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यहां रॉन्ग साइड ड्राइविंग की तो हमेशा के लिए ड्राइविंग लाइसेंस हो जाएगा रद्द, 10 साल की जेल भी

भारत में रॉन्ग साइड ड्राइविंग (उलटी दिशा में गाड़ी चलाना) एक बड़ी समस्या है. न सिर्फ हाईवे पर यह समस्या देखी जाती है, जहां लोग यू-टर्न खोजने के लिए कुछ किलोमीटर का सफर करने से बचने के लिए रॉन्ग साइड लेते हैं, बल्कि शहरों में भी रॉन्ग साइड ड्राइविंग बहुत आम है.

गुरुग्राम पुलिस ने कहा कि उन्होंने रॉन्ग साइड पर गाड़ी चलाने के लिए 2019 में 49,671 चालान काटे, जिनकी संख्या घटकर 39,737 हो गई है. लेकिन वे अब उन लोगों की संख्या को कम करने के लिए कड़े कदम उठा रहे हैं जो रॉन्ग साइड में गाड़ी चलाना पसंद करते हैं और हर वाहन चालक की जिंदगी को खतरे में डालते हैं.

पुलिस ने लिया सख्त फैसला

रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस अधिकारी प्रीत पाल सिंह ने कहा कि पुलिस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी. गुरुग्राम पुलिस सड़क पर रॉन्ग साइड पर गाड़ी चलाने वाले लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस को रद्द कर देगी.

पुलिस अफसर प्रीत पाल सिंह ने कहा, पुलिस कमिश्नर ने फैसला किया है कि जो भी गुरुग्राम में सड़क के रॉन्ग साइड पर गाड़ी चलाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. ट्रैफिक कर्मचारियों को ऐसे ड्राइवरों का चालान करने के साथ ही उनके लाइसेंस को निलंबित करने का भी निर्देश दिया गया है. यदि गलती दोहराई जाती है, तो इससे लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द हो जाएगा और उस व्यक्ति को लाइसेंस कभी भी जारी नहीं किया जाएगा.

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होगी 10 साल की जेल

पुलिस विभाग ने यह भी तय किया है कि अगर रॉन्ग साइड ड्राइविंग के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो आरोपी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (2) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा. इस धारा के तहत कम से कम 10 साल की जेल की सजा का प्रावधान है. गुरुग्राम पुलिस कानून का उल्लंघन करने वालों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज का भी इस्तेमाल करेगी. उन्होंने बताया, सड़कों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाती है. मैं सभी से सुरक्षा नियमों का पालन करने का अनुरोध करता हूं नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी. ये फैसला यह सुनिश्चित करने के लिए है कि लोग अपने और दूसरों को खतरे में न डालें. कई लोग लापरवाही के कारण अपनी जान गंवा देते हैं.

रॉन्ग साइड ड्राइविंग

रॉन्ग साइड पर ड्राइविंग से भारत में कई दुर्घटनाएं होती हैं. ऐसे कई लोग हैं जो कुछ मिनट या कुछ सेकंड बचाने के लिए रॉन्ग साइड ले लेते हैं. रॉन्ग साइड पर गाड़ी चलाने से सड़क पर बहुत भीड़ भी हो जाती है क्योंकि इससे ट्रैफिक की आवाजाही बाधित होती है. अतीत में, रॉन्ग साइड ड्राइविंग के कारण कई दुर्घटनाएं हुई हैं और वे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई हैं.

गुरुग्राम में प्रशासन ने ट्रैफिक की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए कुछ सड़कों को स्थायी रूप से वन-वे कर दिया है. इस वजह है इन सड़कों के आसपास समस्या और भी आम हो गई है. कानून तोडऩे वालों को नियंत्रण में रखने के लिए लाइसेंस रद्द करना एक अच्छा तरीका होगा.

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