कोविड संक्रमण से उबर चुके लोग दिल की सेहत का रखें ध्यान

• रक्तचाप तथा शुगर को रखें नियंत्रित, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं
• ह्रदय रोगी कोविड संक्रमण से बचाव के लिए कराएं टीकाकरण
• फाइबर और प्रोटीन सामग्री, फल और सब्जियों का करें सेवन

गया। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए गंभीर रोगों जैसे ह्रदय, उच्च रक्तचाप, मधुमेह से पीड़ित लोगों का टीकाकरण किया जाना आवश्यक है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी जिला में कोविड टीकाकरण अभियान के दौरान गंभीर रोगों से पीड़ित लोगों को टीकाकरण के महत्व पर सजग किया गया है. ऐसा देखा गया है कि इन गंभीर रोगों से पीड़ित लोग कई बार टीकाकरण को लेकर अनावश्यक रूप से आशंकित व डरे होते हैं. उनके मन में टीकाकरण से स्वास्थ्य के बिगड़ने का डर रहता है.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बिना किसी प्रकार की आशंका व भय के गंभीर रोग से पीड़ित लोगों को अपना कोविड टीकाकरण करवाना चाहिए. टीकाकरण सुरक्षित और असरदार है और कोविड संक्रमण के जोखिम को कम करने में मददगार है.

वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा कोरोना संक्रमित हुए लोगों को दिल के स्वास्थ्य का बेहतर ध्यान रखने की सलाह भी दी गयी है. कोरोना संक्रमण से उबर चुके लोगों को लंबे समय में ह्रदय संबंधित रोगों का खतरा होता है. कोविड संक्रमण से उबरने के बाद मरीजों में हृदय संबंधी समस्याएं देखने जैसे सांस लेने में तकलीफ, सीने में जकड़न और दर्द, दिल का दौरा व सूजन सहित हृदय के रक्त संचार क्षमता में कमी आदि देखने को मिले हैं. कोविड संक्रमण से उबरने के बाद दिल की सेहत का ख्याल रखना महत्वपूर्ण है.आईसीएमआर ने दिल की सेहत के लिए दी सलाह: इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक कोविड 19 से पीड़ित 80 प्रतिशत लोगों में सांस संबंधी संक्रमण के हल्के लक्षण होते हैं जो पूरी तरह से ठीक भी हो जाते हैं. लेकिन वे लोग जिन्हें मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग, जिसमें ह्रदयघात वाले लोग भी शामिल हैं, ऐसे लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है. आईसीएमआर के मुताबिक कोविड काल में दिल को स्वस्थ रखने के लिए जीवनशैली को सेहतमंद रखें. धूम्रपान और शराब के सेवन से दूर रहें. यदि शुगर और रक्तचाप की समस्या है तो इसके नियंत्रण के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि करते रहें. ध्यान रखें कि सामाजिक दूरी के मानदंडों के अनुसार ही आउटडोर गतिविधियों में बदलाव करें. नमक के अधिक सेवन और तैलीय खाद्य पदार्थों से परहेज करें. भोज्य पदार्थ में फाइबर और प्रोटीन सामग्री और फल और सब्जियों का सेवन अधिक करें. हृदय के मरीज यदि अधिक थकान महसूस करें तो चिकित्सक की तुरंत सलाह लें.

ह्रदय रोग से जुड़े लक्षणों की रखें जानकारी: सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के मुताबिक ह्रदय रोग से संबंधित लक्षणों की जानकारी रखना आवश्यक है. कई बार रोगी को हृदयाघात या इससे जुड़ी समस्याएं सामने आने पर ही ह्रदय रोग होने का पता चल पता है. रोगी को स्वयं इस बात की जानकारी नहीं हो पाती कि वह हृदय संबंधी समस्या का सामना रहे हैं. इसलिए ह्रदय रोग से जुड़े लक्षणों की जानकारी होना महत्वपूर्ण है. हृदयाघात के लक्षणों में सीने में दर्द या तेज जलन, अपच की शिकायत, शरीर के ऊपरी हिस्से में बेचैनी तथा सांस लेने में समस्या आदि की शिकायत होती है. स्वस्थ हृदय के लिए उच्च रक्तचाप तथा उच्च कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखना महत्वपूर्ण है. ये दोनों दिल की समस्या को बढ़ाते हैं. वैसे मरीज जो डायबिटीज, मोटापा, गलत खानपान व शारीरिक गतिविधि कम होना तथा शराब के सेवन के आदि है उन्हें हृदयाघात का जोखिम अधिक है.

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