संचार सेवाओं को बढ़ाने के इरादे से इसरो लाॅन्च करेगा GSAT 7A

इसरो आज देश का 35वां संचार सेटेलाइट जीसैट-7ए (GSAT 7A) लांच कर रहा है। इसरो इसकी लॉन्चिंग आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन स्पेस सेंटर से करेगा। श्रीहरिकोटा में सतीश धवन स्पेस सेंटर में जीसैट-7ए को जीएसएलवी एफ-11 जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर आर्बिट में छोड़ेगा। सूत्रों की मानें तो जीसैट-7ए का वजन लगभग 2,250 किलोग्राम वजन है,जिसका जीवन 8 साल बताया जा रहा है।

एरियन-5 रॉकेट का प्रयोग

इस नए सेटेलाइट से 100 गीगाबाइट इंटरनेट स्पीड होगी। इससे भारत में केयू-बैंड के यूजर्स को संचार क्षमताएं मिलेगी। बताते चलें बीते 5 दिसंबर को इसरो ने भारत के सबसे भारी उपग्रह जीसैट-11 को यूरोपीय स्पेस एजेंसी के प्रक्षेपण केंद्र फ्रेंच गयाना से अंतरिक्ष के लिए रवाना किया था। इ

सको कक्षा में स्थापित करने के लिए एरियन-5 रॉकेट का प्रयोग हुआ था। यह भारत द्वारा निर्मित अब तक का सबसे भारी और शक्तिशाली उपग्रह है।

100 गीगाबाइट से ऊपर की ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी

इसरो का मानना है कि हर सेकंड 100 गीगाबाइट से ऊपर की ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी देने में सक्षम होगा। इसके साथ ही हाई क्वालिटी टेलीकॉम और डीटीएच सेवाओं में भी यह उपग्रह एक अहम भूमिका निभाएगा। इसके स्थापित होने के बाद इंटरनेट स्पीड पहले की अपेक्षा और बेहतर हो जाएगी।

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