Soyabean तेल में गिरावट के आसार

नई दिल्ली। बदलते मौसम की वजह से दुनियाभर में Soyabean सोयाबीन की फसल में इजाफे की उम्मीद जताई जा रही है। इसका असर सोयाबीन के तेल पर पड़ने की संभावना है। फसलों का उत्पादन बढ़ने से सोया तेल में गिरावट आ सकती है। भारत चूंकि तेल का आयात करता है, लिहाजा यहां सोयाबीन के मुकाबले सोयातेल की कीमतें ज्यादा घटेंगी।
दरअसल ’इंटरनेशनल ग्रेन काउंसिल’ ने कहा है कि अल-नीनो की आधिकारिक घोषणा न होने के बावजूद प्रशांत महासागर का सतह गर्म होने से ब्राजील में वक्त से पहले सोयाबीन की बुवाई हो रही है।

Soyabean की फसल को काफी लाभ

ऐसे में सोयाबीन की फसल को काफी लाभ हो सकता है। यदि सब कुछ बढ़िया रहा तो व्यापक निर्यात के बावजूद वहां सोयाबीन का स्टॉक बचने की उम्मीद की जा सकती है।
ब्राजील के दो प्रमुख सोयाबीन उत्पादक राज्य मातोग्रासो और पारना में बड़े पैमाने पर बुवाई का काम खत्म हो गया है।

1 नवंबर तक पूरे ब्राजील में 70 प्रतिशत बुवाई खत्म हो गई थी। अमेरिका स्थित ’सोयाबीन एंड कोर्न एडवाइजर्स कंसल्टेंसी’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले पांच साल के रिकॉर्ड के मुताबिक ब्राजील में इस समय तक सोयाबीन की बुवाई का औसत 57 प्रतिशत रहा है।

इस साल की शुरुआत से ही चीन के सोयाबीन आयातकों ने अमेरिका के साथ का व्यापार स्थगित कर रखा है। अब उनका रुख ब्राजील की तरफ है। जाहिर है, ब्राजील में सोयाबीन का उत्पादन बढ़ना चीन के लिए अच्छी खबर है। इस महीने के अंत में जी-20 देशों की बैठक के दौरान ट्रंप और सी जिनपिंग के बीच संभावित मुलाकात में ट्रेड वॉर के समाधान की उम्मीद बढ़ गई है। बाजार में अफवाह के बीच कुछ सटोरियों ने मंदी लाने की कोशिश की और हालात ऐसे रहे कि वे इस मकसद में सफल भी हो गए। पिछले तीन दिन अमेरिकी वायदे में सुधर आया है।

 

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