बुन्देलखण्ड में जय जवान जय किसान

डॉ दिलीप अग्निहोत्री
डॉ. दिलीप अग्निहोत्री

प्रधानमंत्री की बुंदेलखंड यात्रा विकास और आत्मनिर्भर भारत अभियान की दृष्टि से महत्वपूर्ण रही। इस दौरान झांसी में जय जवान और महोबा में जय किसान का उद्घोष चरितार्थ हुआ। नरेन्द्र मोदी महोबा में तीन हजार दो सौ चौसठ करोड़ रुपये से अधिक लागत की नौ विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया। दो हजार छह सौ करोड़ रुपये से अधिक लागत की अर्जुन सहायक परियोजना सहायक सिंचाई परियोजनाओं में भवानी बांध परियोजना, रतौली बांध परियोजना एवं मसगांव चिल्ली स्पिंरकलर सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि बुन्देल,परिहार और चंदेल राजाओं के काल में यहां ताल तालाब बनवाये गए थे। वह जल संरक्षण का एक उदाहरण है। सिंध, बेतवा,धसान,केन और नर्मदा जैसी नदियां यहां है। पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यपद्धति के कारण अर्जुन सहायक परियोजना वर्षों तक अधूरी पड़ी रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रदेश में सरकार बनने के बाद इस परियोजना को पूरा किया गया। मसगांव।चिल्ली स्प्रिंकलर योजना जैसी आधुनिक तकनीक से सिंचाई की सुविधा बढ़ेंगी।

केन बेतवा लिंक का समाधान भी सभी पक्षों से संवाद कर केन्द्र सरकार ने निकाला। केन बेतवा लिंक से यहां के लाखों किसानों को लाभ मिलेगा। केन्द्र सरकार ने बीज से लेकर बाज़ार तक हर स्तर पर किसानों के हित में भी कदम उठाए हैं। बीते सात वर्षों में साढ़े सोलह सौ से अधिक अच्छी क्वालिटी के बीज तैयार किए गए हैं। इनमें से अनेक बीज कम पानी में अधिक पैदावार देते हैं। बुन्देलखण्ड की मिट्टी के अनुकूल मोटे अनाज, दलहन और तिलहन पर विशेष फोकस किया जा रहा है। विगत वर्षों में दलहन और तिलहन की रिकॉर्ड खरीद की गई है। सरसों,मसूर जैसी अनेक दालों के लिए चार सौ रुपए प्रति कुन्तल तक न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया गया है।

देश को खाद्य तेल में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय मिशन शुरु किया गया है। इससे विदेश से खाद्य तेल के आयात पर हर वर्ष व्यय होने वाले अस्सी हजार करोड़ रुपए देश के किसानों के पास आएंगे। किसान सम्मान निधि के अन्तर्गत अब तक एक लाख बासठ हजार करोड़ रुपए सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे गए हैं। छोटे किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा से जोड़ा गया है। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस वे और उत्तर प्रदेश डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर यहां के विकास को बुलंद करेंगे। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अर्जुन सहायक परियोजना महोबा,बांदा तथा हमीरपुर की लगभग ढाई लाख एकड़ भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी।

चार लाख जनता को पेयजल उपलब्ध होगा। विगत सात वर्षों में बारह सिंचाई परियोजनाएं पूर्ण की गईं। हर घर नल परियोजना को लागू किया गया। रानी लक्ष्मी बाई की जन्म जयंती पर उनके महल से जय जवान का नारा गुंजा। नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय रक्षा समर्पण पर्व पर तीनों सेनाओं को देश में ही डिजाइन और विकसित हथियार सौंपे। इसमें सबसे प्रमुख स्वदेश निर्मित लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर एलसीएच है। स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए चार सौ करोड़ रुपये की उत्तर प्रदेश रक्षा उद्योग गलियारा परियोजना का भी शिलान्यास किया। यह परियोजना भारत डायनेमिक लिमिटेड को सौंपी गई है। इसके अंतर्गत टैंकरोधी लक्षित मिसाइलों का उत्पादन संयंत्र तैयार किया जाएगा।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि लंबे समय से भारत को दुनिया के सबसे बड़े हथियार खरीदार देशों में गिना जाता रहा है। आज देश का मंत्र मेक इन इंडिया मेक फॉर वर्ल्ड है। भारत अपनी सेनाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रहा है। सेनाओं की ताकत बढ़ने के साथ ही भविष्य में देश की रक्षा के लिए सक्षम युवाओं के लिए जमीन भी तैयार हो रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दावा किया कि जल्दी ही नब्बे प्रतिशत रक्षा उपकरण भारत में ही बनने लगेंगे। एलसीएच दुनिया का एकमात्र अटैक हेलीकॉप्टर है जो हथियारों और ईंधन के काफी भार के साथ पांच मीटर की ऊंचाई पर लैंडिंग और टेक ऑफ कर सकता है। हेलीकॉप्टर बीस एमएम बुर्ज गन,सतत एमएम रॉकेट लॉन्चिंग सिस्टम, एयर टू ग्राउंड और एयर टू एयर लॉन्चिंग मिसाइल सिस्टम से लैस है। एलसीएच दो इंजन वाला हेलीकॉप्टर पांच से आठ टन वर्ग का लड़ाकू हेलीकॉप्टर है।

