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अमावस्या के दिन लक्ष्मीजी की ऐसे के पूजा जाग उठेगा भाग्य अनुकूल बनेंगे ग्रह

इस बार पौष माह की अमावस्या तिथि शुक्रवार (23 दिसंबर 2022) को आ रही है। ऐसे में शुक्रवार का दिन बहुत ही खास बन गया है। इस दिन विजय मुहूर्त और आनंदादि योग भी बन रहे हैं। विजय मुहूर्त दोपहर 2.10 बजे से 2.52 बजे तक रहेगा। जबकि आनंदादि योग अगले दिन (24 दिसंबर 2022) को अर्द्धरात्रि 1.13 बजे तक आनंदादि योग रहेगा। इन योगों में यदि कुछ आसान से उपाय कर लिए जाएं तो आप अपनी समस्त समस्याओं से मुक्ति पा सकते हैं।

शुक्रवार को मां लक्ष्मी का वार माना गया है। इस दिन मां लक्ष्मी की प्रसन्नता के लिए जो भी उपाय किए जाते हैं, उनका कई गुणा फल मिलता है। उन्हें आप बिना किसी दिक्कत और मुहूर्त के भी कर सकते हैं। जानिए ऐसे ही उपायों के बारे में

  • इस बार शुक्रवार अमावस्या तिथि को आ रहा है। ऐसे में यदि आप अपने पूर्वजों एवं पितरों के निमित श्राद्ध एवं तर्पण करेंगे तो आपको उनका आशीर्वाद प्राप्त होगा। इस पूरे कार्य में आपको मुश्किल से आधा घंटे का समय लगेगा। आप किसी भी विद्वान आचार्य के पास जाकर इस कर्मकांड को कर सकते हैं और घर में सुख, समृद्धि लाने का आशीर्वाद पा सकते हैं।
  • मां लक्ष्मी को प्रसन्न रखने का सबसे पहला नियम यही है कि आप घर में साफ-सफाई रखें। वह कभी भी गंदगी में वास नहीं करती हैं। यदि घर में शुद्धता व सफाई होगी, तो बिना किसी पूजा-पाठ के लक्ष्मीजी स्वयं ही प्रसन्न हो जाएंगी।
  • शुक्रवार के दिन लक्ष्मी सूक्त एवं श्री सूक्त का पाठ अवश्य करें। यह पाठ मात्र 5 से 10 मिनट में पूरा हो जाता है और इसके लिए आपको किसी खास कर्मकांड की भी जरूरत नहीं होती है। इसलिए इसे नियमित रूप से अवश्य करें। इससे घर में लक्ष्मी का स्थाई वास हो जाता है।
  • मां लक्ष्मी और शुक्र ग्रह दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। अतः शुक्र के उपाय करने से भी लक्ष्मी जी प्रसन्न होंगी। इस दिन शुक्रवार का व्रत अवश्य करें। यदि संभव हो तो शुक्र के मंत्र “ॐ हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम् सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहं” का कम से कम एक माला (अर्थात् 108 बार) जप अवश्य करें। इससे तुरंत ही आपको फल दिखाई देने लगेगा।

आप जब भी शुक्रवार को मां लक्ष्मी की पूजा करें तो उनके साथ ही भगवान विष्णु की भी पूजा अवश्य करें। श्रीहरि की पूजा किए बिना लक्ष्मीजी की पूजा फल नहीं देती है। अतः विष्णु मंदिर में जाकर आप दोनों की युगलस्वरूप में पूजा करें और उनका आशीर्वाद लें।

शुक्रवार के दिन आपको सफेद रंग का अधिकाधिक प्रयोग करना चाहिए। उदाहरण के लिए सफेद रंग के वस्त्र पहनें, भोजन में भी सफेद रंग के खाद्य पदार्थों का प्रयोग करें। गरीबों को भी सफेद रंग की ही वस्तुएं (यथा कपड़े, मिठाई, चावल, मिश्री आदि) दान करें। ऐसा करने से भी आपके ग्रह अनुकूल बनेंगे और आपका भाग्य जाग उठेगा।

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