एक दिवसीय उन्मुखीकरण Tobacco Control Workshop का आयोजन

रायबरेली। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 एम. नारायण की अध्यक्षता में एक दिवसीय उन्मुखीकरण Tobacco Control Workshop (तम्बाकू नियंत्रण) का आयोजन सूर्या होटल, सिविल लाईन्स, रायबरेली में किया गया। कार्यशाला में उपस्थित रेल विभाग, नगर निगम,नगर परिषद, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग आदि के विभिन्न कर्मियों द्वारा प्रतिभाग किया गया है। कार्यशाला में उ0प्र0 वॉलेन्ट्री हेल्थ एसोसिएशन के रीजनल कोआर्डिनेटर, पुनीत श्रीवास्तव द्वारा राज्य सरकार के सत्त प्रयासों के क्रम में जनपदों में कार्यरत जिला तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के साथ अन्य प्रशासनिक विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर जनपद को तम्बाकू मुक्त कराने के बारे में बताया गया।

पुनीत श्रीवास्तव द्वारा सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम कोटपा-2003 की जानकारी देते हुए प्रोजेक्टर द्वारा विस्तारपूर्वक तम्बाकू उत्पाद अधिनियम कोटपा-2003 का प्रभावी क्रियान्वयन किये जाने की बात पर बल दिया गया।

तम्बाकू मुक्त कराने की जिम्मेदारी

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा कार्यशाला में विभागों से आए हुए अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों को समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को पूरा करने में साझा सहयोग की बात कही गयी साथ ही तम्बाकू नियंत्रण करने हेतु अन्य विभागों की उनके स्वयं के सम्बन्धित के कार्यालयों को तम्बाकू मुक्त कराने की जिम्मेदारी का निर्वहन करने की बात कही गयी। जनपद में कार्यरत तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के द्वारा जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री की अध्यक्षता में की जाने वाली जिला स्तरीय तम्बाकू नियंत्रर्णाथ सचल दल के कार्य एवं दायित्वों के अन्तर्गत कोटपा एक्ट-2003 के प्राविघानें के प्रभावी क्रियान्वयन करने की बात पर बल दिया गया।

तम्बाकू नियंत्रण कानून का परिपालन तथा निगरानी पर चर्चा

कार्यशाला में तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के उद्देश्य उदाहरणार्थ जागरूकता, कानून का परिपालन तथा निगरानी पर विषेष चर्चा की गयी। कार्यशाला में विस्तृत रूप से तम्बाकू नियंत्रण कानून 2003 ‘‘सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद‘‘ (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) अधिनियम-2003 के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया। यह अधिनियम उन सभी उत्पादों पर लागू होता है जिनमें किसी भी रूप में तम्बाकू है जैसे-सिगरेट, सिगार, चेरूट, बीड़ी, गुटका, पान मसाला, खैनी, मावा, मिसरी, सुंघनी आदि। पुलिस अधीक्षक द्वारा जनपद में हर थाने में दो स्क्वायड टीम बनाकर थाने के अन्तर्गत आने वाले क्षेत्र में कोटपा एक्ट-2003 के अन्तर्गत धारा-4 में सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान निषेध, धारा-5 सिगरेट व अन्य तम्बाकू उत्पादों के विज्ञापन पर प्रतिबन्ध, धारा-6 नाबालिकों एवं शैक्षणिक संस्थानों के आस-पास रिगरेट व अन्य तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबन्ध, धारा-7, 8 व 10 बिना विषिष्ट स्वास्थ्य चेतावनियों के सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबन्ध हेतु कार्यवाही कर जनपद को तम्बाकू मुक्त करवाया जायेगा।

सिगरेट का चलन कोटपा-2003 के कानून की वजह

डिस्ट्रिक्ट कन्सलटेन्ट, पूनम यादव द्वारा तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के उद्देश्य तथा लक्ष्यों के बारे में सभी को अवगत कराया गया। कार्यशाला में अवगत कराया कि समाज में सिगरेट का चलन कोटपा-2003 के कानून की वजह से कम हुआ है परन्तु इस बात पर चिन्ता जाहिर की कि जन-मानस में गुटके के साथ तम्बाकू सेवन का चलन बढ़ गया है।

राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम को सुचारू रूप से जनपद में क्रियान्वित करने हेतु भारत सरकार की गाईडलाईन के अनुसार डिस्ट्रिक टोबैको सेल की स्थापना कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी, रायबरेली में की जा चुकी है। कार्यशाला के अन्त में डिस्ट्रिक्ट कन्सल्टेन्ट, पूनम यादव द्वारा कार्यशाला में आए हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सहयोग आपेक्षित होने की बात कही गयी। कार्यशाला में डा0 कृष्णा सोनकर, डा0 खालिद रिजवान अहमद अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डी0एस0 अस्थाना स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ से सोशल वर्कर एवं काउन्सलर संदीप कुमार शर्मा उपस्थित रहें।

दुर्गेश मिश्रा

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