old person Dead in Konsa by heart attack
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Konsa : लेखपाल की धमकी व अपमान से पीड़ित वृद्ध की हार्ट अटैक से मृत्यु

सताँव(रायबरेली)। सताँव ब्लाक क्षेत्र की Konsa कोन्सा ग्राम पंचायत में लेखपालों की एक टीम पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है। कोन्सा गाँव निवासी आशीष त्रिवेदी ने इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को एक शिकायती पत्र भेजा है।

Konsa : पीड़ित के सहन की जमीन पर महिला को करा रहा था कब्जा

शिकायती पत्र में Konsa कोन्सा लेखपाल अमित सिंह, ताला लेखपाल कमलेश यादव,सताँव लेखपाल कमल कुमार तथा एक अन्य लेखपाल अरविन्द कनौजिया पर आरोप लगाया गया है। आरोप है की यह सभी 12 मई 18 दिन शनिवार को अपराह्न पूर्व संगठित होकर आये और उनके पुश्तैनी सहन की जमीन पर चल रहे निर्माण को रोकने लगे।

करीब 70 वर्षीय आशीष के पिता नीरज त्रिवेदी को इन लेखपालों ने भूखण्ड से कब्जा हटाने के लिए न केवल विभिन्न प्रकार से धमकाया बल्कि उन्हे गाँव के अनेक सम्भ्रान्त लोगों के सामने अपमानित किया। आशीष के पिता यह मानसिक उत्पीडन बर्दाश्त नहीं कर सके और लेखपालों के जाने के बाद अचानक उनकी हृदय गति रुक गयी और उनकी मौत हो गयी।आशीष ने अपने पिता की मौत का जिम्मेदार उपरोक्त लेखपालों को ठहराते हुये पूरे मामले की गहन जाँच की माँग की है।   नीरज त्रिवेदी,

क्या है घटनाक्रम

प्रकरण की पूरी जानकारी के मुताबिक कोन्सा गाँव में आशीष त्रिवेदी पुत्र नीरज त्रिवेदी का स्थायी आवास है। आवास के सामने उनका सहन है। इस भूखण्ड पर आशीष निर्माण करा रहे हैं। 10 मई को उनके पडोस में रहने वाली रजनी पत्नी कमला ने इसी भूखण्ड को अपना बता कर निर्माण रुकवाने की कोशिश की लेकिन थानाध्यक्ष गुरुबख्शगंज ने जमीन के कागजात देखने के बाद आशीष का निर्माण रोकने से मना कर दिया। प्रतिपक्षी रजनी से भी पुलिस ने साक्ष्य मांगे लेकिन वह नहीं दिखा सकी।

बिना किसी आदेश गया था जाँच करने

मुख्य घटना 12 मई शनिवार को तब घटी जब बिना किसी शिकायत या बिना किसी अधिकारी का आदेश लिए कोन्सा लेखपाल अमित सिंह अपने तीन अन्य लेखपाल मित्रों के साथ आशीष के भूखण्ड पर पहुंचे और कार्य करा रहे आशीष के सत्तर वर्षीय पिता नीरज त्रिवेदी को जमीन पर कब्जा छोड देने के लिए विभिन्न प्रकार से धमकाने लगे। मौके पर एकत्र हुये ग्रामीणों के समक्ष लेखपाल अमित ने नीरज त्रिवेदी को बुरी तरह अपमानित किया। थोडी देर बाद नीरज त्रिवेदी की हालत बिगड गयी और लेखपालों के जाने के महज दस मिनट में उनकी मौत हो गयी।

एस.डी.एम. ने कहा होगी कड़ी कार्रवाई

आशीष ने लेखपालों के धमकाने व अपमानित करने के कारण हुयी अपने पिता की मौत की सूचना तत्काल उपजिलाधिकारी को दी। उन्होने मामले को संजीदगी से लिया और पीडित आशीष से लिखित प्रार्थना पत्र लेकर दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।

दर असल यह मामला महज किसी की भूमिधरी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश से कम लेखपाल अमित की बदनीयत व उसकी शराब, शबाब व कबाब के शौक पूरा करने के लिए उद्देश्य को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। बताते हैं कि शिकायत करने वाली रजनी के ससुर स्वयं बता चुके हैं कि जमीन पर उनका व उनके बहू बेटों का कोई हक नही है लेकिन यदि यह तथ्य मानकर मामला सुलट जाता तो लेखपाल व उसे लालच दे रहे लोगों की वसूली व अय्याशी कैसे पूरी होती। फ़िलहाल लेखपाल अमित पर नीरज त्रिवेदी की गैर इरादतन हत्या की तलवार लटक रही है।

गिरीश अवस्थी

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