ममता बनर्जी कलयुग की रावण – ऊर्जा गुरु

उज्जैन। महामना आचार्य कुशाग्रनंदी जी महाराज के आत्मीय शिष्य ऊर्जा गुरु अरिहंत ऋषि ने सोमवार को होटल समय में आयोजित पत्रकार वार्ता
के दौरान “उज्जैन बने आदर्श पवित्र नगरी” की मांग पूरी न होने पर आंदोलनकारी रुख अपनाने की बात कही।

भारत में पैदा होकर भी रावण की सिफारिश 

पश्चिम बंगाल में राम नवमी का जुलूस रोके जाए के सवाल पर ऊर्जा गुरु ने कहा कि,”राम के नाम पर राजनीति करने वाले लोग भारत में पैदा होकर भी रावण की सिफारिश करते हैं और जिन बनर्जी ने श्रीराम के जुलूस को रोकने का प्रयास किया है वह इस कलयुग की रावण अवतार हैं।”

ऐसे युवाओं की जरूरत है जो राम के नाम पर 

उन्होंने कहा,“पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को ये भी याद रखना चाहिए कि जिस प्रकार श्रीराम के साथ हनुमान जी की वानर सेना ने लंका पर विजय प्राप्त की थी, उसी तरह हम भी उनकी लंका ढहा देंगे।” इतना ही नहीं, ऊर्जा गुरु ने भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आज देश को ऐसे युवाओं की जरूरत है जो राम के नाम पर बात करें। रामराज्य स्थापित करने का स्वप्न देखे और उसे साकार करने के लिए कदम बढ़ाए। लेकिन कुछ लोगों का पैशन
है अपने नाम के आगे रावण लगे। इससे वह खुद को महात्मा समझने लगते हैं। उन्हें यह याद रखना चाहिए कि रावण का कोई वजूद नहीं है और श्रीराम एक ऐसे महापुरुष हैं जिनके नाम पर पूरा विश्व जाना जाता है।”

जनता के साथ गद्दारी करने वाले नेताओं के पास जमा पैसों

उन्होंने मध्यप्रदेश में आईटी डिपार्टमेंट की छापेमारी का जिक्र करते हुए कहा ऐसे नेताओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जिनके ठिकानो से बेनामी संपत्ति जब्त की गई है। हमें बाहरी देशों में जमा काला धन से ज्यादा चिंता देश की मासूम जनता के साथ गद्दारी करने वाले नेताओं के पास जमा पैसों की होनी चाहिए। ऊर्जा गुरु का मानना है कि नेताओं के पास दबा काला धन यदि बाहर आ जाता है, तो कोई भी
सरकार देश में प्रत्येक व्यक्ति के खाते में 15 लाख रुपये देने का पूरा कर सकती है।

भारत में सात ऐसे शहर हैं जहां की भूमि को

उज्जैन को पवित्र नगरी घोषित किए जाने की मांग कर रहे ऊर्जा गुरु का मानना है कि,भारत में सात ऐसे शहर हैं जहां की भूमि को पवित्र उत्तम फल देने वाला माना गया है। इन शहरों में एक नाम उज्जैन शहर का भी आता है। भगवान महावीर की तपस्थली रही उज्जैन नगरी को विश्वभर में महाकाल की नगरी के रूप में जाना जाता है। इस लिहाज से दुनियाभर के पर्यटक उज्जैन भगवन महाकाल के दर्शन करने पहुंचते हैं। उन्होंने कहा,मंदिर परिसर के समीप मांस-मदिरा की दुकान कहीं न कहीं आस्था और स्थान की पवित्रता के साथ खिलवाड़ है ,इन्हें तुरंत हटाना चाहिए। यहां साफ सफाई के साथ-साथ सात्विक भोजन और सात्विक आचरण को बढ़ावा देने की तरफ ध्यान देना चाहिए।

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