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पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समर्थ, समृद्ध व आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हो रहा: डॉ. दिनेश शर्मा

लखनऊ। उपमुख्यमंत्री डा दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समर्थ, समृद्ध व आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हो रहा है। देश हर क्षेत्र में सफलता की नई बुलंदियों को छू रहा है। एक ऐसे भारत का निर्माण हो रहा है जहां जनता के कल्याण और राष्ट्र गौरव के कार्य ही मुख्य लक्ष्य है। आज दुनिया के अन्य देश भी भारत की सामर्थ्य का लोहा मान रहे हैं। केंद्र की प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के सात साल आजाद भारत के इतिहास का वह स्वर्णिम समय है जिसमें जनता की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के साथ ही न्यू इंडिया की परिकल्पना को पूरा करने की दिशा में कदम आगे बढे हैं।

 कोरोना नियंत्रण में निगरानी समितियों की अहम भूमिका

देश में तेजी से हुए डिजिटलीकरण ने दूरियों को कम करने के साथ ही काम की रफ्तार को गति दी है। योजनाओं का लाभ आम जनमानस तक बिना किसी भेदभाव के पहुच रहा है। केन्द्र सरकार के सात साल पूरा होने पर आयोजित सेवा ही संगठन कार्यक्रम के दौरान बख्शी का तालाब विधानसभा के ग्राम कुम्हरावां और जमखनवा के ग्रामीणों से वर्चुअल  संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि जो काम करीब 70 साल में नहीं हुआ उसे करने का कार्य मोदी सरकार ने किया है।

उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि गांव में बिजली से लेकर गैस, लोगों को मकान, घरों में शौचालय जैसी तमाम मूलभूत सुविधाएं देकर लोगों के जीवन को सरल बनाया गया है। किसानों को सम्मान निधि देकर खेती की परेशानियों को दूर किया गया है। कोरोना जैसी महामारी के प्रकोप को सीमित रख कर दुनिया को नई राह दिखाई गई है। लोगों को कोरोना से सुरक्षित करने के लिए वैक्सीनेशन चल रहा है।


देश में  तेजी से बढ रहा है वैक्सीन का उत्पादन

उपमुख्यमंत्री ने कहा देश में वैक्सीन का उत्पादन तेजी से बढ रहा है। 13 उत्पादन वैक्सीन का उत्पादन कर रहे हैं। आगामी दिसम्बर तक देश में वैक्सीन के 19 उत्पादक हो जाएंगे तथा दिसम्बर तक 257 करोड़ डोज का उत्पादन होने की आशा है। जॉनसन एंड जॉनसन तथा नोवोवाक्ष भारतीय उत्पादकों को तकनीक देने की प्रक्रिया में हें। भारत ने दुनियाभर के लोगों के जीवन को सुरक्षित करने के लिए  वैक्सीन देने की अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है।

अस्पतालों में लगाए जा रहे हैं 1500 ऑक्सीजन संयंत्र

डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि कोरोना संक्रमण के उपचार के लिए प्रयोग में आने वाली दवाओं के उत्पादन को बढ़ाने के साथ ही नई यूनिट भी लगाई हैं। रेमडेसिवीर का उत्पादन करीब 10 गुना बढा है। इसी प्रकार टोसिलीज़ुमाब का उत्पादन भी 20 गुना बढा है। ब्लैक फंगस की दवा की उपलब्धता भी बढ़ाई जा रही है। देश में उपचार के लिए ऑक्सीजन की उपलब्धता भी तेजी से बढ़ी है। पीएम केयर्स के तहत देशभर में 1500 ऑक्सीजन संयंत्र अस्पतालों में लगाए जा रहे हैं।

