PM Modi ने किया ‘स्वामित्व योजना’ की शुरुआत

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोकनायक जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख की जयंती पर “स्वामित्व योजना” की शुरुआत करते हुए कहा कि आज आपके पास एक अधिकार है, एक कानूनी दस्तावेज है कि आपका घर आपका ही है, और आपका ही रहेगा। उन्होंने कहा कि ये योजना हमारे देश के गांवों में ऐतिहासिक परिवर्तन लाने वाली है। इस योजना को चरणबद्ध तरीके से चार साल (2020-24) में पूरे देश में लागू किया जाना है, जिसके दायरे में करीब 6.62 लाख गांव आएंगे।

पीएम ने कहा, “आज जिन एक लाख लोगों को अपने घरों का स्वामित्व पत्र या प्रॉपर्टी कार्ड मिला है, जिन्होंने अपना कार्ड डाउनलोड किया है, उन्हें मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं।” इस मौके पर उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख को भी याद करते हुए कहा, “इन दोनों महापुरुषों का सिर्फ जन्मदिन ही एक तारीख को नहीं पड़ता, बल्कि इनके संघर्ष और आदर्श भी एक समान रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि गांव और गरीब की आवाज़ को बुलंद करना जेपी और नानाजी के जीवन का साझा संकल्प रहा है। नानाजी कहते थे कि जब गांव के लोग विवादों में फंसे रहेंगे तो वह ना तो अपना विकास कर पाएंगे और ना ही समाज का। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है, स्वामित्व योजना भी हमारे गांवों में अनेकों विवादों को समाप्त करने का बहुत बड़ा माध्यम बनेगी।

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प्रधानमंत्री ने 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती दिवस पर इसकी शुरूआत की थी। योजना का मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में घरों के मालिकों को अधिकार संबंधी रिकार्ड से संबद्ध संपत्ति कार्ड उपलब्ध कराना है। स्वामित्व योजना पंचायती राज मंत्रालय की योजना है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस योजना को ग्रामीण भारत में बदलाव लाने वाली ऐतिहासिक पहल बताया है। इस पहल से ग्रामीणों को अपनी जमीन और संपत्ति को एक वित्तीय संपत्ति के तौर पर इस्तेमाल करने की सुविधा मिलेगी, जिसके एवज में वह बैंकों से कर्ज और दूसरा वित्तीय फायदा उठा सकेंगे। पीएमओ ने कहा कि इस कार्यक्रम की शुरूआत से करीब एक लाख संपत्ति मालिक अपनी संपत्ति से जुड़े कार्ड अपने मोबाइल फोन पर एसएमएस लिंक के जरिये डाउनलोड कर सकेंगे। इसके बाद संबंधित राज्य सरकारों द्वारा संपत्ति कार्ड का भौतिक वितरण किया जाएगा।

योजना की लॉन्चिंग के लाभार्थी छह राज्यों के 763 गाँवों से हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के 346, हरियाणा के 221, महाराष्ट्र के 100, मध्य प्रदेश के 44, उत्तराखंड के 50 और कर्नाटक के दो गांव शामिल हैं। बयान के अनुसार महाराष्ट्र को छोड़कर इन सभी राज्यों के लाभार्थियों को एक दिन के भीतर अपने संपत्ति कार्ड की भौतिक रूप से प्रतियां प्राप्त होंगी। महाराष्ट्र में संपत्ति कार्डों के लिये कुछ राशि लिये जाने की व्यवस्था है, इसलिए इसमें एक महीने का समय लगेगा।

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