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कोरोना में माता-पिता को खोने वाले बच्चों का सीडीओ ने जाना हाल

• बच्चों से कहा, किसी प्रकार की कोई समस्या होने पर कभी भी कर सकते है काल

वाराणसी। मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने कोरोना काल में माता-पिता दोनों को खो देने वाले बच्चों से गुरुवार को विकास भवन सभागार में मुलाकात कर उनका हाल जाना। ये सभी बच्चे पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन स्कीम के तहत लाभान्वित हो रहे हैं। इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधाकर शरण पांडे, बाल संरक्षण अधिकारी निरुपमा सिंह, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी नम्रता श्रीवास्तव, मंडलीय बाल संरक्षण सलाहकार रिजवाना परवीन, राजकुमार तथा विजय उपस्थित रहे।

जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधाकर शरण पांडे ने मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराया कि जनपद में पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना के तहत कुल 8 बच्चे लाभान्वित किए जा रहे, सभी बच्चो के खाते में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा दस लाख रुपए जमा हुए हैं। जोकि उन्हें 23 वर्ष पूर्ण होने के पश्चात मिलेंगे तथा 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर बच्चों को स्टाइपेंड मिलना शुरू हो जाएगा। जनपद के दो बच्चे जिन्होंने 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर लिया है उनको 5500 रुपए प्रतिमाह मिलना शुरू हो गया है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा कक्षा 12 तक की शिक्षा प्राप्त कर रहे सभी बच्चों को ₹20000 वार्षिक धनराशि उनके खाते में भेजी जा रही है। जिससे वह अपने लिए यूनिफॉर्म, जूते, बैग इत्यादि क्रय कर सकें।भारत सरकार से सभी बच्चो को आयुष्मान हेल्थ कार्ड प्राप्त हुआ है जिससे वे 5 लाख तक का इलाज करा सकते हैं, साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत कक्षा 12 तक की शिक्षा प्राप्त कर रहे 6 बच्चो को 4000 प्रतिमाह की धनराशि उनकी शिक्षा हेतु भेजी जा रही हैं दो बच्चे जिन्होंने 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है। उन्हें मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य के तहत 2500 रूपए प्रतिमाह से लाभान्वित किया जा रहा है। 5 बच्चों को मुख्यमंत्री #बाल_सेवा_योजना के तहत लैपटॉप दिया गया है। राजस्व विभाग द्वारा अहेतुक सहायता 6 बच्चो को 50000 तथा 2 बच्चो को 1 लाख रुपए की धनराशि उनके खाते में भेजी गई है।

मुख्य विकास अधिकारी ने सभी बच्चो से बात किया। उन्होंने उनकी रुचि, स्वास्थ्य परिवार के बारे में जाना, बच्चो के पैतृक संपत्ति में उनका नामांतरण करवाने हेतु संबंधित विभाग को पत्र प्रेषित करने, सुरक्षा के दृष्टिगत संबंधित थाने तथा चिकित्सा संबंधी आकस्मिक आवश्यकता हेतु नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को पत्र प्रेषित करने हेतु निर्देशित किया गया।इसके साथ ही अगर बच्चो को किसी प्रकार की कोई समस्या होने पर स्वयं का व्यक्तिगत नंबर भी उपलब्ध कराया गया और आश्वासन दिया गया कि अगर उन्हें किसी भी प्रकार की कोई समस्या होती है तो कभी भी उनके व्यक्तिगत नंबर पर बात कर सकते हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने एक अभिभावक की भूमिका निभाते हुए सभी बच्चों को प्रत्येक माह के द्वितीय शनिवार को अपने घर पर साथ में लंच करने हेतु आमंत्रित किया।

रिपोर्ट-संजय गुप्ता 

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