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मथुरा में त्रिकोणीय मुकाबले में फंस गईं हेमा मालिनी, टूट सकता है हैट्रिक का सपना

मथुरा। लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान शुक्रवार संपन्न हो गया, जिन लोकसभा सीटों में दूसरे चरण में मतदान होना है।वहां चुनाव प्रचार बड़ी तेजी से हो रहा है। मथुरा लोकसभा में भी 26 अप्रैल को मतदान होना है। यहां भारतीय जनता पार्टी ने मौजूदा सांसद फिल्म अभिनेत्री हेमा मालिनी को तीसरी बार प्रत्याशी बनाया है। समाजवादी पार्टी ने मुकेश धनगर और बहुजन समाज पार्टी ने सुरेश सिंह को प्रत्याशी बनाया है। इस लोकसभा में जाट मतदाता बहुत हैं।यहां से बाहरी प्रत्याशी अधिक सफल रहे हैं। ऐसे में समीकरण हेमा मालिनी के पक्ष में हैं मगर इतिहास उनके साथ नहीं है।

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मथुरा अब तक कोई भी प्रत्याशी लगातार तीन बार सांसद नहीं बना है। शुरुआती दो चुनाव में तो मथुरा से निर्दलीय सांसद बने थे। देश के सबसे पुरानी और तत्कालीन सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को मथुरा से पहली बार 1962 में जीत मिली थी। भाजपा ने पहला चुनाव 1991 में जीता। इससे पहले जनता पार्टी और जनता दल के प्रत्याशी यहां जीतते रहे। मथुरा से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी हारे थे।

मथुरा में त्रिकोणीय मुकाबले में फंस गईं हेमा मालिनी, टूट सकता है हैट्रिक का सपना

मथुरा में लंबे समय से ध्रुवीकरण की राजनीति ही काम करती रही है। इस बार भी मथुरा में राम मंदिर की लहर है और पीएम मोदी के चेहरे पर लोग आसानी से हेमा मालिनी को तीसरी बार लगातार संसद भेज सकते हैं, लेकिन लड़ाई इतनी आसान नहीं है। इंडिया गठबंधन से सपा ने मुकेश धनगर को प्रत्याशी बनाया है।बसपा ने सुरेश सिंह को प्रत्याशी बनाया है। मथुरा में जाट मतदाता सबसे अधिक हैं। जाट मतदाताओं को साधने के लिए जाट प्रत्याशी उतारा गया है।

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हेमा मालिनी खुद को जाट बताती हैं, क्योंकि हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र से शादी की है। हेमा मालिनी 10 साल से मथुरा सांसद हैं और अब क्षेत्र की समस्याओं के लिए उन पर सवाल उठने लगे हैं। कई मौकों पर मतदाता हेमा मालिनी को इसके लिए जिम्मेदार भी मानते हैं। ऐसे में यह तो तय है कि सपा और बसपा के प्रत्याशी वोट काटने का काम करेंगे, लेकिन अगर ये वोट सिर्फ हेमा मालिनी के कम हुए तो मुकेश धनगर के जीतने की संभावनाएं बन सकती हैं और हेमा का हैट्रिक का सपना टूट सकता है।

2019 में हेमा मालिनी ने 2,93,471 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। हेमा मालिनी कुल 6,71,293 वोट मिले थे। हेमा मालिनी का वोट शेयर 61 फीसदी था। राष्ट्रीय लोक दल के कुवंर नरेंद्र 3,77,822 वोट के साथ दूसरे स्थान पर थे।कुंवर नरेन्द्र को 34.21 फीसदी वोट मिले थे।

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2014 में हेमा मालिनी को 5,74,633 वोट मिले थे। हेमा मालिनी का वोट शेयर 53.29 रहा था। राष्ट्रीय लोक दल के जयंत चौधरी 2,43,890 वोट के साथ दूसरे स्थान पर थे। जयंत चौधरी का वोट शेयर 22.62 फीसदी था। हेमा मालिनी ने 3,30,743 वोट के अंतर से जीत दर्ज की थी।

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