ट्रायल के दौरान दीवार तोड़कर बाहर निकली मेट्रो

नई दिल्ली। मैजेंटा लाइन पर कालिंदी कुंज मेट्रो स्टेशन पर दिल्ली मेट्रो की एक ड्राइवर लैस ट्रेन ट्रायल रन के दौरान दीवार से टकरा गई। ट्रेन दीवार को तोड़कर बाहर निकल गईं। कालिंदी कुंज डिपो के पास हुए इस हादसे की जांच की जा रही है। फिलहाल इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं हैं। गौरतलब है कि 25 दिसंबर से कालकाजी-बोटेनिकल गार्डन मेट्रो (मैजेंटा लाइन) शुरू होने वाली है। नोएडा से दक्षिणी दिल्ली को जोड़ने वाली इस मेट्रो लाइन का उद्घाटन क्रिसमस के मौके पर खुद पीएम मोदी करने वाले हैं। इस दिन मेट्रो के 15 साल पूरे हो रहे हैं। यह पहली ऐसी मेट्रो लाइन होगी जिस पर चालक रहित मेट्रो दौड़ेगी। शुरुआत में मेट्रो ट्रेन को चालक ही चलाएंगे, लेकिन बाद में यह ऑटोमैटिक मोड पर चलेगी। बॉटनिकल गार्डन से कालकाजी के बीच मेट्रो सेवा शुरु करने के लिए डीएमआरसी ने बीते अक्टूबर माह में सुरक्षा आयुक्त के पास सभी दस्तावेज जमा करवाये थे। पहली बार नए सिस्टम पर चलने वाली इस लाइन की बीते नवम्बर में बारीकी से जांच करने के बाद सुरक्षा आयुक्त ने कुछ शर्तों के साथ मेट्रो चलाने की अनुमति दी थी। इन शर्तों को डीएमआरसी ने जल्द पूरा कर लिया था। लेकिन गुजरात और हिमाचल में चल रहे चुनाव के चलते इस लाइन को खोलने में समय लग रहा था।
सोमवार को चुनाव परिणाम आने के साथ ही इस लाइन को खोलने का दिन भी तय हो गया। फिलहाल लगभग 12 किलोमीटर लंबी इस मेट्रो लाइन पर 9 मेट्रो स्टेशन होंगे। यह पूरी लाइन लगभग 36 किलोमीटर लंबी है, जिस पर 25 मेट्रो स्टेशन होंगे। इसे पूरा खोलने में लगभग छह माह का समय लग सकता है। इस लाइन पर डोमेस्टिक एयरपोर्ट से लेकर जनकपुरी पश्चिम के बीच भी ट्रायल चल रहा है। वहीं एयरपोर्ट से कालकाजी के बीच चल रहा काम भी लगभग पूरा हो चुका है। इस लाइन के पूरी तरह शुरु होने से जनकपुरी पश्चिम से बॉटनिकल गार्डन तक जाने के लिए लोगों के पास दो विकल्प मौजूद होंगे। वह ब्लू लाइन या मैजेंटा लाइन को इस सफर के लिए चुन सकते हैं। मेट्रो की सेवा अभी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए उपलब्ध है, लेकिन इस लाइन के शुरु होने पर यात्री घरेलू एयरपोर्ट तक भी मेट्रो से जा सकेंगे।

मेट्रो घटना की वीडियो देखने के लिए दिये गये लिंक को देखें।

पहला एलिवेटेड स्टेबलिंग मेट्रो स्टेशन
मैजेंटा लाइन पर बनाया गया जसोला विहार मेट्रो स्टेशन भारत का पहला ऐसा स्टेशन है, जहां पर मेट्रो स्टेबलिंग यार्ड बनाया गया है। इस स्टेबलिंग यार्ड में एक साथ 21 मेट्रो ट्रेन खड़ी की जा सकती हैं। कालिंद कुंज में बनाए गए मैंटेनेंस यार्ड में जगह कम होने के चलते स्टेबलिंग यार्ड जसोला मेट्रो स्टेशन पर बनाया गया है।
इस मेट्रो लाइन पर होंगी ये खासियत
एएफसी गेट खुले रहेंगे—इस लाइन पर मेट्रो में प्रवेश के दौरान एएफसी गेट खुले रहेंगे ताकि यात्रियों का समय लाइन में खराब न हो। यात्री को अंदर प्रवेश करने के लिए गेट के बाहर अपना स्मार्ट कार्ड या टोकन लगाना होगा। यदि वह कार्ड या टोकन लगाए बिना अंदर प्रवेश करने का प्रयास करेगा तो गेट बंद हो जाएंगे।
पूरी लाइन पर लगे हैं स्क्रीन डोर—तीसरे फेज में बनाई जा रही मेट्रो लाइन में सभी मेट्रो स्टेशन पर स्क्रीन डोर लगे हैं। मेट्रो के दरवाजों के साथ यह स्क्रीन डोर खुलेंगे और बंद होगे। ताकि किसी भी प्रकार की धक्का-मुक्की होने पर यात्री ट्रैक के ऊपर न गिरे। इसके अलावा खुदकुशी की घटनाएं भी नहीं होंगी।
चालक रहित चलेगी मेट्रो—इस लाइन पर चलने वाली मेट्रो चालक रहित होगी। इसके लिए कम्युनिकेशन बेस्ट ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (सीबीटीसी) का इस्तेमाल किया गया है। यह 15 देशों में पहले से इस्तेमाल हो रही है। इसके जरिये मेट्रो का सफर बेहद सुरक्षित होगा।
चार इंटरचेंज होंगे—इस लाइन पर यात्री चार जगह इंटरचेंज कर सकेंगे। बॉटनिकल गार्डन, कालकाजी, हौजखास और जनकपुरी पश्चिम पर इंटरचेंज की सुविधा होगी। इसके साथ ही यह लाइन डोमेस्टिक एयरपोर्ट से भी जुड़ेगी। पूरी लाइन के मार्च 2018 तक शुरु होने की संभावना है।

 

 

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