राम नाईक जनप्रतिनिधियों के लिए गुरुकुल समान: देवेंद्र फडणवीस

मुंबई। “राम नाईक सभी जनप्रतिनिधियों के लिए जिता-जागता गुरुकुल है। जब मैं पहली बार विधायक बना था तब विधायकों के प्रशिक्षण वर्ग में उन्होंने दिए गुरुमंत्र के अनुसार मैं आज भी काम कर रहा हूँ। ऐसे विचार पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रखें। श्री राम नाईक के संस्मरणों की किताब ‘चरैवेति! चरैवेति!!’ के तमिल अनुवाद के विमोचन समारोह में देवेंद्र फडणवीस बोल रहे थे।

मुंबई के तमिल भाषिक लोगों के सामने बोलते हुए श्री फडणवीस ने आगे कहा, जनप्रतिनिधियों ने सभागृह में काम करते समय भी मन में निर्वाचन क्षेत्र का ख्याल रखना चाहिए, और वें जब निर्वाचन क्षेत्र में हो तब सभागृह का काम कैसे और सुचारू ढंग से हो सकता है इसकी कोशिश करनी चाहिए, यह श्री राम नाईक का गुरुमंत्र सब जनप्रतिनिधियों के लिए अनमोल है. ऐसी कई अनमोल बातें इस पुस्तक में है जिनसे हम सबको सीख मिल सकती है।”

“श्री राम नाईक जी की ‘चरैवेति! चरैवेति!!’ किताब उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का स्त्रोत है”, इन शब्दों में इस किताब का भारतीय जनता पार्टी – तमिलनाडु के अध्यक्ष व पूर्व भारतीय पोलिस सेवा अधिकारी श्री पी अन्नामलाई ने स्वागत किया. “ सामान्य नागरिक की छोटी सी समस्या से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पेट्रोलियम जैसे कठिन विषय के काम तक हर विषय में श्री नाईक ने उत्साह से काम किया, यह किताब पढ़ते वक्त साफ दिखाई देती है. 87 साल की उम्र में आज भी श्री राम नाईक में यह ऊर्जा देखने मिलती है. सामाजिक काम करनेवालों को यह ऊर्जा लेने के लिए राम नाईक की यह किताब पढनी चाहिए”, ऐसा भी श्री अन्नामलाई ने कहा।

मुंबई के साऊथ इंडियन एज्युकेशन सोसायटी व महाराष्ट्र तमिल फेडरेशन के द्वारा आयोजित विमोचन समारोह में मुंबई के तमिल विधायक कॅप्टन तमिल सेलव्हन ने कहा, “श्री राम नाईक का आत्मकथन मुंबई के हर एक के जीवन को छुता है. भाषा की वजह से इसमें कोई अंतर नहीं आ सकत. तमिल अनुवाद से मुंबई का हरेक तमिल खुद को जुडा पायेगा. मैंने खुद श्री नाईक के निर्वाचन क्षेत्र में तमिल लोगों के कार्यक्रम में हिस्सा लेकर राजनीतिक काम को शुरुआत की थी।”

लोगों ने मुझ पर हमेशा स्नेह, प्रेम दिया है और आज भी कर रहे है। इसलिए समाचार पत्र में विमोचित हुआ स्तंभ शृंखला की इस पुस्तक का 12 विभिन्न भाषाओँ में अनुवाद, तथा मराठी, हिंदी व अंग्रेजी में ब्रेल लिप्यांतर संभव हुआ. कृतार्थ जीवन के अनुभवों से मैं सबको सांझा कर रहा हूं.”, ऐसा मंतव्य लेखक व उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्री राम नाईक व्यक्त किया।

साऊथ इंडियन सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. व्ही. शंकर ने भी उपस्थित लोगों से व्हिडिओ द्वारा संवाद किया तथा संस्था के कोषाध्यक्ष श्री देवदास नायर ने मान्यवरों का सत्कार किया. तमिल किताब के प्रकाशक व ‘चाणक्यवार्ता’ के संपादक डॉ. अमित जैन ने उपस्थितियों का स्वागत किया. कार्यक्रम का सूत्रसंचालन भारतीय जनता पार्टी दक्षिण भारतीय प्रकोष्ठ के मुंबई के अध्यक्ष श्री मुथु कृष्णन ने किया। इस कार्यक्रम में ‘चरैवेति’ गीत श्री निलेश ताटकर ने गाया। यह जानकारी कार्यालय मंत्री विशाखा कुलकर्णी ने दी।

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