अनाथ हुए बच्चें के सुरक्षित भविष्य के लिए सरकार ने चलाई योजनाएं

डॉ. दिनेश शर्मा कहा कि इस बीमारी में कुछ बच्चों ने अपने माता पिता को खोया है यह दुखद है। सरकार का मानना है कि बच्चे ही देश का भविष्य हैं इसलिए दोनो ही सरकारों ने इन बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए योजनाएं आरंभ की हैं। केन्द्र सरकार की ऐसी एक योजना में बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा, इलाज की सुविधा, 18 वर्ष का होने पर मासिक आर्थिक सहायता, 23 वर्ष की उम्र पर दस लाख की मदद शामिल है। इस क्रम में प्रदेश की सरकार ने कोविड–19 के कारण अनाथ हुए बच्चों की देखभाल हेतु उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की घोषणा की है। ऐसे बच्चे जिन्होंने कोविड–19 के कारण अपने  माता–पिता दोनों खोए हैं अथवा यदि उनमें से एक ही जीवित थे तो उन्हें अथवा यदि माता-पिता दोनों नहीं है तो लीगल गार्जियन को खो दिया हो और जो अनाथ हो गए हों को इस योजना में शामिल किया जाएगा।अनाथ हुए बच्चों की देखभाल हेतु प्रदेश सरकार 4000 रुपए प्रतिमाह प्रति बच्चे की दर से वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। 10 वर्ष से कम आयु के ऐसे सभी बच्चे जिनके गार्जियन एक्सटेंडेड फैमिली नहीं हैं को प्रदेश सरकार द्वारा भारत सरकार की सहायता से अथवा अपने संसाधनों से संचालित राजकीय बाल गृह में आवासित किया जाएगा तथा उनकी देखभाल की जाएगी। अवयस्क बच्चियों की देखभाल एवं उनकी शिक्षा–दीक्षा के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अथवा राज्य सरकार द्वारा संचालित 13 राजकीय बाल गृह अथवा स्थापित किए जा रहे 18 अटल आवासीय विद्यालयों में रखकर उनकी देखभाल की जाएगी। ऐसी सभी अनाथ बालिकाओं के विवाह हेतु प्रदेश सरकार 1 लाख एक हजार रुपए की राशि उपलब्ध कराएगी। स्कूल अथवा कॉलेज में पढने वाले अथवा व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण कर रहे ऐसे सभी अनाथ बच्चों को नि:शुल्क टैबलेट लैपटॉप की सुविधा उपलब्ध कराएगी।

कोरोना नियंत्रण में निगरानी समितियों की अहम भूमिका

डॉ. शर्मा ने कहा कि इन योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाई जाए जिसे वह इनका लाभ ले सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनता और सरकार के सामूहिक प्रयासों से कोरोना पर जीत मिलेगी। एक बार फिर से जनजीवन सामान्य हो सकेगा। उत्तर प्रदेश की सरकार लोगों की परेशानियों को कम करने की दिशा में कार्यरत है। सरकार ने कोरोना को चुनौती के रूप में लिया है। केन्द्र व राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश में कोरोना के असर को कम किया जा सका है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में 3 टी सरकार का मूल मंत्र रहा है। 3 टी का अर्थ ट्रेस, टेस्ट व ट्रीट है जिसके चलते प्रदेश में कोरोना संक्रमण तेजी से घटा है। उन्होंने कहा कि एक भी जान बहुत कीमती है तथा सरकार ने जनहानि को कम करने की भरसक कोशिश की है। इसके सकारात्मक परिणाम भी रहे हैं। यह इसलिए संभव हुआ है क्योंकि गांव के लोगों ने गावों में कोरोना को आने ही नही दिया।
मेरा गांव कोरोना मुक्त गांव के लक्ष्य को हासिल करने  की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें निगरानी समितियों की अहम भूमिका है। समितियों के सदस्य बाहर से आए लोगों का चिन्हीकरण कर उन पर निगाह रखें। गांव में कोरोना के लक्षण वाले लोगों का सर्वे करे व उन्हें सरकार की ओर से दी जा रही मेडिकल किट दें। सरकार ने कोरोना के कारण जीवन खो रहे लोगों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए भी व्यवस्था की है। कोई भूखा नहीं रहे इसके लिए फ्री राशन वितरण कराया जा रहा है। गरीबों और जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी श्रेणी के राशन कार्ड धारकों को 03 माह के लिए प्रति यूनिट 03 किलो गेहूं तथा 02 किलो चावल नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में दैनिक रूप से कार्य कर अपना जीविकोपार्जन करने वाले परम्परागत कामगारों को एक माह के लिए 1000 रुपए का भरण–पोषण भत्ता मिलेगा।

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