कैबिनेट बैठक में कई प्रस्तावों को मिली मंजूरी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक हुई। इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस दौरान चार प्रस्तावों पर मुहर लगी। योगी के राज्य सरकार के मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए पास हुए प्रस्तावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यूपी में अब जंगल घूमना आसान होगा। वहां जाने के लिए टू लेन चौड़ी रोड का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने धन भी जारी कर दिया है। इसी प्रकार प्रोफेसर बनने के लिए भी सरकार ने संशोधन कर दिया है।

कैबिनेट बैठक में चित्तौड में कृषि विज्ञान केन्द्र

कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस से बात करते हुए सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि तौली, चित्तौड़ा में कृषि विज्ञानं केंद्र को मंजूरी मिली है। मुजफ्फरनगर में कृषि विज्ञानं केंद्र खोलने को मंजूरी मिली गई है। कृषि विज्ञान केंद्र हेतु सिंचाई भूमि की जमीन ऊर्जा विभाग को दी गई थी लेकिन अब इसे कृषि विज्ञान केंद्र को दी जाएगी।

कार्पेट स्पोर्ट मार्ट
सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि बैठक में भदोही कार्पेट स्पोर्ट मार्ट को स्वीकृति प्रदान की गई है। मैनेजमेंट एजेंसी को आरएफपी का अनुमोदन किया गया है। यह मार्ट अखिलेश सरकार में खोला गया था लेकिन इसका संचालन नहीं शुरू हो सका था।

200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सपो मार्ट को बनवाने के पीछे वजह भदोही के कारपेट बाजार को बढ़ावा देना था। इसमें निर्माण कर्ता को 60 प्रतिशत दुकाने आवंटित करने का अधिकार होगा। बाकी दुकनों के लिए वहां एक सोसयटी गठित की जाएगी। यह सोसायटी उसके रख रखाव पर भी नजर रखेगी। इसकी लाइसेंस फीस शुरू के तीन महीने नहीं ली जाएगी। उसके बाद लाइसेंस फीस लिए जाने का प्राविधान किया गया है। छह साल बाद लाइसेंस फीस पांच प्रतिशत कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था इस लिए की गई है कि भविष्य में इस मार्ट के संचालन मे किसी प्रकार की परेशानी न आड़े आए।

दुधवा जंगल के लिए डबल लेन रोड

उन्होंने बताया कि जंगल जाने के शौकीनो के लिए यह खुश खबरी है। वहां जाने वालों को अब सकरी सड़क से नहीं जाना होगा बल्कि वहां के लिए अब चौड़ी सड़क निर्माण करने का फैसला सरकार ने किया है। पर्यटन को देखते हुए लखीमपुर खीरी से दुधवा को लेकर 63.65 किलोमीटर की सड़क को मंजूरी दी गई है। यह दो लेंन डबल लेन की होगी। इस सड़क को बनाने में 200 करोड़ की लागत आएगी। इससे उम्मीद की जा रही है कि पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी और जंगल में आना जाना सुगम हो जाएगा।

भर्ती प्रक्रिया में संशोधन

प्रदेश भर में जितने भी अशासकीय महाविद्यालय हैं उसके आचार्य और सह आर्चाय के सेलेक्शन प्रॉसेस में संशोधन किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य विश्वविद्यालयों के प्रथम परिनियमों में अनानुदानित/स्ववित्तपोषित अशासकीय महाविद्यालय के प्राचार्य की अर्हताओं का प्राविधान सम्मिलित किए जाने के सम्बन्ध में यह फैसला किया गया है कि अब किसी भी महाविद्यालय में अगर 15 साल के अध्यापन का अनुभव है तो वह व्यक्ति आचार्य और सह आचार्य बनने के योग्य होगा।

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