधित करते हुए उनको राज्य भंडारगृह फिरोजाबाद कर दिया गया।

वहीं आदेश संख्या-4810/स्थापन/ई-3/28 जून के आधार पर राज्य भंडारगृह भवानीपुर (मिर्जापुर) पर बतौर प्राविधिक सहायक के रूप में तैनात सुशिल कुमार पांडेय के स्थानांतरण में संशोधन करते हुए 5 जुलाई को जारी आदेश संख्या-रा0भ0नि0/5278/स्थापन/ई-3/2019-20 के आधार पर राज्य भंडारगृह मिर्जापुर पर प्रभारी के तौर पर नियुक्त कर दिया गया।

महज एक सप्ताह के भीतर ही आदेश संख्या 4758 से 5278 के बीच 520 का अंतर् दर्शाता है कि किस तरह से स्थांतरण और उनके निरस्तीकरण के नाम पर लोगों से आर्थिक लाभ लेने के मकसद से निगम कर्मियों का बड़े पैमाने पर पहले तबादला किया गया फिर उन्हें संशोधित करते हुए नवीन तैनाती (इक्षानुसार) दी गई। इस संबंध में जब प्रबंध निदेशक श्रीकांत गोस्वामी से बात की गयी तो वह स्थानांतरण के नाम पर सैकड़ों की संख्या में एक सप्ताह के भीतर किये गए स्थानांतरण और उनके निरस्तीकरण का कोई संतोजनक जवाब नहीं दे सके। हालांकि उन्होंने जल्द ही कुल स्थान्तरण की संख्या उपलब्ध कराने की बात कही है।

गोदामों पर निर्धारित संख्या में कर्मियों की तैनाती

अगर भंडारण निगम के गोदामों पर नजर डालें तो निगम के पास अपने 113 गोदाम हैं, जिनकी भंडारण क्षमता करीब 25.03 लाख मीट्रिक टन है। निगम ने 10 गोदाम किराए पर ले रखे हैं जिनकी भंडारण क्षमता करीब 1.27 लाख मीट्रिक टन है। वैसे तो 5000 मीट्रिक टन की क्षमता वाले गोदाम पर 5 से 6 और 50 हजार से 1 लाख की क्षमता वाले गोदाम पर 40 से 50 की संख्या में निगम कर्मियों को तैनात करने का नियम है। लेकिन स्टाफ की कमी के चलते कई गोदामों पर निर्धारित संख्या में कर्मियों की तैनाती सम्भव नहीं है। खासतौर पर झांसी, बांदा, आगरा और अलीगढ में कई केंद्रों पर सुरक्षा राम भरोसे है यानि कि वहां पर एक भी तैनाती नहीं है।

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