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JNU: छात्र 27 को मनाएंगे राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस, देश भर के छात्रों से की अपील

जवाहरलाल नेहरू यूनिवॢसटी छात्र संघ फीस वृद्धि के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रहा है। जिसके लिए छात्र संघ द्वारा हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू और बंगाली भाषा सहित कई भाषाओं में देश भर के विभिन्न हिस्सों के छात्रों को 27 को प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की गई है।

देश भर के छात्रों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की
विभिन्न विवि. के छात्रों के भेजे गए अपील पत्र में जेएनयूएसयू ने कहा है कि पिछले 27 दिनों से युनिवॢसटी के भीतर और बाहर हॉस्टल मैनुअल और बढ़ी हुई फीस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यह फीस 28 अक्तूबर को जेएनयूएसयू व हॉस्टल प्रेसीडेंट की सलाह के बिना छात्रों के ऊपर थोपी गई ह।

एचआरडी समिति की फीस वृद्धि मामले पर रिपोर्ट आनी बाकी
अपील में छात्रों ने लिखा है आज के समय में शिक्षा का निजीकरण एक वास्तविक सच है। नई शिक्षा नीति, आॢथक स्वायत्तता और हेफा लोन जैसी नीतियों ने फंड में कमी और पीस बढ़ोतरी जैसी गतिविधियों को बढ़ाया है। पब्लिक एजुकेशन के इस डूबते हुए माहौल में हम देश के सारे विवि. कॉलेज और संस्थाओं से 27 को सस्ती व सुलभ शिक्षा को बचाने के लिए राष्ट्रीय विरोध दिवस के रूप में मनाने की अपील करते हैं।

फीस बढ़ोतरी पर एबीवीपी का अनिश्चितकालीन धरना जारी
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) जेएनयू के कार्यकर्ता हॉस्टल मैनुअल और फीस बढ़ोतरी के विरोध में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए है जो तीसरे दिन भी जारी रहा। एबीवीपी कार्यकर्ता ने बताया कि एबीवीपी पिछले 25 दिन से फीस वृद्धि के विरोध में प्रदर्शन कर रहा है जिसके अन्तर्गत यूजीसी और एमएचआरडी तक प्रदर्शन किया जा चुका है। इकाई अध्यक्ष दुर्गेश कुमार ने कहा कि एमएचआरडी के द्वारा बनाई गई हाई पावर कमेटी को खारिज करते है साथ ही प्रशासन से सीधी एक मांग करते है कि बढ़ी हुई फीस पूरी तरह से वापस की जाय। इकाई मंत्री मनीष जांगिड़ ने कहा कि विद्यार्थी परिषद अपने आंदोलन को वामपंथियों के तरीकों से न करकर किसी भी प्रकार की अराजकता से मुक्त रखते हुए लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखेगी एवं अपने संघर्ष से इसको समाधान तक पहुचाएंगी।

जेएनयू प्रशासन ने बनाई 7 सदस्यीय समिति
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने रविवार को छात्रों और यूनिवॢसटी प्रशासन के बीच चल रहे संघर्ष के समाधान के लिए एक सात सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की। जिसमें छात्र डीन उमेश कदम व प्रो. अश्विनी महापात्रा को भी रखा गया है। जेएनयू रजिस्ट्रार द्वारा जारी किए गए। एक परिपत्र के अनुसार समिति को अन्य मुद्दों के बीच प्रस्तावित छात्रावास शुल्क वृद्धि पर गतिरोध का समाधान खोजने के लिए छात्र प्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त करना है। इस नवगठित समिति ने छात्रों को सुझाव भेजने के लिए रविवार शाम तक का समय दिया था। बता दें 18 नवम्बर को मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा गठित एक 3 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति, जो विभिन्नता के सामान्य कामकाज को बहाल करने के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ अपनी चर्चा संपन्न कर चुकी है और जल्द ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी ऐसी सम्भावना है। जेएनयू प्रशासन द्वारा बनाई गई इस समिति की जेएनयू छात्र संघ ने आलोचना की है। छात्र संघ का कहना है कि एचआरडी द्वारा गठित समिति के सुझाव देने से पहले समिति बनाना सही नहीं है। प्रशासन ने छात्रों से सुझाव मांगे, लेकिन जेएनयूएसयू को मेल नहीं भेजा गया। ज्ञात हो हॉस्टल मैनुअल के खिलाफ जेएनयू छात्र लगभग 4 सप्ताह से हड़ताल पर हैं जिसमें शुल्क वृद्धि के प्रवाधान है। विरोध प्रदर्शनों के बाद यूनिवॢसटी ने आंशिक रोलबैक और ड्रेसकोड से संबंधित धाराओं को हटाने की घोषणा की थी जिसे छात्रों ने आईवाश कहा था। छात्र अब भी हॉस्टल मैनुअल के पूर्ण रोलबैक की मांग कर रहे हैं।

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