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अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनाव में पाकिस्तानियों ने रचा इतिहास, 82 मुस्लिमों ने जीत की दर्ज

अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनाव में मुस्लिमों खासकर पाकिस्तानियों ने इतिहास रचा है। पाकिस्तानी मीडिया की एक खबर के अनुसार, इस चुनाव में करीब 82 मुस्लिमों ने जीत दर्ज की है, जिसमें ज्यादातर पाकिस्तानी है।

पाकिस्तानी-अमेरिकी कॉर्पोरेट वकील और राजनीतिज्ञ सलमानी भोजानी और सुलेमान ललानी को भी टेक्सास विधानमंडल के लिए चुना गया है। उनकी जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टेक्सास विधानमंडल में मुसलमानों का हमेशा खुले दिल से स्वागत नहीं किया गया है। 2007 में, राज्य के तत्कालीन सीनेटर डैन पैट्रिक ने मुस्लिम मौलवी द्वारा टेक्सास सीनेट की पहली प्रार्थना का बहिष्कार किया था। पैट्रिक अब लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में सीनेट की अध्यक्षता करते हैं।

मध्यावधि चुनाव में संघीय, राज्य, स्थानीय और न्यायिक कार्यालयों के लिए 82 मुस्लिमों को चुना गया है, इसमें बड़ी संख्या में पाकिस्तानी है। एक पाकिस्तानी बेवसाइट के हवाले से कहा गया कि इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में एशियाई अमेरिकी चुने गए हैं, जिसमें भारतीय और पाकिस्तानी मूल के लोग शामिल हैं।

इनमें मिशिगन से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए पहले भारतीय-अमेरिकी श्री थानेदार और मैरीलैंड के लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में चुने गए पहले अप्रवासी और पहले एशियाई-अमेरिकी अरुणा मिलर शामिल हैं। फिर से चुने गए लोगों में डेलावेयर राज्य के प्रतिनिधि मदीना विल्सन-एंटोन, कोलोराडो राज्य के प्रतिनिधि इमान जोदेह और कोलोराडो राज्य के सीनेटर पाकिस्तानी अमेरिकी सऊद अनवर शामिल हैं। जॉजिया में भी मौजूदा सीनेटर शेख रहमान के अलावा दो मुस्लिम महिलाओं ने जीत दर्ज की है।

नबीलाह इस्लाम राज्य के #सीनेटर बनेंगे और रूवा रोमन प्रतिनिधि सभा में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। इंडियाना के एक निर्वाचन क्षेत्र में, मुस्लिम डेमोक्रेट आंद्रे कार्सन ने रिकॉर्ड सातवीं बार कांग्रेस के लिए निर्वाचित होकर इतिहास रच दिया। मिशिगन में डेमोक्रेट राशिदा तलीब तीसरी बार निर्वाचित हुई हैं। एक अन्य मुस्लिम डेमोक्रेट, इल्हान उमर, मिनेसोटा से तीसरी बार फिर से चुने गए। कीथ एलिसन मिनेसोटा के अटॉर्नी जनरल के रूप में फिर से चुने गए।
एक शहर न्यू ब्रंसविक में शिक्षा बोर्ड के लिए चुनी गई 21 साल की अलीशा खान ने कहा कि मुझे पता है कि हमारी पीढ़ी को क्या चाहिए। इस चुनाव में चुने गए लोगों में उनकी उम्र सबसे कम है। अलीशा मूल रूप से पाकिस्तान की रहने वाली हैं। उसके माता-पिता कराची से न्यू जर्सी चले गए थे।

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