तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग-एफओई के केमिस्ट्री विभाग की ओर से विज्ञान और प्रौद्योगिकी के हरित आयामों पर आज मंथन करेंगे जाने-माने वैज्ञानिक और शिक्षाविद
मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग-एफओई के रसायन विज्ञान विभाग की ओर से हरित प्रौद्योगिकी-रिसर्च ट्रेंडस इन ग्रीन एसपेक्ट्स ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी-आरटीजीएएसटी पर तीसरी नेशनल कॉन्फ्रेंस हो रही है। 27 अक्टूबर को आयोजित इस ग्रीन टेक्नो 3.0 कॉन्फ्रेंस में जाने-माने वैज्ञानिक और शिक्षाविद शिरकत करेंगे। एफओई के निदेशक एवम् कॉन्फ्रेंस जनरल चेयर प्रो आरके द्विवेदी ने उम्मीद जताई है, यह कॉन्फ्रेंस साइंस और टेक्नोलॉजी के छात्रों, शोधार्थियों और फैकल्टी के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी।
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कॉन्फ्रेंस के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ वरूण कुमार सिंह ने बताया, कॉन्फ्रेंस में तीन बेस्ट ऑरल एंड पोस्टर प्रेजेंटेशन पुरस्कृत किए जाएंगे। कुलाधिपति सुरेश जैन, जीवीसी मनीष जैन और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अक्षत जैन कहते हैं, यह कॉन्फ्रेंस ग्रीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। कॉन्फ्रेंस में जाने-माने ये साइंटिस्ट पर्यावरण को संरक्षित और संवर्धित करने के अनुभव और तकनीक को साझा करेंगे। इससे न केवल टीएमयू के स्टुडेंट्स और फैकल्टी, बल्कि देशभर के स्टुडेंट्स और फैकल्टी भी अपडेट होगी।
कॉन्फ्रेंस का आगाज तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो रघुवीर सिंह प्रातः 10 बजे मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन के संग करेंगे, जबकि टीएमयू के रजिस्ट्रार डॉ आदित्य शर्मा, डीन एकेडमिक्स प्रो मंजुला जैन की भी गरिमामयी मौजूदगी रहेगी। कॉन्फ्रेंस में रिसर्च टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेट्री, एमएचएससी मुरादाबाद के जनरल मैनेजर डॉ आरके शर्मा बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित होंगे। हिन्दू कॉलेज, मुरादाबाद के बॉटनी की एचओडी डॉ अनामिका त्रिपाठी बतौर गेस्ट ऑफ ऑनर शिरकत करेंगी। कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार के शोधार्थी तीस से अधिक शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे। कॉन्फ्रेंस के कंन्वीनर डॉ गन्धर्व कांफ्रेंस की थीम और रसायन विज्ञान विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करेंगे।
उल्लेखनीय है कि आधी सदी से औद्योगिकीकरण की अंधी दौड़ में जहरीले रासायनिक पदार्थों का अत्याधिक उत्सर्जन हो रहा है। औद्योगिकीकरण की इस दौड़ में मानव समाज ने पर्यावरण को इतना प्रदूषित कर दिया है कि इसके भयानक परिणाम विभिन्न जैविक और भौतिक आपदाओं के रूप में समय-समय पर आते रहते हैं। आज समय की दरकार है कि हम विकास को प्राथमिकता तो दें, पर साथ ही साथ इस बात का ख्याल रखें कि हमारे पर्यावरण की सेहत भी अच्छी रहे, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध हवा, पानी भोजन इत्यादि उपलब्ध हो सके।
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इनके मद्देनजर इस कॉन्फ्रेंस में वैज्ञानिक पर्यावरण असंतुलन के लिए जिम्मेदार रासायनिक अभिक्रियाओं के विकल्पों पर रिसर्च पेपर्स के जरिए मंथन करेंगे। कॉन्फ्रेंस में एफआई के वाइस प्रिंसिपल डॉ पंकज गोस्वामी, सीसीएसआईटी के वाइस प्रिंसिपल डॉ आशेन्द्र कुमार सक्सेना, प्रॉक्टर राहुल विश्नोई, डॉ आरके जैन, डॉ एसपी पाण्डेय, डॉ जरीन फारूख, डॉ नवनीत कुमार के संग-संग केमिस्ट्री विभाग समेत इंजीनियरिंग कॉलेज के करीब 200 छात्र-छात्राएं मौजूद रहेंगे। संचालन इंदु त्रिपाठी करेंगी।