Microsoft : रूसी हैकरों के निशाने पर थी वेबसाइटें

वाशिंगटन। माइक्रोसॉफ्ट Microsoft ने दावा किया है कि कुछ रूसी हैकर संसद के उच्च सदन “सीनेट“ और अमेरिकी थिंक टैंक से जुड़ी वेबसाइटों पर साइबर हमला करने की कोशिश में थे। कंपनी का दावा है कि रूस नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव को बाधित करने के लिए ऐसे हमले कर रहा है।

Microsoft की यह चेतावनी

Microsoft की यह चेतावनी ऐसे समय पर आई है जब अमेरिका की एक अदालत ने रूस के 12 खुफिया अधिकारियों पर आरोप तय किए हैं। वह सभी 2016 में हिलेरी क्लिंटन और उनकी डेमोक्रेटिक पार्टी के कंप्यूटर नेटवर्क हैक करने के आरोपित हैं।
माइक्रोसॉफ्ट के अनुसार हैकरों ने सीनेट के साथ द रिपब्लिकन इंस्टीट्यूट और द हडसन इंस्टीट्यूट नाम के दो थिंक टैंक समूह की नकल करते हुए छह डोमेन बनाए थे। कंपनी ने पिछले हफ्ते ही उन सभी वेब डोमेन पर नियंत्रण कर लिया था। फर्जी डोमेन के बारे में अब तक कोई विवरण नहीं दिया गया है। इससे पहले भी माइक्रोसॉफ्ट 84 फेक वेबसाइटों को बंद कर चुकी है।

कंपनी के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने
कंपनी के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने कहा, “हमें चिंता है कि ऐसी कोशिशें 2018 के मध्यावधि चुनाव में दखल देने के लिए की जा रही है। इस बार हैकिंग का प्रयास एक राजनीतिक दल को मदद करने से ज्यादा लोकतंत्र को बाधित करने पर केंद्रित है।“
रूस ने माइक्रोसॉफ्ट द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है। सरकार के प्रवक्ता ने कहा, “हम नहीं जानते कि वह किस हैकर की बात कर रहे हैं। पता नहीं, किस सुबूत के आधार पर वह इस नतीजे पर पहुंचे हैं।“ बता दें कि रूस हमेशा से ही 2016 के अमेरिकी चुनाव में दखल देने के आरोपों को खारिज करता रहा है।

 

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