Breaking News

‘अयोध्याः एक सुखद यात्रा’ पुस्तक श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों की यात्रा को सुखद बनायेगीः महंत नृत्य गोपाल दास

• चिरकाल से ‘अयोध्याः एक सुखद यात्रा’ पुस्तक की आवश्यकता थीः चंपत राय

• एक टूरिस्ट गाइड का काम करेगी ‘अयोध्याः एक सुखद यात्रा’: प्रो प्रतिभा गोयल

अयोध्या। डाॅ राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो प्रतिभा गोयल ने अयोध्या के मणिराम दास की छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास को ‘अयोध्याः एक सुखद यात्रा’ पुस्तक भेट की। इसके अतिरिक्त उन्होंने श्री जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय एवं नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता को भी अपनी पुस्तक भेट की।

महंत नृत्य गोपाल दास ने कुलपति द्वारा रचित पुस्तक पर साधुवाद देते हुए कहा कि अयोध्या भारतीय आध्यात्म का प्राचीनतम केन्द्र है। प्रभु श्रीराम की नगरी में लाखों-करोड़ों लोग दर्शन करने के लिए आते रहते है। इन श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों की यात्रा को सुखद बनाने के लिये अयोध्याः एक सुखद यात्रा पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी।

'अयोध्याः एक सुखद यात्रा' पुस्तक श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों की यात्रा को सुखद बनायेगीः महंत नृत्य गोपाल दास

इसके उपरांत कुलपति प्रो गोयल ने श्री जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व विधायक वेद प्रकाश गुप्ता को भी पुस्तक भेट की। महासचिव चपंत राय ने कहा कि चिरकाल से ऐसी पुस्तक की आवश्यकता रही है कि नगर के संबंध में सम्पूर्ण जानकारी एक ही स्थान पर मिल सके। निश्चित ही कुलपति द्वारा उपयोगी पुस्तक लिखी गई है। विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि इस पुस्तक में अयोध्या तथा पावन सरयू के साथ-साथ मन्दिरों, भवनों, गाढ़ियों घाटों, कुण्डों, परिक्रमाओं का महात्म्य उजागर किया गया है। सचित्र पुस्तक अयोध्या के साथ अन्य दर्शनार्थियों की आवश्यकता को पूरा करेगी।

कुलपति प्रो गोयल ने बताया कि इस पुस्तक के लिए पिता प्रेम भूषण ने प्रेरणा प्रदान की। भारतीय वसुधा के प्रत्येक भाग में अनेक ऐसे स्थल है। जहां हजारों तीर्थ यात्री एवं पर्यटक हर वर्ष यात्राएं करते है। अतिथि देवो भवः तथा अतुल्य भारत के फलस्वरूप आज समूचा विश्व भारतीय संस्कृति, कला, इतिहास तथा आध्यात्मिकता की ओर आकर्षित है।

'अयोध्याः एक सुखद यात्रा' पुस्तक श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों की यात्रा को सुखद बनायेगीः महंत नृत्य गोपाल दास

भारतीय जनमानस के मन में अयोध्या समाई हुई है। असंख्य तीर्थयात्री एवं पर्यटक अयोध्या धाम की यात्रा करके अपने को धन्य मानते है। यहां के मन्दिरों भवनों, गाढ़ियों घाटों, कुण्डों, परिक्रमाओं का बड़ा महत्व है। प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में तीर्थ यात्रियों तथा पर्यटकों की यात्रा को सुरुचिपूर्ण तथा सुगम बनाने के लिए अयोध्याः एक सुखद यात्रा नामक पुस्तक की रचना की गई है। यह निश्चित ही एक टूरिस्ट गाइड का काम करेगी।

रिपोर्ट-जय प्रकाश सिंह

About Samar Saleel

Check Also

वास्तुकला संकाय में “सोने की चिड़िया” का मंचन हुआ

• “भारत रंग महोत्सव” के 25 वें वर्ष के उपलक्ष्य में “जन भारत रंग” का ...