भारत ने मिसाइल क्षेत्र में हासिल किया एक और मुकाम, एंटी-रेडिएशन मिसाइल ‘रूद्रम’ की हुई सफल टेस्टिंग

हिंदुस्तान ने मिसाइल के क्षेत्र में एक और बड़ा  मुकाम प्राप्त किया है। आज एंटी-रेडिएशन मिसाइल रूद्रम की लड़ाकू विमान सुखोई-30 से सफल टेस्टिंग की गई। इस मिसाइल को रक्षा अनुसंधान और विकास परिषद (DRDO) ने विकसित किया है। पूर्वी तट पर इस मिसाइल की टेस्टिंग हुई।

बता दें कि, ‘रूद्रम’ अपने तरह की एक भिन्न मिसाइल है। लड़ाकू विमानों मिराज 2000, जगुआर, तेजस एवं तेजस मार्क 2 को भी इस मिसाइल से लैस किया जा सकता है। इसकी टेस्टिंग के पश्चात भारतीय वायु सेना की सामरिक क्षमता में और वृद्धि हो गई है।

बता दें कि इससे पूर्व भी पिछले सोमवार को भारत ने ओडिशा तट के ह्वीलर द्वीप से सुपरसोनिक असिस्टेड रिलीज ऑफ टॉरपीडो (एसएमएआरटी) का सफल परीक्षण किया।  टॉरपीडो के रेंज से बाहर एंटी सबमरीन वॉरफेयर (एएसडब्बल्यू) अभियान में यह मिसाइल बहुत उपयोगी साबित होगी।

अब तक हुई कितनी मिसाइलों की टेस्टिंग ? जानिए 

– 7 सितंबर को हिंदुस्तान ने हाइपरसोनिक टेक्‍नोलॉजी डेमॉन्‍स्‍ट्रेटर व्‍हीकल (एचएसटीडीवी) को टेस्‍ट किया।

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– 30 सितंबर को ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल के क्रूज वर्जन को टेस्‍ट किया गया जिसकी रेंज को बढ़ाकर 400 किलोमीटर किया गया है। है.

– 3 अक्‍टूबर को 700 किलोमीटर की रेंज वाली शौर्य मिसाइल को टेस्‍ट किया गया। इसकी रेंज को बढ़ाकर 800 किमी तक किया जा सकता है।

– आगामी थोड़े दिनों में  निर्भय क्रूज मिसाइल का टेस्‍ट होना है जो कि लगभग 800 किमी रेंज वाली है। इस मिसाइल को सेना तथा नौसेना दोनों में ही सम्मिलित किया जाएगा।

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