Yogi सरकार में अफसर की सह पर नहीं रूक रहा अवैध कब्जा और निर्माण​

आवास एवं विकास परिषद ने सिटी मांटेसरी स्कूल की इंदिरा नगर शाखा के खिलाफ कम से कम 21 वर्षों पहले का ध्वस्तीकरण आदेश दिये थे। लेकिन भ्रष्टाचार और लूट खसोट के आगे वे सब Yogi सरकार में भी अफसर की सह के आगे फेल हैं। जिससे अवैध कब्जा और निर्माण से जनता परेशान होकर सत्ता पलट करने पर मजबूर हो गई। जिन उम्मीदों के सपने पाले जनता ने नई सरकार चुनी थी, उसका असर शुरूआत में तो अच्छा दिखा। लेकिन अब योगी सरकार में भी पिछली सरकारों की तरह से अफसरों की सांठ गांठ उच्चाधिकारियों से लेकर आलाकमान तक होने के कारण उन्हें किसी तरह का डर नहीं रहा।

  • नतीजन जिन अवैध कब्जेदारों के चंगुल से जमीनों को छुड़ाया गया अब वह फिर तिकड़म जाल से उन्ही के कब्जे में हैं।

 Yogi सरकार में शिक्षा विभाग उड़ा रहा कानून की धज्जियां

मामला—1 सीएमएस की दो प्लाॅटों, ए-823 व ए-903, पर अवैध निर्माण कर बनी स्कूल की बिल्डिंग का स्थगनादेश न्यायालय की ओर से दिया गया। इसके बावजूद सिटी मांटेसरी स्कूल, इंदिरा नगर शाखा के भवन के निर्माण हुआ, जिसका भू-उपयोग आवासीय है, जिसके विरूद्ध नोटिस जारी है तथा 21 वर्ष पुराना धवस्तीकरण आदेश भी पारित है। ऐसे भवन में स्कूल को मान्यता प्राप्त करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र कैसे जारी किया गया? आवास विकास परिषद के साथ साथ शिक्षा विभाग के अधिकारियों की भी भूमिका संदिग्ध है।

  • भूमि विवादित है, मान्यता संदिग्ध है, इसके बावजूद डीआईओएस की ओर से शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई नहीं की गई।
  • जबकि कानूनन ऐसे मामलों में सामान्यत: 1 लाख का जुर्माना लगाने के साथ नए सत्र 2018-19 से स्कूल बंद करने की कार्रवाई निर्धारित है।

क्रिश्चियन इण्टर कालेज में फर्जी लेक्चरर की भर्ती

मामला—2 शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार की जड़े इतनी मजबूत हो रही हैं कि डीआईओएस उमेश त्रिपाठी ने अपने कार्यकाल के दौरान क्रिश्चियन इण्टर कालेज में कई फर्जी लेक्चरर की भर्ती कर दी।

  • जिसके विरोध में कोर्ट में पिटीशन दाखिल की गई।
  • इसके संबंध में राजधानी के कोर्ट नंबर 23 ने अब मौजूदा डीआईओएस से जवाब मांगते हुए पेश होने का आदेश जारी किया है।

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