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खुद टीका लगाकर गांव के सामने पेश किया मिसाल

दरभंगा। कोविड-19 से बचाव के लिए एकमात्र उपाय टीकाकरण ही है। लेकिन टीकाकरण को लेकर लोगों के मन में कई तरह की भ्रांतियां भी है। इन भ्रांतियों को दूर करने के लिए अल्पसंख्यक समुदाय की आसमा परवीन ने एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। आसमा परवीन जिले के कीरतपुर प्रखंड के नरकटिया भंडरिया पंचायत के भुभऊल ग्राम की सुरक्षा प्रहरी है। उन्होंने सामुदायिक एवं पारिवारिक दबाव को नजरअंदाज करते हुए कोरोना के विरुद्ध जंग में शामिल होकर एक जिम्मेदार प्रहरी की भूमिका अदा करने में सफ़ल हुयी है।

  • कोविड टीका महिला व पुरुष दोनों के लिए आवश्यक और सुरक्षित
  • संतान उत्पत्ति में किसी तरह का बाधक नहीं टीका

भ्रांतियों को दूर करने में मिली सफलता: आसमा परवीन ने बताया कि शुरुआत में लोगों को स्वच्छता तथा कोविड-19 से बचाव के बारे में जानकारी कम थी। इसलिए पहले उन्होंने स्वच्छता तथा कोविड-19 से बचाव को लेकर समुदाय में अलख जगाना शुरू किया। कोविड टीकाकरण की शुरुआत के बाद कई लोगों में टीके के प्रति उदासीनता भी दिख रही थी।

ऐसे में उन्होंने लोगों को टीकाकरण के फायदे के बारे में लोगों को जागरूक किया। आसमा परवीन कहती हैं कि लोगों के मन में टीके लेकर कई तरह की भ्रांतियां थी। खासकर परिवार के लोग लड़कियों को टीके दिलाने के लिए राजी नहीं थे, क्योंकि उनके मन में यह धारणा थी कि टीके लेने से लड़की कभी मां नहीं बन सकती है। तब उन्होंने लोगों को समझाया कि टीका पुरुष और महिला दोनों के लिए एक तरह से ही कार्य करता है एवं टीका दोनों के लिए सुरक्षित भी है। इन भ्रांतियों को दूर करने के लिए उन्होंने पहले ख़ुद टीका लिया एवं समुदाय को अपना उदाहरण देकर टीके की महत्ता एवं सुरक्षा पर जागरूक भी की। धीरे-धीरे लोग उनकी बातों को समझने लगे और टीके लगवाने के लिए राजी हुए।

टोले के लगभग 200 लोगों ने लगवाया टीका: आसमा के टोले के लगभग 200 लोग टीका लेने के लिए राजी किया, जिसमें 60 के आसपास लड़कियां हैं। आसमा ने उन सभी की सूची भी बना रखी थी। अपने क्षेत्र में टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए वह गांव में टीका कैंप लगवाने के लिए प्रयास किया जिसके लिए विभागीय स्तर से बात किया। अब गांव के सभी लोगों को टीका लग चुका है।

सामुदायिक बैठकों से फैलाई जागरूकता: आसमा ने बताया शुरुआत में लोगों के मन में टीकाकरण को लेकर कई तरह की भ्रांतियां थी, जिसे सामुदायिक बैठक के द्वारा दूर किया गया। लोगों को समझाया गया कि वायरस से लड़ने का एकमात्र उपाय टीकाकरण ही है। इसलिए अपना टीकाकरण जरूर करवाएं। इस वायरस से घबराने की जरूरत नहीं बल्कि लड़ने की जरूरत है। आसमा ने सामुदायिक बैठक कर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ,उलेमाओं, इमामों ,गांव के बुद्धजीवियों एवं ज़िम्मेदार लोगों के साथ लोगों को टीकाकरण के लिए जागरूक किया। साथ ही उनके द्वारा टीकाकरण की अपील भी की गई। बैठक में कोरोना टीकाकरण के फायदे एवं लोगों के सवाल जवाब के बाद उनके अंदर फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए टीकाकरण के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसका काफी असर देखने को भी मिला। जो लोग टीकाकरण नहीं करवाना चाहते थे, वे भी अब जागरूक होकर टीकाकरण के प्रति उत्साहित दिख रहे हैं।

‘‘सुरक्षाग्रह – कोविड पर हल्ला बोल” से दरभंगा सहित 5 अन्य जिलों में जागरूकता पहल शुरू

कोविड-19 की दूसरी घातक लहर को देखते हुए राज्य सरकार ने इसकी रोकथाम के लिए कई उपाय किए हैं। सरकारी प्रयासों में सहयोग देते हुए यूनिसेफ के सहयोग से दरभंगा सहित सुपौल, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, पूर्णिया और सीतामढ़ी के ग्रामीण इलाकों में ‘सुरक्षाग्रह’ पहल शुरू की है जो लगभग 36 लाख आबादी को कवर कर रही है।

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