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विश्व महिला दिवस बना कन्या हत्या का साक्षी

लखनऊ- कलियाँ जो तोड़ी तुमने तो फूल कहाँ से लाओगे बेटी की हत्या करके तुम बहु कहाँ से लाओगे ? यह वाक्य उन नामुरादों के लिए सटीक साबित होती है जो बेटी को कोख में ही मार देते है या पैदा होते ही अभिशाप समझ कर मार देते है ।इस संसार में बेटी , माँ , बहु , स्त्री के तीन रूप होते है । माँ सबको प्यारी होती व बहु सब लाखो में एक ढूंढते है पर ताज्जुब की बात इसी समाज के कुछ नामुराद लोग कोख में पल रही बच्ची को पैदा होने से पहले ही मार देते है या फिर पैदा होते ही मौत का तोहफा दे देते है । एक तरफ जहाँ देश में 1000 लड़को में लड़कियों की अनुपात महज 911 बची है वही कन्या हत्या एक गभीर विषय है ।सरकार इसको मद्देनज़र रखते है बेटी के प्रति तमाम योजनाये चला रही है पर समाज में ऐसे कृत्य हमे ये सोचने पर मज़बूर कर देते है की क्या वाकई हम 21वीं सदी में रहते है ।आज विश्व महिला दिवस पर सोशल मीडिया पर महिला सशक्तिकरण व संसार महिलाओं की भूमिका को लेकर लाखों संदेश प्रसारित हो रहे है । लेकिन कुछ ऐसे भी आत्माएं है जो दुनिया छोडते वक़्त शायद ये कह रही थी अगले जन्म मोहे बिटियाँ ना कीजों । ऐसा ही एक मामला  ठाकुरगंज थानाक्षेत्र मे देखने को मिला जहाँ एक बेटी  की लाश को कुत्ते नोचते हुये दिखे ।

ठाकुरगंज थानाक्षेत्र के गोमती किनारे कुड़ियाघाट पर नवजात कन्या को पैदा होते ही किसी ने लावारिस फेंका। मृत नवजात शरीर के आसपास कुत्तों को मंडराता देखकर लोगों ने दी पुलिस को सूचना। सूचना पर पहुंची पुलिस ने नवजात के शव को कब्जे मे करते हुये  पोस्टमार्टम के भेज दिया है।

 

नवजात बच्ची का शव उठाते वक़्त पुलिस वालों के आंखो से भी छलके आँसू

सूचना पर सतखंडा चौकी इंचार्ज कुलदीप तिवारी व हुसैनाबाद चौकी इंचार्ज अतुल श्रीवास्तव मय हमराही मौके पर पहुंचे । शव एक दुपट्टे मे लपेटा हुआ था जिसे कब्जे मे लेते हुये पुलिस वालों के आंखो से भी आँसू छलक पड़े ।

 

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