आबकारी विभाग के बस की बात नहीं

लखनऊ। पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह के निर्देश पर सार्वजनिक स्थलों पर शराब पीने वालों के खिलाफ चलाये गए अभियान में मेरठ अव्वल जबकि लखनऊ जोन दूसरे नंबर पर है। राजधानी लखनऊ में खुलेआम शराब पीने वाले इतने मनबढ़ हो चुके हैं कि इन्हें पुलिस तक का खौफ नहीं,आबकारी विभाग तो इन पियक्कड़ों के सामने तो बिल्कुल बौना हो चुका है।

आबकारी विभाग का दायरा

आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनका दायरा सिर्फ शराब की दुकान तक ही सीमित है, खुलेआम शराब पीने वालों पर वह कुछ नहीं कर सकती है,यह मामला पुलिस का है। राजधानी लखनऊ में आबकारी के सात सेक्टर और दो सर्किल हैं जहां पर हर सेक्टर और सर्किल में आबकारी निरीक्षकों सहित दर्जनों आबकारी सिपाही तैनात है, लेकिन इनका अपने ही विभाग की लाइसेंस धारियों पर ही जोर नहीं चलता,कारण विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर विभाग के मुखिया तक को पता है।

जिसका फायदा उठाते हुए शराब दुकानदार अपनी शराब की दुकान के बाहर ही मयखाना सजा देते हैं। राजधानी के किसी भी सेक्टर में स्थित वाइन शॉप के बाहर यह नजारा शाम ढलते ही बड़ी आसानी से देखा जा सकता है, लेकिन विभाग के अधिकारी इसकों रोकने का प्रयास तक नहीं करते। खुलेआम शराब पिलाने को लेकर राहगीरों और स्थानीय नागरिकों द्वारा जिला प्रशासन,पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों को शिकायत की जाती है लेकिन इन शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर केवल खानापूर्ति की जाती है।

जिला आबकारी अधिकारी ने बताया
इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी जर्नादन यादव ने बताया कि विभाग द्वारा सभी दुकानदारों को निर्देशित किया गया है कि सार्वजनिक स्थल पर शराब पीने से मना करने के लिए अपनी दुकान के बाहर बोर्ड लगवा दें, राजधानी की सभी दुकानों पर यह बोर्ड लगे हुए हैं। दुकान से बाहर सार्वजनिक स्थल पर शराब पीने को लेकर विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर सकता।

 

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