माटी कला बोर्ड : प्रजापति समाज को मिला सीएम योगी का साथ

लखनऊ। बीते मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में प्रजापति समाज के लोगों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘माटी कला बोर्ड’ के गठन पर मुहर लगा दी। इसके लिए उत्तर प्रदेश प्रजापति समाज की ओर से बीजेपी विधायक बृजेश कुमार प्रजापति की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया।

माटी कला बोर्ड : शिल्पकार समाज देश और प्रदेश में …

    बीजेपी विधायक बृजेश कुमार प्रजापति

गौरतलब है कि पिछले दिनों बांदा जिले के तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र से विधायक बृजेश कुमार प्रजापति ने मिट्टी से जुड़े समाज के लिए ‘माटी कला बोर्ड’ के गठन के साथ ही अन्य मांगें रखी थी, जिसके बाद सीएम योगी ने विधायक बृजेश कुमार प्रजापति की सराहना करते हुए उनकी ओर से की गयी मांगों को मानने का आश्वासन दिया है। इसके बाद बीती 10 जुलाई को हुई कैबिनेट बैठक में प्रजापति समाज के लिए ‘ मिट्टी कला बोर्ड’ के गठन पर मुहर लग गयी।

‘मिटटी कला बोर्ड’ के गठन के बाद विधायक बृजेश कुमार प्रजापति ने सीएम योगी का धन्यवाद करते हुए उनकी ओर से लिए गए फैसले की सराहना की। विधायक बृजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि शिल्पकार समाज देश और प्रदेश में बहुतायत संख्या में है। उत्तर-प्रदेश कि बात करें तो यहाँ पर प्रजापति समाज का तकरीबन 60 से 65 लाख मतदाता है।

सरकार की ओर से समाज के लिए बेहतरीन फैसला

पूर्व की सरकारों की ओर से इस समाज की खूब उपेक्षा की गयी। जिसके परिणाम स्वरूप प्रजापति समाज आर्थिक और राजनीतिक स्तर पर पिछड़ा हुआ है। अपने उत्थान की आकांक्षा से इस समाज ने पिछले लोकसभा व प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में बढ़-चढ़ कर मतदान किया। इसलिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से मिट्टी से जुड़े समाज के लिए बेहतरीन फैसला लिया है।

क्या थी मांगे –

पिछले दिनों विधायक बृजेश कुमार प्रजापति ने मिट्टी से जुड़े समाज के लिए सीएम योगी से मिलकर उनके समक्ष निम्न मांगें रखी थी –

  • ओबीसी समाज के आरक्षण को तीन भागों में बाटकर पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, सर्वाधिक पिछड़ा वर्ग में वर्गीकृत किया जाए और प्रजापति समाज को सर्वाधिक पिछड़ा वर्ग में रखा जाए।
  • प्रजापति समाज को जनसंख्या वाले अनुपात के आधार पर शासन-सत्ता एवं सरकारी सेवाओं में भागीदारी सुनिश्चित कि जाए।
  • मिट्टी के उद्योग को बढ़ावा एवं संरक्षण देने हेतु प्रदेश में एक सशक्त माटी कला बोर्ड का गठन किया जाए।
  • कुम्हारी कला में इस्तेमाल होने वाली मिट्टी को निकालने कुम्हार समाज को प्रत्येक ग्राम-पंचायत में नि:शुल्क पट्टे आवंटित किए जाएं।
  • विधानसभा सहित सभी सरकारी आफ़िसों, अस्पताल, रेलवे स्टेशनों सहित सभी सार्वजनिक स्थानों पर मिट्टी के कुल्हड़ों का इस्तेमाल सख्ती से कराया जाए।
  • खादी भंडार के स्टोरों कि भांति प्रत्येक जनपद मुख्यालयों में प्रजापति स्टोर खुलवाए जाए।
  • कुम्हारी कला हेतु बिना ब्याज के ऋण मुहैया कराया जाए, ताकि इस कला से जुड़े लोग उद्योग स्थापित कर सकें।
  • प्राचीन काल से ही मिट्टी को मूर्तरूप व उपयोगी बनाने वाले कुम्हार समाज को ईंट के भट्टों के लाइसेन्स में 100 फीसदी आरक्षण दिया जाए।
  • धार्मिक कार्यों में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टर आफ पेरिस कि मूर्तियों पर प्रतिबंध लगाते हुए कुम्हार/ प्रजापति समाज द्वारा निर्मित मिट्टी कि मूर्तियों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाए।
  • प्लास्टिक के गिलास, कप व प्लेटों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि पर्यावरण को संरक्षित किया जा सके।
वरुण सिंह

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