NRC : कागजात नहीं होने पर क्या लोगों को देश से निकालेंगे – मायावती

लखनऊ। असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के मुद्दे पर राजनीति में उबाल आता दिख रहा है। इस मुद्दे पर सड़क से लेकर संसद तक राजनीति गरमा गई है। एक तरफ जहां सरकार की ओर से इसका बचाव किया जा रहा है तो वहीं विपक्ष पूरी तरह आक्रामक रवैया अपनाए हुए है। इस मुद्दे पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी केंद्र की मोदी सरकार अौर प्रदेश की योगी सरकार को घेरते हुए उस पर हमला करना शुरू कर दिया है।

NRC मामले में मायावती ने केंद्र पर बोला हमला

मायावती ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि असम में 40 लाख लोगों की नागरिकता को छीना गया है। अगर ये लोग पिछले काफी समय से वहां रह रहे हैं और अपने कागजात नहीं दे पाएं हैं तो फिर क्या आप उन्हें देश से निकाल देंगे। केंद्र की भाजपा सरकार पर उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वो सरकारी मशीरनरी का दुरूपयोग कर रहे है।

संविधान की अवहेलना

भाजपा की केंद्र सरकार पर धार्मिक आधार पर भेदभाव करने का आरोप लगते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा दलित अौर पिछड़ों को परेशान कर रही है। इतना ही नहीं मायावती ने कहा कि भाजपा दलित अौर अल्प संख्यक विरोधी है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी संविधान की अवहेलना कर रही है।

देश में कही भी रहना सभी का मौलिक अधिकार

मंगलवार को इस मुद्दे पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि ऐसी चर्चा है कि जिनके पास सबूत हैं उनके भी नाम लिस्ट से काटे गए हैं। रामगोपाल ने कहा कि संविधान के मुताबिक किसी को भी देश के किसी भी हिस्से में रहने का मौलिक अधिकार है, जबकि लिस्ट में से बिहार, यूपी, हिन्दू, मुसलमान सभी के नाम काटे गए हैं, वो अब कहां जाएंगे। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में अगर किसी का नाम काट दिया जाएगा तो वह कहां जाएगा, क्योंकि वह विदेशी तो है नहीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *