चाचा को साधने के लिए BJP ने लगाया ‘अंकल’ पर दांव

समाजवादी सेकुलर मोर्चा के गठन के बाद सपा और अन्य दलों के उपेक्षित नेता-कार्यकर्ता इस क्षण की गहराई मापने में लगे हुए हैं। खुलकर कोई दिग्गज नेता तो अभी तक नहीं आ रहा है लेकिन बहुत सारे लोग मौके की तलाश में नजर आ रहे हैं। BJP पिछड़ा वोट बैंक साधने के लिए शिवपाल यादव से गठबंधन कर सकती है।

BJP : पैनी नजर चाचा के सेकुलर मोर्चा पर

हर कोई अपनी पैनी नजर शिवपाल यादव के सेकुलर मोर्चा पर रखे हुए हैं। शिवपाल यादव से जुड़े लोगों में चर्चा यह है कि शिवपाल के मोर्चे से भाजपा गठबंधन कर सकती है। कहा जा रहा है ‘चाचा’ के मोर्चा से भाजपा का यह गठबंधन ‘अंकल’ करा रहे हैं। समाजवादी पार्टी और शिवपाल यादव के समाजवादी सेकुलर मोर्चा की गतिविधियों को करीब से जानने वालों के बीच यह चर्चा आम है कि सपा और उसके महागठबंधन को कमजोर करने के लिए बीजेपी ने अमर सिंह के माध्यम से चाल चलना शुरू कर दिया है।

शिवपाल यादव से गठबंधन

समाजवादी सेकुलर मोर्चा को भाजपा ने पांच सीटें देने का आॅफर दिया है। यही नहीं शिवपाल यादव के सुपुत्र आदित्य यादव के पीसीएफ अध्यक्ष पद को भी सुरक्षित करने की बात कही जा रही है। आधिकारिक रूप से कोई इस पर बात करने से परहेज कर रहा। बीजेपी पिछड़ा वोट बैंक साधने के लिए शिवपाल यादव से गठबंधन कर यह भी संदेश देना चाह रही है कि ओबीसी अब महागबंधन के साथ नहीं बल्कि बीजेपी के पास भी बहुलता में है।

बीजेपी खेल सकती है चौकाने वाले दांव

अनुभवी सपाईयों का कहना है की सपा को कमजोर करने के लिए बीजेपी चौकाने वाले दांव भी खेल सकती है। वह उनको उपमुख्यमंत्री बनाकर अपने पाले में करने के साथ समाजवादी राजनीति में बंटवारा कर सकती है। माना जाता है कि शिवपाल यादव एक बेहतर संगठनकर्ता हैं। सपा की मजबूती में उनका अहम योगदान रहा है। सबसे अहम यह कि वह सपा की कमजोरी और मजबूती सबसे वाकिफ हैं।

बीजेपी उनके मोर्चा से गठबंधन कर सपा को ठिकाने लगाने के लिए ‘पद‘ देकर लाभ उठा सकती है।

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