अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्मोत्सव का भव्य समापन

लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल के तत्वावधान में सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में चल रहा अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्मोत्सव (आई.सी.एफ.एफ.-2019) आज सम्पन्न हो गया। बाल फिल्मोत्सव के अन्तिम दिन छात्रों, शिक्षकों व अभिभावकों में देश-विदेश की शिक्षात्मक बाल फिल्में देखने का भारी उत्साह दिखाई दिया।

अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्मोत्सव के अन्तिम दिन

इससे पहले, मुख्य अतिथि सतगुरू शरण अवस्थी, वरिष्ठ पत्रकार, ने दीप प्रज्वलित कर अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्मोत्सव के नवें व अन्तिम दिन का विधिवत् उद्घाटन किया जबकि विशिष्ट अतिथि  महेन्द्र मोदी, आई.पी.एस., डी.जी. पुलिस, टेक्निकल एवं  प्रतीक मेहरा, प्रोग्रामिंग हेड, रेडियो सिटी, की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को बढ़ाया। इस अवसर पर गायक मो. सलामत खान, मिस टीन इण्डिया  महिमा गौड़, निर्माता-निर्देशक अमित मिश्रा एवं रेडियो जॉकी आर. जे. विक्रम की उपस्थिति ने समारोह की रौनक में चार-चाँद लगा दिये।

विदित हो कि सी.एम.एस. के फिल्म्स डिवीजन द्वारा सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में 4 से 12 अप्रैल तक आयोजित इस अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव के नौ दिनों में लखनऊ व आसपास के क्षेत्रों के लगभग एक लाख से अधिक छात्रों ने शिक्षात्मक बाल फिल्मों का आनन्द उठाया एवं जीवन मूल्यों व चारित्रिक उत्कृष्टता की शिक्षा प्राप्त की। इसके अलावा, बाल फिल्मोत्सव की नौ दिनों की पूरी अवधि तक विभिन्न क्षेत्रों की प्रख्यात हस्तियों ने पधारकर बाल महोत्सव की गरिमा को बढ़ाया।

बाल फिल्मोत्सव के समापन समारोह में बोलते हुए मुख्य अतिथि सतगुरू शरण अवस्थी, वरिष्ठ पत्रकार, ने कहा कि फिल्में लर्निंग का सशक्त माध्यम है परन्तु इसके व्यावसायिक पक्ष की वजह से बहुत सी गड़बड़िया आ जाती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि महोत्सव में दिखाई गई शिक्षात्मक बाल फिल्में बच्चों के मन-मस्तिष्क में रचनात्मक प्रभाव डालेंगी।

उद्देश्यपरक शिक्षा जीवन के लिए

श्री अवस्थी ने कहा कि सर्वांगीण एवं उद्देश्यपरक शिक्षा जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मुझे खुशी है कि सी.एम.एस. का यह बाल फिल्मोत्सव सर्वांगीण शिक्षा का अनूठा अभियान है जिसके माध्यम से छात्रों का चरित्र निर्माण व नैतिक उत्थान कर समाज के रचनात्मक विकास हेतु प्रेरित किया जा रहा है। इस अच्छे कार्य के लिए मैं सी.एम.एस. को बधाई देता हूँ। उन्होंने बच्चों से अपील की कि भारत रत्न डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की आत्मकथा अवश्य पढ़ें। विशिष्ट अतिथि महेन्द्र मोदी, आई.पी.एस., डी.जी. पुलिस, टेक्निकल, ने कहा कि इस बाल फिल्मोत्सव की वजह से हमें बच्चों के बीच आने का अवसर मिला, जिसके लिए मैं सी.एम.एस. का आभार व्यक्त करता हूँ। बाल फिल्मोत्सव बच्चों को सामाजिक जागरूकता जैसे जल संवर्धन, ऊर्जा संवर्धन, स्वच्छता आदि विषयों पर जागरूक करने में बेहद महत्वपूर्ण है।

 

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