Karnataka में येदियुरप्पा ने दिया इस्तीफा

Karnataka में बीजेपी नेता येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए राज्यपाल वजूभाई वाला ने 15 दिन दिया था। इसके बाद विपक्ष की याचिका को सुप्रीम कोर्ट की स्वीकृति के बाद अचानक राज्यपाल की दी गई समय सीमा को हटा दिया गया। जिसके बाद शनिवार को अचानक बहुमत साबित करने के लिए सु्प्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया। जिससे येदियुरप्पा को अचानक इस्तीफा देना पड़ा। सूत्रों के अनुसार कर्नाटक में जनता कांग्रेस और जेडीएस पर विश्वास के बजाय बीजेपी पर विश्वास जता रही है। लेकिन सत्ता के लिए गठबंधन में आई कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन पर जनता का भरोसा नहीं है।

Karnataka, 1996 में बहुमत न मिलने से बनी थी गठबंधन की सरकार

उत्तर प्रदेश में वर्ष 1996 के विधानसभा चुनाव में किसी को बहुमत नहीं मिला था। चुनाव में बीजेपी को 174 सीटें मिलने के बाद भी वह बहुमत से दूर थी। सपा को लगभग 100 तो बसपा को 60 सीटें मिलीं थी। कांग्रेस सिर्फ 33 सीट पर सिमटकर रह गई थी। कोई भी पार्टी अकेले दम पर सरकार बना पाने की स्थिति में न होकर त्रिशंकु विधानसभा थी। ऐसे में राज्यपाल रोमेश भंडारी ने राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन लगाने का आदेश दे दिया था।

बीजेपी और बीएसपी ने बनाई गठबंधन की सरकार

राष्ट्रपति शासन के बाद बीजेपी और बीएसपी ने गठबंधन की सरकार बनाई। लेकिन वह ज्‍यादा दिन नहीं टिक सकी। इसके बाद बीजेपी नेता कल्‍याण सिंह ने जोड़तोड़ कर सरकार बनाई थी। लेकिन 21 फरवरी 1998 को राज्यपाल भंडारी ने कल्याण सिंह को बर्खास्त कर जगदंबिका पाल को शपथ दिलाई थी। अगले दिन राज्यपाल के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। हाईकोर्ट ने राज्यपाल का आदेश बदल दिया। फिर जगदंबिका को कुर्सी छोड़नी पड़ी थी।

कर्नाटक में जनता की उम्मीदों की अनदेखी

कर्नाटक में जनता की उम्मीदों की अनदेखी हो रही है। एक तरह से कर्नाटक में गठबंधन से जनता सहमत नहीं हैं, जो कि सबसे बड़ा सवाल है। जिसके लिए कर्नाटक में सरकार बनाई जा रही है। कर्नाटक के गवर्नर वजुभाई वाला ने सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते बीजेपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था। जिसके बाद बीएस येदियुरप्पा ने विवादों के बीच गुरुवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

फ्लोर टेस्ट में किसकी बनेगी सरकार

कर्नाटक में भाजपा के पास 104 सीटें होेने के बावजूद सरकार बनाने के लिए राज्यपाल के फ्लोर टेस्ट की निर्धारित तिथि पर विपक्ष के सुप्रीम कोर्ट में स्वीकृति के बाद मामला बिगड़ गया। जिससे बीजेपी नेता येदियुरप्पा ने इस्तीफा दे दिया। इसके साथ कांग्रेस और जेडी(एस) के संयुक्त गठबंधन ने अपने सदस्यों की लिस्ट राज्यपाल को सौंप दिया। लेकिन गठबंधन का फ्लोर टेस्ट परीक्षण होना अभी बाकी है।

यह खबर भी देखें—Karnataka: जनहित के बजाय कुमारस्वामी हित में कांग्रेस ने दिया समर्थन

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