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धूमधाम से किया गया गणेश विसर्जन

बीनागंज। भगवान गणेश की स्थापना और पूजा अर्चना के बाद लोगों ने गाजे बाजे के साथ धूमधाम से आज गणेश विसर्जन किया। प्रशासन द्वारा नदियों के घाट पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गए थे। पार्वती घोड़ा पचाड़ के तमाम घाटों पर लोगों ने अपने प्रिय गणपति को अगले बरस जल्दी आने का वायदा लेकर विसर्जित किया। इस दौरान गणपति से मुराद मांगने और सेल्फी का जबरदस्त क्रेज दिखाई दिया। बीनागंज चाचौड़ा के प्रत्येक वार्ड से गणेश जी का चल समारोह दोनों नगरों में निकाला गया। चल समारोह के बाद गणेश की प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए भक्तों द्वारा घोड़ा पचाड़ घाटाखेड़ी एवं पार्वती नदी गणेश प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाया गया।

क्‍यों किया जाता है गणेश विसर्जन

गणपति या गणेश विसर्जन को लेकर कई धामिर्क और सामाजिक मान्‍ताएं प्रचलित हैं। वर्तमान में लोगों में एकता और सौहार्द बढ़ाने के लिए गणेश स्‍थापना और विसर्जन की परंपरा को फिर से शुरू किया गया। वहीं धार्मिक मान्‍यताओं के अनुसार कहा जाता है कि महर्षि वेदव्‍यास ने महाभारत की कथा सुनाने के बाद भगवान गणेश का तेज शांत करने के लिए उन्‍हें सरोवर में डुबोया था। कहा जाता है कि महर्षि वेदव्‍यास ने गणेश चतुर्थी के दिन से भगवान गणेश को महाभारत की कथा सुनानी शुरू की थी। लगातार 10 दिन तक वेदव्‍यास गणपति को कथा सुनाते रहे और गणेश जी कथा लिखते रहे जब कथा पूरी हो गई तब महर्षि वेदव्‍यास ने आंखें खोली, तो उन्होंने देखा कि अत्‍यधिक कार्य की वजह से गणेश जी का तापमान बढ़ा हुआ है. उनका तपामान कम करने के लिए महर्षि वेदव्‍यास उन्‍हें पास की नदी में ले जाकर स्‍नान कराया। उस दिन अनंत चर्तुदशी थी और तब से गणेश प्रतिमा का विसर्जन करने की परंपरा शुरू हो गई।

-: संक्षिप्त खबर :-

शासकीय महाविद्यालय में वीवीपेट का किया प्रदर्शन

मतदाता जागरूकता के अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय चाचौड़ा बीनागंज परिसर में आम नागरिकों एवं महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को वीवीपेट मशीन का प्रदर्शन कर उसके बारे में जानकारी दी गयी। इस मौके पर प्रोफेसर आर. सी. घावरी, नोडल अधिकारी दशरथ सिंह मीना, प्रोफेसर आर.पी. मीना एवं ब्लॉक समन्वयक नंदराम अहिरवार कालूराम सेन,बृजनारायण आदि की टीम ने डेमो मशीन द्वारा वीवीपेट की विस्तृत जानकारी दिया।

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विष्णु शाक्यवार
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