एलसीएच में प्रभावी लड़ाकू भूमिकाओं के लिए उन्नत तकनीकों और चुपके सुविधाओं को शामिल किया गया है। इसे दुश्मन की वायु रक्षा,काउंटर विद्रोह, खोज और बचाव,टैंक विरोधी, काउंटर सर्फेस फोर्स ऑपरेशंस इत्यादि जैसी भूमिकाओं को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है। प्रधानमंत्र ने नौसेना प्रमुख करमबीर सिंह को एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट शक्ति सौंपा। इसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन डीआरडीओ की हैदराबाद में स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स अनुसंधान प्रयोगशाला डीएलआरएल ने डिजाइन और विकसित किया है। यह प्रणाली भारतीय नौसेना की पिछली पीढ़ी के ईडब्ल्यू सिस्टम की जगह लेगी। मिसाइल हमलों के खिलाफ भारतीय नौसेना के जहाजों की रक्षा के लिए इस सिस्टम को वाइडबैंड इलेक्ट्रॉनिक सपोर्ट मेजर्स ईएसएम और इलेक्ट्रॉनिक काउंटर मेजर ईसीएम के साथ एकीकृत किया गया है।

शक्ति ईडब्ल्यू प्रणाली समुद्री युद्ध के मैदान में आधुनिक रडार और जहाज-रोधी मिसाइलों के खिलाफ रक्षा की एक इलेक्ट्रॉनिक परत प्रदान करेगी। पहली शक्ति प्रणाली आईएनएस विशाखापत्तनम पर स्थापित की गई है और इसे स्वदेशी विमान वाहक आईएनएस विक्रांत पर भी स्थापित किया जा रहा है। वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल चंडी प्रसाद मोहंती को स्वदेश में विकसित स्विच वन यूएवी ड्रोन सौंपा। यह भारत की सीमाओं पर निगरानी के लिए कठोर वातावरण और उच्च ऊंचाई के तहत भारतीय सेना के सबसे अधिक मांग वाले निगरानी अभियानों का समर्थन करेगा। स्वदेश में विकसित एमआर ट्वेंटी हेक्साकॉप्टर ड्रोन भी सौंपा गया। इससे आगे के क्षेत्रों में ऊंचाई पर तैनात सैनिकों को सुविधा पहुंचाई जाएगी।  प्रधानमंत्री ने झांसी किला परिसर कार्यक्रम में तीन हजार चार सौ पच्चीस करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

उन्होंने उत्तर प्रदेश डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के झांसी नोड में भारत डायनामिक्स लिमिटेड द्वारा स्थापित की जा रही रक्षा उपकरण इकाई तथा छह सौ मेगावॉट अल्ट्रा मेगा सोलर पावर पार्क, झांसी का शिलान्यास किया वर्तमान समय में भारत सत्तर देशों में रक्षा उपकरण निर्यात करने का कार्य कर रहा है। देश की रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जो दो डिफेंस कॉरिडोर स्वीकृत हुए थे। उनमें से एक उत्तर प्रदेश को दिया है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि झांसी में एक हजार चौतीस हेक्टेयर का लैण्ड बैंक है। जिससे अब तक छह सौ करोड़ से अधिक का प्रस्तावित निवेश हमें प्राप्त हुआ है। अब तक चित्रकूट में एक सौ एक,हेक्टेयर,कानपुर में एक सौ चौरासी,हेक्टेयर, अलीगढ़ में इक्यासी हेक्टेयर और लखनऊ में अस्सी हेक्टेयर लैण्ड बैंक सुरक्षित रखा गया है।

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