आखिरकार चीन ने स्वीकारा सच, गलवान झड़प में चीनी कमांडर की गई जान

भारत और चीन के बीच स्थिति काफी तनावपूर्ण है. लद्दाख सीमा पर हिंसक झड़प के कारण दोनों देशों के बीच तल्खी बढ़ी हुई है. इसी बीच इस हिंसक झड़प को लेकर चीनी सेना ने एक बड़ी सच्चाई स्वीकार की है. हिंसक झड़प में चीन ने कमांडिंग ऑफिसर के मरने की बात स्वीकार कर ली है. सूत्रों के मुताबिक, यह सच्चाई दोनों देशों के बीच सैन्य स्तर की बातचीत के दौरान सामने आई है.

सूत्रों के मुताबिक, हिंसक झड़प के तकरीबन एक हफ्ते बाद दोनों देशों के बीच सैन्य स्तर की बातचीत में चीनी सेना ने पुष्टि कि उनका कमांडिंग ऑफिसर मारा गया था. यहां आपको बता दें कि बीते सोमवार को लद्दाख सीमा के गलवान घाटी में भारतीय-चीनी सेना के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. वहीं, चीन ने अपने 30 सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की थी. हालांकि, पूरी सच्चाई पर अब तक संशय बना हुआ है.

अब तक नहीं निकला कोई हल

Loading...

गौरतलब है कि इस हिंसक झड़प के बाद विवाद कम करने को लेकर तीन बार सैन्य स्तर की बातचीत हुई है, लेकिन नतीजा कुछ भी नहीं निकला. विदेश मंत्री जयशंकर ने चीनी समकक्ष से इस मसले पर बातचीत की. बातचीत के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि चीन का यह पूर्व नियोजित योजना थी, जिसका असर गलवान घाटी में देखने को मिला था. विदेश मंत्री ने तो यहां तक कह दिया था कि इस घटना का असर दोनों देशों के दिपक्षीय संबंधों पर सीधा असर पड़ेगा. इतनी ही नहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी चीन को दो टूक चेतावनी दे दी थी. इस संघर्ष के बाद लद्दाख सीमा पर तनाव की स्थिति लगातार बरकरार है.

बंधक बने 10 भारतीय सैनिक रिहा

वहीं, भारतीय सेना के सूत्रों का कहना है कि गालवान घाटी पर हुई इस झड़प मेंं 70 भारतीय सैनिक घायल हो गए हैं. लेकिन, वे सैनिक जल्द ही ड्यूटी पर लौट सकते हैं. 1967 के बाद चीन के साथ यह सबसे बड़ा टकराव माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, सैन्य बातचीत के दौरान बंधक बनाए गए 10 भारतीय सैनिकों को चीन ने रिहा किया था. फिलहाल, इस तनाव को कम करने के लिए लगातार प्रयास जारी है.

Loading...

About Aditya Jaiswal

Check Also

आज ही चुना गया था भारत का राष्ट्रगान, सुभाष चंद्र बोस ने लिया था पहला निर्णय

🔊 खबर सुनने के लिए क्लिक करें साल था 1941, तारीख थी 2 नवंबर और ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *