Commonwealth Games : गुरुराजा के रजत के साथ भारतीय दावेदारी का शुभारंभ

21st Commonwealth Games में भारत की अच्छी शुरुआत हुई है। कल कॉमनवेल्थ गेम्स के शुभारम्भ के साथ प्रतिस्पर्धाओं के दौर की शुरुआत हो गया है। आज पहले दिन ही भारत की झोली में रजत पदक के शुरुआत से एक अच्छी उम्मीद जगी है।

जाने कौन हैं Commonwealth Games में रजत जितने वाले गुरुराजा

आज पहले दिन भारत के लिए रजत पदक जीतने वाले गुरुराजा ने 56 किलोग्राम कैटेगरी में अपनी दावेदारी प्रस्तुत की थी, जिसमे इन्होने 249 किग्रा वजन उठाया। वहीं मलेशिया के मोहम्मद एएच इजहार अहमद ने गोल्ड तथा श्रीलंका के चतुरंगा लकमल को कांस्य पदक अपने नाम किया।

इससे पहले भी गुरुराजा 2016 साउथ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीत भारत का नाम रोशन किया था। इसके बाद इस साल पेनांग में कॉमनवेल्थ सीनियर वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण पदक का कब्जा जमाया था।

ट्रक ड्राइवर के बेटे हैं गुरुराजा

  • गुरुराजा एक गरीब परिवार से सम्बन्ध रखते हैं।
  • उनके पिता जी एक ट्रक ड्राइवर हैं।
  • कर्नाटक के रहने वाले गुरुराजा ने 2010 में वेटलिफ्टिंग में करियर की शुरुआत की थी।
  • ट्रक ड्राइवर के बेटे गुरुराजा पहलवान बनना चाहते थे, लेकिन कोच की पैनी नजरों ने उनमें भारोत्तोलन की प्रतिभा देखी और इस खेल में पदार्पण कराया।
  • भारतीय वायुसेना के निचली श्रेणी में कार्यरत है गुरुराजा।
  • गुरुराजा स्नैच के बाद तीसरे स्थान पर थे जिन्होंने दो प्रयास में 111 किलो वजन उठाया।

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