वोट बैंक की राजनीतिक के लिए गौ संरक्षण का दिखावा कर रही भाजपा : अनिल दुबे

लखनऊ। राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने राज्य सरकार द्वारा गौ संरक्षण के लिए लगाये जा रहे उपकर (सेस) के औचित्य पर सवाल उठाते हुये कहा कि सरकार गोवंश संरक्षण के प्रति न तो गम्भीर है और न ही संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियां गौवंश सरक्षण के लिए नहीं वरन धार्मिक आस्था के सहारे वोट बटोरने के लिए की गयी सोची समझी चाल है।

गौ संरक्षण के नाम पर सरकारी अनुदान का गबन

श्री दुबे ने कहा कि छुटटा जानवर किसानों की फसल की बर्बाद कर रहे हैं और प्रदेश के मुख्यमंत्री बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व सरकार बनते ही एन्टी रोमियो व एन्टी भूमाफिया की बहुप्रचारित घोषणाओं का हश्र प्रदेश की जनता देख रही है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में चरागाहों पर भूमाफियाओं का अवैध कब्जा है। यही नहीं प्रदेश में चल रही गौशालाओं पर सरकार का कोई अंकुश नहीं है। गौ संरक्षण के नाम पर इस काम में लगे लोग सरकारी अनुदान का गबन कर रहे हैं।

बीफ निर्यात में भारत विश्व में पहले स्थान पर

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि भारत के किस भू भाग पर गाय गौमाता है और वह कौन कौन सी जगह है,जहां भाजपा का गाय से कोई नाता नहीं है। क्योंकि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह व गृह राज्य मंत्री किरन रिजजू ने पूर्व में दिये अपने बयानों में बीफ को भोज्य पदार्थ बताते हुये इसकी कमी न होने देने का चुनाव में वादा किया था। यही नहीं साढे चार वर्ष की मोदी सरकार ने ब्राजील को पछाड़कर बीफ निर्यातक देशों की श्रेणी में भारत को विश्व में पहले स्थान पर ला दिया है।

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