kashi narsh family
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Property Dispute

वाराणसी। पूर्व काशी नरेश डा.विभूति नारायण सिंह के परिवार में संपत्ति बंटवारे Property dispute को लेकर घमासान मच गया है। पूर्व काशी नरेश की पुत्री राजकुमारी हरिप्रिया को परिवार में शादी के कार्ड पर राजचिह्न का प्रयोग करना भारी पड़ गया है। कुंवर अनंत नारायण सिंह ने इस मामले की शिकायत एडीजी जोन पीवी रामाशास्त्री से की जिसके बाद एडीजी के निर्देश पर रामनगर थाने में राजकुमारी हरिप्रिया के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हो गया।

काशी नरेश के बेटे व बेटी के बीच Property dispute

पूर्व काशी नरेश डा.विभूति नारायण सिंह के पुत्र कुंवर अनंत नारायण सिंह के पॉवर ऑफ अटार्नी संभाल रहे आरसी श्रीवास्तव की तहरीर पर ही थाने में मुकदमा पंजीकृत हुआ है। चर्चा है कि काशी नरेश के बेटे व बेटी के बीच संपत्ति बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है जिसके चलते परिवार में मतभेद हो गया है। पूर्व काशी नरेश की पुत्री राजकुमारी हरिप्रिया की शादी उपेन्द्र कुमार से हुई थी जो नई दिल्ली के सफदरगंज इन्क्लेव के निवासी है। हरिप्रिया रामनगर स्थित किले में ही रहती है। हरिप्रिया के ससुराल में कुछ दिन पहले शादी हुई थी। आरोप है कि शादी के कार्ड में राजचिह्न का प्रयोग किया गया था। कुंवर अनंत नारायण सिंह को जब इस बात की जानकारी हुई थी तो उन्होंने आपत्ति की थी।

ट्रेड मार्क अधिकनियम 1999

एडीजी जोन से शिकायत करने पर सीओ कोतवाली ब्रजनंदन राय को मामले की जांच सौंपी गयी थी। जांच के बाद ही रामनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। तहरीर के मुताबिक राजपरिवार का राजकीय प्रतीक चिह्न बहुत ऐतिहासिक है जो ट्रेड मार्क अधिकनियम 1999 के तहत रजिस्टर्ड है इसका उपयोग सिर्फ कुंवर अनंत नारायण सिंह ही कर सकते हैं जबकि राजकुमारी हरिप्रिया ने अपने बेटे की शादी के कार्ड में राजचिह्न का प्रयोग किया था जिसके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज हुआ है। आरसी श्रीवास्तव का कहना है कि राज परिवार का प्रतीक चिह्न केवल कंवर अनंत नारायण सिंह ही प्रयोग कर सकते हैं।

राजचिह्न के प्रयोग करने का अधिकार

राजकुमार हरिप्रिया का विवाह हो जाने के बाद राज परिवार का प्रतीक चिह्न का प्रयोग करना परिवार की परंपरा के विरुद्ध है। दूसरी तरफ राजकुमारी कृष्णाप्रिया का कहना है कि पूर्व काशी नरेश की पुत्री होने के नाते राजचिह्न का प्रयोग करने का अधिकार है। राजकुमारी हरिप्रिया ने प्रतीक चिह्न का सही प्रयोग किया है इस मामले में अधिवक्ता से राय लेकर आगे की कार्रवाई की जायेगी।

प्रमुख पर्व पर कुंवर की सवारी

बनारस के लोगों के लिए काशी नरेश का परिवार बेहद सम्मानित है। पूर्व परंपरा के अनुसार प्रमुख पर्व पर कुंवर की सवारी निकलती है ओर जनता उसी तरह सम्मान भी करती है। रामनगर का किला भी बहुत प्रसिद्ध है जिसे देखने के लिए देश व विदेश से लोग आते हैं। आधा से अधिक बनारस शहर काशी नरेश की जमीन पर ही बसा हुआ है। अभी भी काशी नरेश परिवार को इतनी संपत्ति है जितनी अन्य किसी के पास नहीं होगी।