हाथरस: लगातार हो रहे हादसों के बावजूद दो पहिया वाहन सवार हेलमेट पहनने से बच रहे हैं। यही कारण है कि ज्यादातर हादसों में हेलमेट न पहनने की वजह से भी वाहन सवारों की जान जा रही है। पंपों पर बिना हेलमेट के पेट्रोल न देने का नियम भी सख्ती से लागू नहीं हो पा रहा है।
नो हेलमेट नो पेट्रोल का नियम प्रदेश भर में लागू हो चुका है। बावजूद इसके पेट्रोल पंपों पर आज भी बिना हेलमेट के आने वालों को धड़ल्ले से पेट्रोल मिल रहा है। अगर इस नियम का सख्ती से पालन शुरू हो जाए तो भी वाहन चालकों को हेलमेट पहनने की आदत हो सकती है।
दुर्घटनाओं में मौतों का आंकड़ा कम करने और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए शासन स्तर से लगातार हेलमेट लगाए जाने के लिए वाहन चालकों को जागरूक किया जा रहा है, फिर भी बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस आंकड़े को कम करने के लिए शासन स्तर से बिना हेलमेट पेट्रोल न दिए जाने का नियम लागू किया गया था।
आदेश के बाद पेट्रोल पंप मालिकों ने अपने यहां नो हेलमेट-नो पेट्रोल के पर्चे तो चिपका दिए हैं, लेकिन असलियत में आदेश का पालन नहीं हो रहा, जबकि यह आदेश वाहन चालक और सवारों की सुरक्षा के मद्देनजर ही लागू किया गया था। तीन दिन पूर्व सादाबाद में बढ़ार चौराहे पर दुर्घटना में बाइक सवार तीन छात्राओं सहित चार लोगों की मौत के बाद भी यही बात सामने आई थी कि इन चारों में से किसी ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। अगर हेलमेट पहना होता तो शायद उनकी जान बच सकती थी।