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IUC चार्ज के बदले Jio देगा उसके बराबर मूल्य का डेटा फ्री

लखनऊ। इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज या IUC एक मोबाइल टेलिकॉम ऑपरेटर द्वारा दूसरे को भुगतान की जाने वाली रकम है। जब एक टेलीकॉम ऑपरेटर के ग्राहक दूसरे ऑपरेटर के ग्राहकों को आउटगोइंग मोबाइल कॉल करते हैं तब IUC का भुगतान कॉल करने वाले ऑपरेटर को करना पड़ता है। दो अलग-अलग नेटवर्क के बीच ये कॉल मोबाइल ऑफ-नेट कॉल के रूप में जानी जाती हैं।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा IUC शुल्क निर्धारित किए जाते हैं और वर्तमान में यह 6 पैसे प्रति मिनट हैं। ट्राई ने 2011 से बार-बार यह कहा है कि IUC शुल्क शून्य किया जाना चाहिए।

TRAI की राय है कि टर्मिनेशन शुल्क में लगातार कमी की जानी चाहिए और आखिर में इसे समाप्त किया जाना चाहिए।जो वर्तमान से 2 साल के अंत तक हो जाना चाहिए। TRAI ने अपनी राय में कहा कि 2014 तक टर्मिनेशन चार्ज शून्य कर दिया जाना चाहिए। इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि उस समय ना तो 4G और ना ही Jio मौजूद था। 1 अक्टूबर 2017 से मोबाइल कॉल के लिए IUC, 14 पैसे प्रति मिनट से घटाकर 6 पैसे प्रति मिनट कर दिया गया।

IUC शुल्क के रूप में 13.5 करोड़ रुपये का भुगतान

ट्राई के रुख और पहले से ही IUC को शून्य तक कम करने वाले नियमों में किए गए संशोधन के आधार पर, Jio ने अपने ग्राहकों को मुफ्त वॉयस कॉल की सुविधा देने के लिए Airtel और Vodafone-Idea आदि को अपने स्वयं के संसाधनों से IUC का भुगतान जारी रखा। अब तक, पिछले तीन वर्षों में Jio ने अन्य ऑपरेटरों को IUC शुल्क के रूप में लगभग 1,3,500 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।

2017 में उपरोक्त आदेश के बाद, पुराने ऑपरेटरों ने अपने 4 जी ग्राहकों के लिए तो वॉयस टैरिफ कम कर दिया पर उन्होंने अपने 35-40 करोड़ 2 जी ग्राहकों के लिए मंहगे टैरिफ जारी रखे। असल में वॉयस कॉल के लिए टैरिफ बढ़ाकर लगभग रु 1.50 मिनट तक कर दिया गया। वे अपने 2 जी ग्राहकों से डेटा के लिए न्यूनतम 500 / जीबी तक का शुल्क वसूल करते हैं।

Jio नेटवर्क पर रोजाना 25 से 30 करोड़ मिस्ड कॉल

Jio नेटवर्क पर मुफ्त वॉयस कॉलिंग और 2G नेटवर्क पर अत्यधिक टैरिफ होने की वजह से Airtel और Vodafone-Idea के 35-40 करोड़ 2G ग्राहक, Jio ग्राहकों को मिस्ड कॉल देते हैं। Jio नेटवर्क पर रोजाना 25 से 30 करोड़ मिस्ड कॉल प्राप्त होते हैं।

जियो नेटवर्क पर मिस्ड कॉल होने से जियो ग्राहक वापस आउटगोइंग कॉलिंग करता है। अन्य नेटवर्क से जियो पर रोजाना होने वाले 25 से 30 करोड़ कॉलिंग (मिस्ड कॉल) से Jio को 65 से 75 करोड़ मिनट इनकमिंग ट्रैफिक मिलना चाहिए था। इसके बजाय, Jio ग्राहकों द्वारा किए गए कॉल बैक के परिणामस्वरूप 65 से 75 करोड़ मिनट तक आउटगोइंग ट्रैफ़िक हो जाता है।

