कालेधन का साम्राज्य

अब तक कई घोटालों का पर्दाफाश करने वाले डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी ने अकेले ही पिछले कई सालों में भ्रष्ट कांग्रेसियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। 2 जी केस में ऐ राजा व कनिमोझी को सलाखों के पीछे पहुंचाने वाले स्वामी ने ही कांग्रेस के एयरसेल मैक्सिस घोटाले का पर्दाफाश किया था। ये केस आज भी अदालत में चल रहा है और जांच जारी है। डॉक्टर स्वामी ने पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के खिलाफ कोर्ट के सामने जो सबूत पेश किये हैं,वो बेहद हैरान करने वाले हैं।

ये है पूरा मामला :-

दरअसल एयरसेल-मैक्सिस घोटाला तब हुआ जब 2जी सेवा मुहैय्या कराने वाली सी शिवशंकरन की कंपनी एयरसेल को मलेशिया की कंपनी मैक्सिस को बेचने के लिए दबाव बनाया गया, जिसका मालिक आनंद कृष्णन नाम का मलेशिया का नागरिक था। हैरानी की बात ये थी कि एयरसेल के 100 फीसदी शेयर्स मलेशिया की इस कंपनी को बेच दिए गए, जोकि सरासर भारतीय कानूनों का उल्लंघन है। क्योंकि एफडीआई के कानूनों के मुताबिक किसी भी भारतीय कंपनी के सौ फीसदी शेयर्स किसी विदेशी नागरिक को बेचे ही नहीं जा सकते।
अरबों की दलाली:-
सबूतों के मुताबिक ये काला सौदा उस वक्त संचार मंत्री रहे दयानिधि मारन ने पी चिदंबरम के निर्देशों पर किया था। इस सौदे के बदले में 2007 में मैक्सिस कंपनी ने कथित तौर पर दयानिधि मारन के मालिकाना हक वाले सन टीवी में दलाली की रकम के तौर पर 600 करोड़ का निवेश किया था। डॉक्टर स्वामी ने सबूत पेश करते हुए आरोप लगाया है कि उस वक्त वित्तमंत्री रहे पी चिदंबरम ने इस अवैध सौदे को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड का क्लीयरेंस दिलाया और शर्त ये रखी कि इसके बदले में बतौर दलाली उसके बेटे कार्ति चिदंबरम के मालिकाना हक वाली कंपनी को एयरसेल के कुछ शेयर दिए जाएँ।
चिदंबरम का घोटाला:-
सुप्रीम कोर्ट में डॉक्टर स्वामी ने ऐसे अहम् दस्तावेज पेश किये हैं, जिनसे पता चलता है कि एयरसेल-मैक्सिस के इस अवैध सौदे के कारण देश को 60,00,00,00,00,000 रुपये यानी पूरे 6 लाख करोड़ रुपयों का नुक्सान हुआ। डॉक्टर स्वामी ने दस्तावेजों के जरिये साबित किया कि कैसे पी चिदंबरम और उसके बेटे कार्ति चिदंबरम ने मिलकर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धज्जियां उड़ाते हुए खरबों के कालेधन को अपने विदेशी बैंक खातों में पहुंचा दिया।
काले कारनामों का पूरा हिसाब:-

डॉक्टर स्वामी के दस्तावेजों के मुताबिक यूके के चार मेट्रों बैंक में कार्ति चिदंबरम के 21 बैंक खातें हैं। सिंगापुर में एडवांटेज स्ट्रेटेजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कार्ति के चार बैंक खातें हैं। ये वही कंपनी है, जिसे एयरसेल-मैक्सिस सौदे में मोटी दलाली की रकम मिली थी। इसके अलावा स्पेन के दो बैंकों, यूके के एचएसबीसी बैंक, मोनाको के बार्कलेज बैंक, फ्रांस के एक बैंक व् स्विट्जरलैंड के यूबीएस बैंक में भी कार्ति के अकाउंट हैं।
कार्ति की कंपनी पर आयकर विभाग की छापेमारी में मिली हार्ड डिस्क से मिले डाटा से पता चला है कि पी चिदंबरम, उसकी पत्नी नलिनी चिदंबरम, बेटा कार्ति और कार्ति की पत्नी श्रीनिधि ने मिलकर यूके के कैंब्रिज में एक प्रॉपर्टी और एक बड़ा महल जैसा घर खरीदा है, जिसका पता है 5, Holben Close, Cambridge, CB237AQ.
जानकारी के मुताबिक इस बड़े व् भव्य घर व् संपत्ति को खरीदने के लिए लंदन मेट्रो बैंक में कार्ति के अकाउंट नंबर 16714313 से पैसे दिए गए. मगर पी चिदंबरम ने लोकसभा सीट के लिए एफिडेविट फाइल करते वक्त कभी इस संपत्ति का खुलासा नहीं किया, जोकि कानूनन गलत है।चिदंबरम ने अपनी संपत्ति केवल 1.55 करोड़ ही दिखाई, जबकि अकेले लंदन वाला घर ही 85 करोड़ से ज्यादा कीमत का है।

