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“बी बोल्ड फार चेन्ज” की थीम पर आयोजित हुआ विधिक साक्षरता शिविर

बहराइच. अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मसऊद गाजी गर्ल्स इण्टर कालेज, बहराइच में महिलाओं के लाभार्थ विधिक साक्षरता/जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) श्री नरेंद्र कुमार ने कहा कि इस साल विश्व महिला दिवस का थीम है “बी बोल्ड फार चेन्ज” यानी कि बदलाव के लिए बहादुर बनो है। इस संबंध में उपस्थित लोगों को जानकारी देते हुए बताया कि भारत संविधान के अनुच्छेद 39 (डी) के अन्तर्गत महिलाओं को समान कार्य के लिए समान वेतन/मजदूरी का अधिकार है। ऐसा नहीं होने पर इसकी शिकायत सक्षम अधिकारी व श्रम विभाग से की जा सकती है।

सेमिनार को सम्बोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती अर्चना रानी द्वारा विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम-1987 अन्तर्गत संचालित लीगल एण्ड काउन्सिल की सुविधा, विधिक सहायता, विधिक परामर्श, लोक अदालत, विधिक साक्षरता शिविर, लीगल एण्ड क्लीनिक, मध्यस्थता एवं सुलह समझौता केन्द्र स्थायी लोक अदालत, वैकल्पिक विवाद समाधान केन्द्र, पैरालीगल वालेन्टियर आदि की जानकारियां प्रदा की गयी।

महाराज सिंह इंटर कालेज के प्रवक्ता अरविन्द कुमार वर्मा द्वारा महिला सशक्तिकरण प्राचीन काल में नारी सम्मान, नारी का महत्व वर्तमान में राष्ट्र निर्माण में नारी की भूमिका पर प्रकाश डाला तथा फ.अ.अ.रा.इ. कालेज गोण्डा के शिक्षक राजवर्धन श्रीवास्तव  ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र सघं द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस सर्वप्रथम 08 मार्च 1975 को मनाया गया नैरोबी देश में अन्तर्राष्ट्रीय महिला सम्मेलन 1985 में हुआ थ। उनके द्वारा महिलाओं के लिए बनाये गये मुख्य रूप से कानून भरण-पोषण विधि अन्तर्गत धारा 125 से 128 दण्ड प्रक्रिया संहिता, वरिष्ठ नागरिकों एवं माता पिता का भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005, दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 भारतीय दण्ड संहिता की धारा 326ए, 326बी, धारा 375एबीसी दण्ड प्रक्रिया संहिता, कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न संरक्षण, पाॅक्सों अधिनियम 2012, मेडिकल टर्मेशन आफ प्रेग्नेंसी एक्ट 1971, विधिक सेवा प्राधिरण अधिनियम 1987 के अन्तर्गत महिलाएं निःशुल्क विधिक सहायता पाने की पात्र हैं इसके लिए बताया कि आय सीमा का कोई प्रतिबन्ध नहीं है, मेटरनिटी बेनिफिट एक्ट 1961, भारतीय संविधान में प्रदत्त नागरिकों के मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, नीति निदेशक तत्व, विशेष रूप से भारतीय संविधान की धारा 39क आदि के सम्बन्ध में जानकारियों के साथ-साथ राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम 1990 के अन्तर्गत गठित राष्ट्रीय महिला आयोग एवं राज्य महिला आयोग के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारियां प्रदान की।

सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य प्रकाश नरायन सिन्हा द्वारा बताया गया कि आज की महिलाएं पुरूषों से कदम से कदम मिलाकर विभिन्न क्षेत्रों जैसे शिक्षा, चिकित्सा, न्याय, पुलिस, प्रशासन, खेल कूद, राजनीति, अंतरिक्ष, अभिनय साहित्य कला आदि क्षेत्रों में बढ़चढ़कर अपना प्रदर्शन कर रही है और घरेलू/पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ रोजगार, आत्मनिर्भरता व्यापार, उद्योग में शामिल होकर के अपने भारत देश की उन्नति में सराहनीय योगदान दे रही हैं तथा शिक्षक रईस अहमद सिद्दीकी ने महिलाओं के सुरक्षा से सम्बन्धित पुलिस डायल नं. 100, महिला हेल्प लाइन 1090, गर्भवती महिलाओं के लिए 102 एम्बुलेन्स, सामान्य के लिए 108 एम्बुलेन्स की सुविधाओं की महिलाओं को देय प्रसूता अवकाश, निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की जानकारियों के साथ-साथ बच्चों का विद्यालय में प्रवेश विशेष रूप से बेटी पढ़ाओं पर विशेष बल दिया गया।

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