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Masjid or Idgah ही नमाज की असली जगह: मनोहर लाल खट्टर

वास्तविकता यह है कि Masjid or Idgah ही नमाज की असली जगह हैं, लेकिन लोग नमाज अदा करने के लिए सार्वजनिक जगह का इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं, जो कि उचित नहीं है। इस बीच गुड़गांव में कुछ दक्षिणपंथी संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा कई जगहों पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को नमाज पढ़ने से रोके जाने के विवाद के बाद प्रदेश के मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को इस मसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नमाज मजिस्‍द या ईदगाह में अदा करना ही उचित बताया। इसके साथ सार्वजनिक स्थल पर ऐसा करना सही नहीं है।

Masjid or Idgah, सार्वजनिक स्थलों पर नमाज अदा करने के ​मामलों में बढ़त से पैदा हो रही समस्याएं

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि कानून और व्यवस्था बनाए रखना हमारा कर्तव्य है। खुले में नमाज अदा किए जाने के मामलों में वृद्धि हुई है। जिससे आम जन को भी इससे कई जगहों पर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिससे इनकार नहीं किया जा सकता है। सही तरीके से अगर देखा जाये तो नमाज को सार्वजनिक स्थानों की बजाय मस्जिद या इदगाह में पढ़ा जाना ही उचित है।

जमीन कब्जाने के प्रयास

सार्वजनिक स्थलों पर नमाज अदा करने के मामलों के पीछे कई जगहों पर जमीन कब्जाने का मकसद सिद्ध करने लगे हैं। इससे समस्याओं में बढ़ोत्तरी हुई है। हाल ही में गुड़गांव में नमाज अदा करने के ​पीछे ऐसा मामला आया है। जिसमें लोगों ने जमीन पर कब्जा का विरोध किया तो वहां पर नमाज अदा करने के लिए लोग इकट्ठा होेने लगे। जिसमें हिन्दूवादी संगठनों के आगे आने के बाद मामला उठा। वरना मामले को दबाने की कोशिश की जा रही थी और जमीन पर कब्जा करने के लिए नमाज का सहारा लिया जा रहा ​था। लोगों का आरोप है कि कुछ लोग जमीन पर कब्जा करके उसे मस्जिद में मिलाना चाहते हैं। वहीं नमाज अदा करने वालों का कहना है कि वह नमाज अदा कर रहे थे। जिसमें खलल डाला जा रहा है।

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वसीम रिजवी ने विवादित स्थलों पर नमाज पढ़ने का किया विरोध

वसीम रिजवी ने विवादित स्थलों पर नमाज पढ़ने का विरोध करते हुए ​अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि नमाज के लिए मस्जिद या ईदगाह ही सही जगह है। इसके अलावा सार्वजनिक जगहों पर नमाज अदा करना उचित नहीं है।

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