इसके अलावा कार्ति चिदंबरम की कंपनी एडवांटेज स्ट्रेटेजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड ने यूके के सॉमरसेट में सरिज फार्म के नाम से 88 एकड़ का एक फार्म हाउस खरीदा हुआ है. इस प्रॉपर्टी की कीमत 8 करोड़ से भी ज्यादा है। इसके अलावा यूके के कैंब्रिज में भी कार्ति की एक प्रॉपर्टी है।
खुलासा हुआ है कि ये सारी अकूत दौलत व् सम्पत्तिया 2006 से 2014 के बीच कांग्रेस सरकार के दौरान ही खरीदी गयी हैं, जब पी चिदंबरम वित्तमंत्री व् गृहमंत्री रहा था।यानी जितने घोटाले मनमोहन के पीएम रहने के दौरान किये गए उतने तो शायद आजादी के बाद से आजतक नहीं हुए थे। बताया जा रहा है कि पी चिदंबरम के पास 192352500000 रुपये की काली संपत्ति है।
कार्ति की सिंगापुर की कंपनी ने श्री लंका में ‘लंका फार्च्यून रेसिडेन्सीज’ के नाम से एक बेहद भव्य व् बड़ा रिसोर्ट खरीदा हुआ है। इसके अलावा कार्ति की इस कंपनी के पास श्री लंका में ‘द वाटरफ्रंट’, ‘वेलिगमा बे रिसोर्ट’ और ‘एमराल्ड बे होटल’ भी हैं।
सिंगापुर की इसी कंपनी ने दुबई के रास्ते कालेधन को साउथ अफ्रीका तक पहुंचाया और इस कालेधन का इस्तमाल करके साउथ अफ्रीका में Rowey Farm, Cape Orchards and Vineyards Private Limited और Zandvliet Enterprises wine and stud farm  नाम से तीन फार्म खरीदे।

कार्ति ने अपनी सिंगापुर की इसी कंपनी का इस्तमाल करके कालेधन को Desert Dunes Properties Ltd नाम की अपनी दुबई की कंपनी तक पहुंचाया। बताया जा रहा है कि कार्ति की सिंगापुर की कंपनी ने 1.7 मिलियन डॉलर दुबई की कंपनी को भेजे।

कार्ति की कंपनी Advantage’s Ceres ने फिलीपींस की एक कंपनी के साथ मिलकर ‘इंटरनेशनल प्रीमियर टेनिस लीग’ की टीम को खरीद लिया. कार्ति की इसी कंपनी ने Real Beyond Pte. Ltd. नाम की एक रियल एस्टेट कंपनी को भी खरीदा।जांच में पता चला है कि कार्ति की कंपनी ने गैर कानूनी तरीके से थाईलैंड में 16 जमीनें भी खरीदी।

  कार्ति की सिंगापुर की ‘एडवांटेज कंपनी’ ने ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में ‘The Somerset Surridge Ltd’ ’ नाम की कंपनी भी खरीदी हुई है. इसके अलावा कार्ति ने ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड की एक अन्य कंपनी ‘Full Innovations Ltd.’ में 400000 डॉलर का निवेश भी किया है।
सभी लेनदेन यूबीएस नाम के स्विस बैंक के जरिये हुए, जिसमे कार्ति का अकाउंट है।

कार्ति ने 12000000 डॉलर खर्च करके ‘Manila Mavericks’ नाम की एक टेनिस टीम भी खरीदी है।

अगस्त,2012 में कार्ति ने स्पेन के बार्सिलोना में Advantage Estrategia Esportiva SLU नाम की सहायक फर्म में करोड़ों रुपयों का निवेश किया। जानकारी के मुताबिक इस निवेश के लिए पैसे भी सिंगापुर की कंपनी के जरिये ही भेजा गया।

 

आयकर विभाग की छापेमारी में पता चला कि चिदंबरम के वित्तमंत्री रहने के दौरान सभी अवैध सौदों के लिए दलाली के तौर पर कार्ति की कंपनियों को मोटी रकम मिलती रही। इसके अलावा भी करोड़ों-अरबों रुपयों के ऐसे कई सौदों की जानकारी अब तक मिल चुकी है।

 

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