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ढाई हजार आशा कार्यकर्ता दस्तक अभियान के तहत संचारी रोगों पर फैला रहीं जागरूक

अब तक 2521 आशाओं के माध्यम से ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति की 560 बैठक, 15010 घरों का भ्रमण, 1152 मातृ बैठक, ए.ई.एस. चर्चा के लिए 845 वी.एच.एन.डी. दिवस, 4264 क्लोरीनेशन डेमो, और 532 एन.जी.ओ. बैठक और चार जनपद स्तरीय समन्वयक बैठक आयोजित की जा चुकी हैं।

सुल्तानपुर। जिले में 2 से 30 अप्रैल तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है । इसके तहत, 15 अप्रैल से घर-घर दस्तक अभियान शुरू हो चुका है। दस्तक अभियान में आशा कार्यकर्त्ता घर-घर जा कर लोगों को संचारी रोगों से बचने के उपाय और रोगों की रोकथाम के लिए जागरूक कर रही हैं।

ढाई हजार आशा कार्यकर्ता दस्तक अभियान के तहत संचारी रोगों पर फैला रहीं जागरूक

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.के.त्रिपाठी ने बताया कि दस्तक अभियान में जिले की दो हज़ार पांच सौ इक्कीस आशा कार्यकर्ता लगाई गई हैं। सभी अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जा कर संचारी रोगों के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही बुखार के मरीज़, कोविड और टी.बी. के संभावित मरीजों और कुपोषित बच्चों की लाइन लिस्टिंग भी कर रही हैं।

लोगों को जागरूक करने के साथ ही बुखार के मरीज़, कोविड और टी.बी. के संभावित मरीजों कीं लिस्टिंग 

तैयार सूची को ए.एन.एम. के माध्यम से मुख्यालय पर भी भेजा जा रहा है। यदि कोई टी.बी. या कोविड का संभावित मरीज़ मिलता है तो उसकी जांच व उपचार शुरू करवाया जा रहा है। कुपोषित बच्चा मिलने पर चिकित्सीय जांच के आधार पर यदि आवश्यक होता है तो जिला कार्यक्रम प्रबंधक के माध्यम से बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा जायेगा।

टी.बी. या कोविड का संभावित मरीज़ मिलता है तो उसकी जांच व उपचार शुरू करवाया जा रहा है।

जिला मलेरिया अधिकारी बंशी लाल ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को दस्तक अभियान के तहत और भी ज़िम्मेदारी दी गई हैं। आशा अपने क्षेत्र में संचारी रोगों पर जागरूकता के लिए मातृ बैठक, ए.ई.एस. चर्चा (एक्यूट इन्सेफ्लाईटिस सिंड्रोम) और एन.जी.ओ. से मीटिंग भी करेंगी। उन्होंने कहा कि जब आशा आपके घर आए तो उन्हें अपने लक्षणों के बारे में सही जानकारी दे, ताकि आसानी से बीमारी चिन्हित की जा सके। दस्तक अभियान में आशा कार्यकर्त्ता घर-घर जा कर लोगों से खांसी, जुखाम, बुखार के साथ ही कोविड और टी.बी. के लक्षणों से जुड़े सवाल पूछ रही हैं और से पीड़ितों की जानकारी कर रही हैं।

जागरूकता के लिए मातृ बैठक, ए.ई.एस. चर्चा और एन.जी.ओ. से मीटिंग भी करेंगी आशा कार्यकर्ता

डी.एम.ओ. ने बताया कि अब तक 2521 आशाओं के माध्यम से ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति की 560 बैठक, 15010 घरों का भ्रमण, 1152 मातृ बैठक, ए.ई.एस. चर्चा के लिए 845 वी.एच.एन.डी. दिवस, 4264 क्लोरीनेशन डेमो, और 532 एन.जी.ओ. बैठक और चार जनपद स्तरीय समन्वयक बैठक आयोजित की जा चुकी हैं। इसके साथ ही 96 लोगों की फ़ीवर ट्रेकिंग, लक्षण के आधार पर16 की जांच में सभी निगेटिव मिले, 34 आई.एल.आई. के और 5 टी.बी. के मरीज़ चिन्हित किये गए। जिनकी उपचार की कार्यवाही सम्बंधित नोडल की ओर से करवाई जा रही है। सर्वे में 4 कुपोषित बच्चे चिन्हित हुए जिनकी जानकारी सम्बंधित अधिकारी को देकर बच्चों का उपचार व पोषाहार दिया जा रहा है।

रिपोर्ट-शिव प्रताप सिंह सेंगर

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