28 वर्षों बाद भी पंचायतों को नहीं मिले उनके अधिकार: सुनील सिंह

लखनऊ। लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह के नेतृत्व में बतौर अतिथि आज अलीगढ़ कार्यक्रम में राष्ट्रिय पंचायतीय राज संगठन का सम्मेलन नवग्रह मंदिर हाथरस में सम्पूर्ण हुआ। जिसमें राष्ट्रिय अध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी चौधरी सुनील सिंह ने सबसे पहले समस्त पंचायत प्रतिनिधियों को उनके गांव के जागरूक मतदाताओं द्वारा चुने जाने पर हार्दिक बधाई दी।

इसी के साथ चौधरी सुनील सिंह ने कहा जैसा कि आपको ज्ञात है कि राष्ट्रिय पंचायतीय राज संगठन त्रिस्तरीय पंचायतीय राज संस्थानों एवं ग्राम सभाओं को सषक्त बनाते हुये उन्हे प्रषासनिक एवं वित्तीय अधिकार दिलाने के लिए सन् 1997 से संघर्शरत है। आजादी के बाद आज तक सरकारों पर सरकार और चेहरे पर चेहरे बदलते रहे हैं लेकिन गांव और पंचायतों की स्थिति आज भी बदहाल है, क्योंकि कोई भी सरकार पंचायतों को उनके पूर्ण अधिकार सौपना नहीं चाहती। गांधी जी के सपनों का भारत बनाने के उद्देष्य से संविधान का 73वां तथा 74वां संषोधन वर्श 1993 में किया गया था और उसको लागू करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों पर छोड़ दी गई थी। परन्तु आज 28 वर्षों वाद भी न तो पंचायतों को उनके पूर्ण अधिकार दिये गये और न ही कोई सरकार देना चाहती है।

पंचायत प्रतिनिधि 90-95 प्रतिषत वोट पर चुनकर आता है जिसे ग्राम की जनता ने बड़े विश्वास से चुना, परन्तु बड़ा ही दुःख का विशय है कि सरकार उनको उनका अधिकार देना ही नहीं चाहती। इतने सालों के बाद भी आज तक सत्ता के विकेन्द्रीकरण हेतु पंचायतों को वित्तीय एवं प्रषासनिक अधिकार नहीं सौंपे गए। इन वर्शों में विभिन्न राजनैतिक दलों की सरकारे रहीं, लेकिन विधायकों एवं नौकरषाह ने पंचायतों के अधिकारों का अतिक्रमण करते हुये 29 विभागों के अधिकार पंचायतों को नहीं सौप पाये।
हमारे संगठन द्वारा पंचायतों को उनके प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार दिलाने के लिए अनेकों बार धरना प्रदर्शन/भूख हड़ताल आदि कर कुछ अधिकार तो दिलाये परन्तु आज भी पंचायतों को उनके पूर्ण अधिकार नहीं मिल पाये हैं।

सुनील सिंह ने सभा को सम्बोधित करते हुये सरकार से मांग की है कि सभी प्रधान, बीडीसी, सभासद व जिला पंचायत सदस्यों को भी प्रति माह मानदेय एंव भत्ते विधायक एवं सांसदो की तर्ज पर दिये जाये, नही तो सभी के भत्ते बंद कर दिये जाये। अगर विधायक व सांसद के मानदेय व भत्ते सरकार बंद कर दे तो प्रधान, बीडीसी को भी कोई भत्ता नहीं चाहिए। परन्तु अगर देश व प्रदेश की सरकार विधायक व सांसद को भत्तों के नाम पर प्रदेश व देश की जनता का पैसा बांट रही है तो उसी अनुपात में सभी पंचायत प्रतिनिधियों को भी भत्ता मिलना चाहिए।
एक बार सांसद व विधायक बनने पर पूरी उम्र पेंशन मिलती है परन्तु कोई प्रधान या बीडीसी पूरी उम्र भी पद पर रहे तो उन्हे कुछ नही मिलता। या तो सभी सांसदो/विधायकों के भत्ते/पेंशन बंद कर दिये जाये नही तो सभी को भत्ते व पेषंन दिलाने की आवाज संगठन द्वारा उठाते रहेगें।

विधान परिशद में पंचायतों के प्रतिनिधियों द्वारा 36 विधान परिषद सदस्य चुने जाते है जिनके उद्देष्य पंचायतों के हितों की बात करना है, परन्तु हमारा दुर्भाग्य है कि जो सदस्य चुनकर जाते है वह भाजपा बसपा, सपा व कांग्रेस पार्टी में बंधकर रह जाते हैं। आप नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि किसी पार्टी के एहसान से नहीं बल्कि अपनी काबिलियत पर चुने जाते है। समय आने पर सही व्यक्ति को चुनकर अपना प्रतिनिधित्व बनाये जो आपके हितों की लडाई लड़ सके।

सम्मेलन में मुख्य रूप से यथार्थ सिंह, शादाबाद प्रमुख पति, धर्मवीर सिंह पूर्व प्रधान, देवानंद राष्ट्रीय सचिव, प्रदीप हुड्डा हरियाणा अध्यक्ष, मोहम्मद नावेद जिला अध्यक्ष लोकदल, भागीरथ युवा जिला अध्यक्ष लोकदल, अशोक शर्मा सभासद हाथरस, महाराज सिंह प्रधान चौधरी, विजेंद्र सिंह प्रधान, जितेंद्र पाल प्रधान, भूपेंद्र प्रधान, अखिलेश बीडीसी, चंचल वर्मा बीडीसी, देवेश शर्मा सभासद, मौसम देवेंद्र कुमार बीडसी मुरसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम कार्यक्रम की अध्यक्षता सत्यवीर सिंह जीने तथा कार्यक्रम का संचालन संदीप तोमर प्रभारी पश्चिम उत्तर प्रदेश ने की।

About Samar Saleel

Check Also

पंचकोसी परिक्रमा को अंतरराष्ट्रीय पहचान देगी योगी सरकार, 70 किमी के पंचकोसी मार्ग का होगा सम्पूर्ण विकास

🔊 खबर सुनने के लिए क्लिक करें 108 मुख्य मंदिरों, 44 धर्मशालाओं और कुंडों का ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *