Rajya Sabha के लिए सीएम योगी ने सहयोगी दलों की बुलाई बैठक

उत्तर प्रदेश में Rajya Sabha चुनाव के लिए सीएम योगी ने सहयोगी दलों की बैठक बुलाई है। राज्यसभा चुनाव बहुत ही दिलचस्प हो गया है। यूपी में 23 मार्च को राज्यसभा की 10 सीटों के लिए वोटिंग होगी। जिसमें सभी सभी राजनैतिक दल अतिरिक्त उम्मीदवार की जीत के लिए रणनीति बनाने में जुट हैं।

  • बीजेपी को 9वें उम्मीदवार की जीत के लिए 9 वोटों की दरकार है।
  • जिसके लिए बैठकों का सिलसिला जोरों पर है,
  • जिसमें विधायकों की संख्या जुटाने के प्रयास किये जा रहे हैं।
  • बीजेपी ने 21 मार्च को शाम 4 बजे बैठक रखी है।
  • सभी सहयोगी दलों की बैठक मुख्यमंत्री आवास 5 कालिदास मार्ग पर है।

Rajya Sabha, बसपा और कांग्रेस से आये विधायकों पर नजर

बीजेपी ने सहयोगी दलों के साथ ही पार्टी में शामिल हुए बसपा और कांग्रेस से आये मंत्रियोें पर नजर बनानी शुरू कर दी है। जिसके लिए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और मंत्रियों से नजर बनाये रखने और संपर्क में रखने के लिए कहा है। सीएम खुद चुनाव की निगरानी संभाल रहे हैं। यूपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने बसपा और कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए मंत्रियों स्वामी प्रसाद मौर्य, दारा सिंह चौहान, लक्ष्मी नारायण, ब्रजेश पाठक, एसपी सिंह बघेल और रीता बहुगुणा से मुलाकात की।

  • जो असंतुष्ट विधायक हैं उन पर नज़र रखने की जिम्मेदारी दी गई है।
  • पार्टी की ओर से सीनियर पदाधिकारियों और सरकार की ओर से मंत्रियों और विधायकों के संपर्क में रहने के लिए कहा गया है।
  • विधायकों को राजयसभा चुनाव तक राजधानी में रूकने को कहा गया है।

राज्यसभा की 10 सीटों पर होगा मुकाबला

राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 11 प्रत्याशी मैदान में हैं। जिसमें बीजेपी के 8 और सपा के 1 उम्मीदवार की जीत तय है। वहीं 10वीं सीट के लिए बीएसपी के भीमराव अम्बेडकर और बीजेपी के अनिल अग्रवाल के बीच मुकाबला होगा। राज्यसभा की एक सीट के लिए 37 वोट चाहिए।

  • सपा के जया बच्चन के 37 वोट के बाद उसके पास 10 विधायक बचेंगे।
  • बसपा के 19 और कांग्रेस के 7 विधायक मिलकर आंकड़ा 36 पहुंचता है।
  • बीजेपी समर्थित अनिल अग्रवाल को जीत के लिए 9 वोट जुटाने होंगे।

बीजेपी को नरेश अग्रवाल के बेटे का मिल सकता है वोट

सपा से बीजेपी में शामिल हुए सांसद नरेश अग्रवाल ने ऐलान किया है कि उनके बेटे और सपा विधायक नितिन अग्रवाल बीजेपी को वोट करेंगे। ऐसे में बीजेपी को एक वोट का फायदा हो सकता है तो बसपा को एक वोट का नुकसान संभव है।

  • सपा की नजर बीजेपी से नाराज पूर्व सांसद रमाकांत यादव के विधायक बेटे के वोट पर भी टिकी है।
  • दोनों खेमों की नजर में 3 निर्दलीय, 1 रालोद और निषाद पार्टी के 1 विधायक पर टिकी है।
  • जिसके लिए राजनीतिक गणित लगाई जा रही है।

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