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जन्म जयंती पर लाल जी टण्डन का स्मरण

डॉ. दिलीप अग्निहोत्री

लाल जी टण्डन अपने दायित्व के चलते लखनऊ के बाहर भी रहते थे,अनेक जगह उनके प्रवास होते थे। वह बिहार व मध्य प्रदेश के राज्यपाल रहे। संवैधानिक दायित्व के अनुसार तब वह इन्हीं प्रदेशों के होकर रहे। कुशलता पूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वाह किया। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रोचक प्रसंग सुनाया। तब लाल जी टण्डन बिहार के राज्यपाल थे।

योगी आदित्यनाथ श्री राम जानकी विवाह समारोह में सम्मलित होने बिहार गए थे। पटना राजभवन में उन्होंने रात्रि विश्राम किया था। तब वार्ता के दौरान टण्डन जी ने कहा था कि उनका लखनऊ के बाहर कहीं मन नहीं लगता है। लेकिन वह सौपे गए दायित्व से पीछे भी नहीं हटते है। क्योंकि वह पलायनवादी नहीं है। उनकी जन्मजयंती पर लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री ने चौक स्टेडियम स्थित नवनिर्मित ‘लालजी टण्डन बहुउद्देशीय हाल’ का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया। इसके अलावा उन्होंने दुबग्गा से चौक चौराहे तक सड़क का नामकरण लालजी टण्डन मार्ग तथा चौक चौराहे का नामकरण लालजी टण्डन चौराहा किया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह आजीवन एक ही विचारधारा, मूल्य व सिद्धान्तों पर अडिग रहे। वह अपनी विचारधारा व सिद्धान्तों से इतर अन्य विचारों का भी सम्मान करते थे। एक अभिभावक के तौर पर सबके प्रति सहयोगी रवैया अपनाते थे। यही कारण है कि प्रदेश के सभी दलों के लोग उनका सम्मान करते थे।

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वह लखनऊ के बारे में एक चलता फिरता पुस्तकालय थे। लखनऊ के व्यवसाय,राजनीति, विकास एवं समाज दर्शन के सम्बन्ध में उनकी समग्र सोच थी। लखनऊ के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। लाल जी टण्डन बहुउद्देशीय हाॅल में एक हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था है। यह प्रदेश का पहला ऐसा बहुउद्देशीय हाॅल है,जहां बाॅक्सिंग सहित सभी इण्डोर गेम्स की सुविधा उपलब्ध है।

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