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शिक्षा के साथ समाज सेवा का संदेश

डॉ. दिलीप अग्निहोत्री

राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल विश्वविद्यालयों की समीक्षा के दौरान व्यापक दिशा निर्देश देती है। इसमें शिक्षा व्यवस्था के परिस्थिति के अनुरूप सुचारू संचालन व समाज सेवा के विषय शामिल होते है। कोरोना संकट से शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा को प्रोत्साहन दिया गया।

आनन्दी बेन प्रारंभ से ही ऑनलाइन शिक्षा के लिए शिक्षकों व विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देती रही है। उनका मानना है कि पढ़ाई के साथ ही मार्कशीट,डिग्री आदि हासिल करने में विद्यार्थियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही विश्विद्यालयों व महाविद्यालयों को समाज सेवा के कार्यों में भी सक्रिय सहयोग करना चाहिए। इस प्रकार राज्यपाल शिक्षण संस्थानों को आंतरिक व्यवस्था के सुधार के साथ ही बाहरी क्षेत्र में सकारात्मक भूमिका के निर्वाह का आह्वान करती है।

शैक्षणिक कलेंडर

कोरोना के कारण शिक्षा व परीक्षा के कार्य बाधित हुए है। सरकार ने इसके दृष्टिगत महत्वपूर्ण निर्णय लिए है। इस बात की चिंता की गई कि विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबन्धी परेशानी ना हो,साथ ही उनको शिक्षा के संबन्ध में नुकसान ना उठाना पड़े। इस कारण शैक्षणिक सत्र को नियमित रखना भी संभव हुआ है। कुलाधिपति ने कहा कि शैक्षिणक सत्र को नियमित एवं सुचारू रूप से चलाने हेतु एकेडमिक कैलेंडर तैयार कर समय सारणी जारी किया जाए। नयी शिक्षा नीति को भी विश्वविद्यालय में लागू करें। राज्यपाल ने आगामी योग दिवस एवं वृक्षारोपण महाभियान के लिये कार्य योजना बनाकर राजभवन को यथाशीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

महिला सशक्तिकरण

आनंदी बेन बालिकाओं की शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर सदैव जोर देती है। इसमें शिक्षण संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर सकते है। उनको शिक्षा के साथ ही जागरूकता कार्यक्रमों का भी संचालन करना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने महिला अध्ययन केन्द्रों के माध्यम से महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिये महिला उद्यमिता विकास,स्वास्थ्य एवं पोषण, गर्भ संस्कार, महिला उत्पीड़न जैसे कार्यक्रमों को प्राथमिकता से संचालित करें। जिससे महिलायें जागरूक हो तथा आत्मनिर्भर बन सकें।

आनंदीबेन पटेल ने राजभवन से ऑनलाइन छत्रपति शाहूजी महाराज कानपुर विश्वविद्यालय,कानपुर तथा वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर की समीक्षा बैठक में कुलपतियों को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जागरूकता कार्यक्रम विश्वविद्यालय आंगनबाड़ी तथा आशा बहुओं के साथ मिलकर विश्वविद्यालय तथा सम्बद्ध महाविद्यालयों के आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में चलाये जाय, जिसमें नव निर्वाचित महिला ग्राम प्रधानों को भी शामिल करें ताकि उन्हें भी ग्रामीण क्षेत्रों के लिये सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी हो सकें। राज्यपाल जी ने कहा कि महिला ग्राम प्रधानों को आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक विद्यालयों तथा क्षयरोग के निवारण हेतु सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं की भी जानकारी दें ताकि वे ग्राम सभा में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से कुपोषण तथा क्षयरोग जैसी बीमारियों के निवारण में अपना सक्रिय सहयोग दे सकें।

राज्यपाल ने कहा कि कोविड महामारी का प्रकोप अभी समाप्त नहीं हुआ है इसकी तीसरी लहर आने की सम्भावना व्यक्त की जा रही है जो कि बच्चों के लिये खतरनाक साबिप हो सकती है। ऐसी दशा में विश्वविद्यालय महामारी से बचाव के लिये जागरूकता एवं कोविड टीकाकरण के लिये विश्वविद्यालय के एन.सी.सी तथा एन.एस.एस के माध्यम से ग्राम प्रधानों तथा ग्रामीण महिलाओं को भी जागरूक करें उन्हें टीकाकरण के साथ साथ बचाव के एहतियाती उपायों की भी जानकारी दें।

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