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धार्मिक संसद – गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी लखनऊ के तत्वाधान में आयोजित किया गया सर्वधर्म सम्मेलन

लखनऊ। गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी लखनऊ के तत्वाधान में 23 जून को प्रेस क्लब लखनऊ में सर्वधर्म सम्मेलन-धार्मिक संसद आयोजित किया गया। जिसमें सभी धर्मों के धर्म गुरूओं एवं अनुयायियों ने भाग लिया।

लखनऊ गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह बग्गा ने बताया कि इस धर्म संसद को देश और विदेश में रह रहे अल्पसंख्यक वर्गों की सुरक्षा, आत्मसम्मान, एवं स्वतन्त्र रूप से धर्म को मानने हेतु आपसी भाईचारे एवं धार्मिक सौहार्द के लिए कराया जा रहा है।

धार्मिक संसद – गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी लखनऊ के तत्वाधान में आयोजित किया गया सर्वधर्म सम्मेलन

वर्तमान में अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान में हुई सिक्ख समाज के लोगो की हत्या, ईसाई, सिन्धियों एवं हिन्दुओं का पलायन लगातार जारी है एवं आश्चर्य है कि पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान दोनों देशों का उदासीन रवैय्या है।

न केवल पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान में धार्मिक सौहार्द का हनन हो रहा है बल्कि इन दोनों देशों के कुख्यात आतंकवादी संगठन भारत में भी धार्मिक सौहार्दता को क्षति पहुचाने एवं आपसी भाईचारे को विध्वंस करने के लिए प्रयत्नशील है। जिसके कारण सभी धर्मोे के धर्म गुरूओं की नैतिक जिम्मेदारी है कि धार्मिक सौहार्द को सुदृढ़ करने के लिए कृत संकल्प रहे। इसी उद्देश्य से यह सर्वधर्म सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।

हरपाल सिंह जग्गी, महामंत्री लखनऊ गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी एवं अध्यक्ष गुरूद्वारा सदर ने अवगत कराया कि दो तीन दिन पूर्व अफगानिस्तान स्थित ‘करते परवान गुरूद्वारे’ में आतंकवादियो द्वारा हमला किया गया, जिसमें कि सिक्ख समुदाय से स. सुरविन्दर सिंह को शहीद कर दिया गया। हिन्दू एवं सिक्खों को गुरूद्वारे में बन्दी बना कर मारा पीटा गया। गुरू ग्रन्थ साहिब को अपमानित किया गया एवं गुरूद्वारे की बिल्डिंग को बम से हमला कर क्षति पहुँचाई गयी साथ में धमकी दी गयी कि हिन्दू और सिक्खों को अफगानिस्तान छोड़ कर जाना पड़ेगा या धर्म परिवर्तन करना पड़ेगा।

पूर्व में पाकिस्तान खैबर पख्तूनख्वा मीना बाजार में भी दो सिक्ख दुकानदारों की हत्या कर दी गयी एवं दोनों घटनाओं में खुरासन आतंकवादी संगठन द्वारा जिम्मेदारी ली गयी। उल्लेखनीय है कि पूर्व में पाकिस्तानी सिक्ख सांसद की भी हत्या कर दी गयी थी। अफगानिस्तान में सिक्खों के अतिरिक्त इसाईयों को भी जान से मारा गया एवं उनके ईबादतगाहों को भी क्षति पहुचाई।

इसाई महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। पाकिस्तान में सिन्ध प्रान्त में रह रहे सिन्धी भी अपने को असुरक्षित महसूस करते है एवं निरन्तर उनके ऊपर तरह-तरह के जुल्म पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों द्वारा किये जा रहे हैं। हिन्दू एवं सिक्ख कन्याओं का जबरन धर्मपरिवर्तन भी कराया जा रहा है।

प्रवक्ता सतपाल सिंह मीत ने अवगत कराया कि इस धर्म संसद का उद्देश्य देश को विदेश में घटित हुई घटनाओं से आपसी भाईचारे, धार्मिक सौहार्द का हनन न हो इस विषय में सभी धर्म गुरूओं द्वारा उनके विचारों एवं सुझावों से धार्मिक सौहार्दता को सुदृढ़ करने हेतु प्रयास किया जा रहा है। जिसमें प्रमुख रूप से मुस्लिम समाज, सिक्ख समाज, सिन्धी समाज, बौद्ध समाज एवं सनातन मठ का एक ही मत समक्ष आया कि सभी धर्मों का मानना है कि ईश्वर एक है उसको मानने का तरीका अलग है। हर व्यक्ति को अपना धर्म एवं आस्था को मानने एवं सुरक्षित रखने का अधिकार है। हर धर्म मानव धर्म को सर्वप्रिय धर्म मानते हुए सेवा संकल्प के सिद्धान्त को मानता है। भारत में अनुच्छेद 30 के अन्तर्गत अल्पसंख्यको के अधिकार एवं सुरक्षा पर विशेष महत्व दिया गया है जोकि शायद किसी देश में देखने को नहीं प्राप्त हुआ है।

सभी धर्मों के धर्म गुरूओं द्वारा लखनऊ गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी के तत्वाधान में एक ज्ञापन भारत के राष्ट्रपति को 26 जून को सौंपा जायेगा, जिसमें कि विदेश में रह रहे विशेषतौर पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों की सुरक्षा आत्मसम्मान, जान-माल को सुनिश्चित करने हेतु अनुग्रह किया गया है एवं भारत सरकार से मांग की गई है कि दोनों देशों में हुई आतंकवादी घटनाओं को अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान सख्ती से निपटे यदि ये दोनों देश अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को सुनिश्चित नहीं करते तो भारत निर्णायक भूमिका विश्व मानव अधिकार आयोग के सहयोग से निभायेगा।

इस बैठक में मुख्य रूप से मुस्लिम धर्म के सूफीयान निज़ामी, इसाई धर्म से क्राईश्च चर्च कालेज के प्राचार्य क्षेत्री जी, ब्रह्मकुमारी आध्यात्मिक केन्द्र से राधा बहन, सिन्धी समाज से मुरलीधर अहूजा, इसाई समाज से फादर डॉनल्ड, सिक्ख समाज के अनुयायी एवं गुरद्वारा प्रबन्धक कमेटी के सदस्य . तेजपाल सिंह रोमी, . दलजीत सिंह टोनी, परविंदर सिंह सदस्य अल्पसंख्यक आयोग,जसविंदर सिंह सदस्य उ0प्र0पंजाबी अकेडमी, हरपाल सिंह गुरद्वारा इन्दिरानगर, हरमिन्दर सिंह टीटू, इन्दर सिंह छाबड़ा, जसविन्दर सिंह बेदी, सुरिन्दर सिंह गोलू, परमजीत सिंह लाली, भंते ज्ञान लोक थोरो, महा बोधी सोसाइटी आफ इंडिया, लखनऊ आदि सम्मिलित थे।

रिपोर्ट – दयाशंकर चौधरी

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