अगर मिस्ड कॉल की घटनाओं को निकाल दें तो Jio के लिए ऑफ-नेट वॉयस ट्रैफ़िक सतुंलन ठीक रहेगा। पर अन्य ऑपरेटरों द्वारा अपने 2जी वॉयस टैरिफ को ऊंचा रखकर असंतुलित बनाया जा रहा है।

ऑफ-नेट मोबाइल वॉयस कॉल के लिए 6 पैसे प्रति मिनट

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मोबाइल ट्रैफिक विषमता का हवाला देते हुए हाल ही में ट्राई ने परामर्श पत्र जारी कर IUC पर बंद अध्याय को फिर से खोल दिया है। जिसे IUC रेगुलेशन में संशोधन करके 1 जनवरी 2020 से शून्य बना दिया जाना था। 2017 में IUC रेगुलेशन में संशोधन काफी विचार-विमर्श और परामर्श के बाद किया गया था। इस पृष्ठभूमि में परामर्श पत्र ने अनिश्चितता पैदा कर दी है और Jio को मजबूर कर दिया है कि अपनी अनिच्छा के बावजूद वह सभी ऑफ-नेट मोबाइल वॉयस कॉल के लिए 6 पैसे प्रति मिनट के इस नियामक शुल्क को वसूले खासकर तब तक जब तक IUC शुल्क मौजूद हैं।

इसको देखते हुए Jio ग्राहकों द्वारा सभी रीचार्ज पर, अन्य मोबाइल ऑपरेटरों को किए गए कॉल पर IUC टॉप-अप वाउचर के माध्यम से 6 पैसा प्रति मिनट की मौजूदा IUC दर से चार्ज लिया जाएगा, जब तक कि TRAI जीरो टर्मिनेशन चार्ज व्यवस्था लागू नही करती। वर्तमान में यह तारीख 1 जनवरी 2020 है।

Jio अपने ग्राहकों को उच्चतम मूल्य देने

हालांकि इन सबके बावजूद Jio अपने ग्राहकों को उच्चतम मूल्य देने की अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है। और अपने उसी वादे के अनुरूप निम्नलिखित पर कोई शुल्क नही होगा।

  • सभी Jio से Jio कॉल।
  • सभी इनकमिंग कॉल।
  • Jio को लैंडलाइन कॉल।
  •  व्हाट्सएप या फेसटाइम और इसी तरह के प्लेटफॉर्म का उपयोग करके की गई कॉल।

टॉप-अप वाउचर की कीमत के बराबर अतरिक्त डेटा

IUC टॉप-अप वाउचर की कीमत के बराबर Jio अतिरिक्त डेटा प्रदान करेगा। इस का अर्थ है कि ग्राहकों के लिए टैरिफ में कोई वृद्धि नहीं है।

निम्नलिखित टॉप-अप वाउचर ग्राहकों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप उपलब्ध होंगे।

₹10     124       1
₹20     249       2
₹50     656       5
₹100   1,362   10

Jio फिर से अपने 35 करोड़ ग्राहकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आउटगोइंग ऑफ-नेट मोबाइल कॉल पर 6 पैसा प्रति मिनट का शुल्क केवल तब तक जारी रहेगा जब तक TRAI अपने वर्तमान रेगुलेशन के अनुरूप IUC को समाप्त नहीं कर देता। तबतक वो TRAI के साथ सभी डेटा को साझा करता रहेगा ताकि वह समझ सके कि शून्य IUC उपभोक्ताओं के सर्वोत्तम हित में है। और भारी संख्या में मिस्ड कॉल ने कैसे असंतुलन पैदा किया है।

Jio ने उम्मीद जताई कि IUC शुल्क वर्तमान रेगुलेशन के अनुसार खत्म हो जाएगा और यह अस्थायी शुल्क 31 दिसंबर 2019 तक पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। जिसके बाद उपभोक्ताओं को इस शुल्क का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। इस बीच, उपभोक्ता को IUC टॉप-अप वाउचर के बदले अतिरिक्त डेटा मिलता रहेगा।

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