Tapan Agnihotri : शिक्षा नीतियों में बदलाव के लिए मुहिम

कानपुर। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन द्वारा 2 अक्टूबर को निजी स्कूलो की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए कानून मे संशोधन करने हेतु विशाल जनसभा का आयोजन किया गया है। राष्ट्रीय महामंत्री Tapan Agnihotri तपन अग्निहोत्री ने बताया की वर्तमान मे उत्तर प्रदेश सरकार ने निजी स्कूलो पर अंकुश लगाने के लिए जो कानून बनाया है वो जनता को सिर्फ भ्रमित करने वाला है, उसमे कोई ऐसे ठोस कदम नही उठाए गए है जिससे अभिभावकों को सीधा फायदा मिल सके।

Tapan Agnihotri : सरकार द्वारा बनाया कानून भ्रामक

राष्ट्रीय महामंत्री तपन अग्निहोत्री ने कहा की सरकार ने एक तरफ तो पुराने विद्यार्थियो के फीस बढ़ोत्तरी के तरीके मे नकेल कसी है वही दूसरी तरफ नए प्रवेश वाले विद्यार्थियो को लेकर उनको मनमानी करने की पूरी छूट दे दी गयी है। सरकार द्वारा बनाया गया कानून भ्रामक है, वर्तमान कानून मे सरकार ने जनता को सिर्फ गुमराह किया है।

कानपुर प्रभारी विनोद वर्मा ने कहा की संस्था पूर्व मे 22 अप्रैल 2017 से निजी स्कूलो की मनमानी को रोकने के लिए कानून बनाने के लिए मुहिम की शुरुआत की थी। इसके बाद 19 जुलाई 2017 से 22 सितंबर 2017 तक सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश मे हस्ताक्षर अभियान चलाया था।
तदोपरांत 23 सितंबर 2017 को सरसाइया घाट चौराहे से जिलाधिकारी कार्यालय तक हस्ताक्षर युक्त बैनर के साथ मानव श्रंखला बनाकर जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री महोदय को ज्ञापन सौपा गया था। तदोपरांत 25 फरवरी 2018 से 20 मार्च2018 तक उत्तर प्रदेश के 267 विधायको एवं मंत्रियो को ज्ञापन सौपा गया था। लेकिन इसके बाद भी सरकार की नियत कानून बनाने की न दिखने पर संस्था ने 1 अप्रैल 2018 को नानाराव पार्क फूलबाग कानपुर मे धरना प्रदर्शन किया और सरकार को एक हफ्ते मे कानून लाने के लिए कहा गया।

सरकार की नियत मे खोट : सुरेश सिंह

सुरेश सिंह ने कहा की 1 अप्रैल 2018 के धरना प्रदर्शन के बाद ही सरकार निजी स्कूलो पर नकेल कसने के लिए विधेयक लाने पर मजबूर हुयी। इसी विधेयक मे थोड़ा सा बदलाव करते हुए सितंबर मे इसे कानूनी जामा पहनाया गया। लेकिन सरकार की नियत मे खोट के चलते उसको जनता के हित का नहीं बनने दिया गया, सिर्फ जनता को झुंझना दिखाया गया।

सरकार जनता को बेवकूफ न समझे

पवन पल ने कहा सरकार जनता को बेवकूफ न समझे की वो भ्रमित कानून देकर जनता का विश्वास जीत लेगी। सरकार को वास्तव मे ठोस कदम उठाने पड़ेंगे, तभी इस कानून की सार्थकता सिद्ध होगी।

एक ही कक्षा मे दो तरह की फीस हंसी का विषय : प्रतीक खन्ना

प्रतीक खन्ना ने कहा की सरकार द्वारा जो जिला स्तरीय कमेटी बनाई गयी है वो स्वागत योग्य है तथा इसके साथ फीस बृद्धि का तरीका भी स्वागत योग्य है, लेकिन एक ही कक्षा मे दो तरह की जो फीस की व्यवस्था की गयी है वो हंसी का विषय बन गया है की सरकार ने स्कूल वालों को खुश करने के लिए कानून के साथ कैसा खिलवाड़ किया है |

जनता सर्वोपरि है : संजय सोनी

संजय सोनी जी ने कहा की ,क्योकि ज़्यादातर स्कूल राजनीतिक प्रतिनिधियों के है इसलिए कोई ठोस कानून नहीं बनाना चाहती है, लेकिन जनता सर्वोपरि है सरकार को ये ध्यान रखना चाहिए। जनता से सरकार है सरकार से जनता नही।

सरल होना चाहिए कानून : योगेश अग्निहोत्री

तहसील टीम के प्रभारी योगेश अग्निहोत्री ने कहा की हमे एक ऐसा कानून चाहिए जिससे जनता को सीधे फायदा मिले। कानून सरल होना चाहिए, न की इतना जटिल की आम जनता उसे समझ ही न सके और हमेसा भ्रम की स्थित मे रहे। सरकार को जनता के हित मे कानून बनाना चाहिए और शिक्षा को सरल एवं सस्ता बनाना चाहिए।

निजी स्कूलो पर अंकुश लगाने वाला कानून बनवाने मे कामयाब : हरभजन सिंह भट्टी

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हरभजन सिंह भट्टी ने कहा की संस्था ने 22 अप्रैल 2017 को आम जन मानस से वायदा किया था की अप्रैल 2019 मे वो निजी स्कूलो पर अंकुश लगाने वाला कानून सरकार से बनवा कर लागू करवा कर रहेंगे और हमारी संस्था इसे अप्रैल 2018 मे ही बनवाने मे एवं लागू करवाने मे कामयाब रही। ये बहुत बड़ी उपलब्धि है, अब सिर्फ आम जनमानस के लिए हितकारी कानून संसोधन करवाकर बनवाना है।

संस्था की प्रमुख मांगे-

  • कक्षावार अधिकतम वार्षिक शुल्क नियत किया जाए।
  1. 1-5 तक की फीस 15000 रुपये वार्षिक
  2. 6-8 तक की फीस 18000 रुपये वार्षिक
  3. 9-10 किउ फीस 22000 रुपये वार्षिक
  4. 11-12 की फीस 25000 रुपये वार्षिक
  • प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबे 4 साल से पहले न बदली जाए तथा कापियो किताबों की सूची 60 दिन पहले वैबसाइट पर डाली जाए।
  • स्टेशनरी आदि किसी भी शिक्षण सामाग्री पर स्कूल आदि का नाम अंकित न किया जाए।

योगेश अग्निहोत्री

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