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राजभवन में लुआक्टा प्रतिनिधियों की सकारत्मक वार्ता बैठक 

लखनऊ: राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव महेश गुप्ता की अध्यक्षता में लुआक्टा शासन के प्रतिनिधियो निदेशक उच्च शिक्षा ,एव लखनऊ विश्वविद्यालय से कुलसचिव की उपस्थिति में बैठक हुई.अध्यक्ष डॉ मनोज पांडे ने बताया कि लुआक्टा द्वारा 9 मई 2022 को राज्यपाल को पत्र प्रेषित कर 19 विन्दुओ पर वार्ता के लिए आग्रह किया गया था. राज्यपाल के निर्देश पर आज राजभवन में बैठक हुई. जिसमे उच्च शिक्षा से संबद्ध विभिन्न लंबित मांगों पर व्यापक स्तर पर चर्चा हुई. इस उच्च स्तरीय बैठक में महाविद्यालयो में 1 नवम्बर 21 को जारी शासनादेश के द्वारा प्रोफेसर पद पर पदोन्नति के नियमों को भूतलक्षी प्रभाव से जारी करने के कारण आ रही समस्या को दूर करने के लिए कट ऑफ डेट निर्धारित करने की मांग पर शासन द्वारा सकारात्मक रुख अपनाते हुए शिक्षक हित में निर्णय लिये जाने का आश्वासन दिया गया.

राजभवन में लुआक्टा प्रतिनिधियों की सकारत्मक वार्ता बैठक

वर्तमान में उच्च न्यायालय द्वारा यू जी सी की संस्तुतियों के परिप्रेक्ष्य में अधिवर्षता/सेवानिवृत्त की आयु 65 वर्ष किये जाने का निर्देश शासन को दिया गया है, शासन द्वारा अवगत कराया गया कि सरकार इस विषय पर न्यायालय के निर्णय के आलोक में शिक्षको के हित का निर्णय लेगी, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सेवा निवृत्त शिक्षको के जीपीएफ के भुगतान मे दिक्कत आ रही है और विगत कई वर्षों से लगभग 19 जिलों के शिक्षको को निदेशालय के आदेश के बाबजूद कोषागार मे जी पी एफ के खाते में धन न होने के कारण भुगतान नहीं हो पा रहा है , सूच्य है कि पूर्व मे।वेतन का भुगतान महाविद्यालयो में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा किया जाता था. वर्ष 2011 से वेतन भुगतान क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी द्वारा किया जाने लगा किन्तु जी पी एफ खाते में व्याज की धनराशि की मांग शासन से किसी के द्वारा नही की गई, जिसके कारण जी पी एफ खाते का धन शून्य हो गया. जी पी एफ के भुगतान के लिए वित्त विभाग के साथ बैठक कर व्याज की राशि खाते में अन्तरित किये जाने पर सहमति बनी ,शीघ्र ही उच्च शिक्षा विभाग और वित्त विभाग की बैठक आहूत की जाएगी ।

इसके अलावा जीपीएफ एवं पेंशन को ऑनलाइन करने पर सहमति बनी, राज्य कर्मचारियों के भांति उच्च शिक्षा के शिक्षकों को भी कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रदान करने पर सैद्धान्तिक सहमति जताई गई और इस सम्वन्ध में विभागीय प्रस्ताव उच्च स्तर पर यथा शीघ्र प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया गया,विगत तीन वर्षों से लंबित एरियर डी ए के भुगतान पर सहमति जताई गई तथा निदेशालय की लापरवाही के कारण देर से लाइब्रेरियन के वेतन निर्धारण के कारण सातवें वेतनमान के एरियर के भुगतान पर भी सकारात्मक निर्णय का संकल्प व्यक्त किया गया यद्यपि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा भारत सरकार को सातवे वेतनमान के अंशदान की मांग मार्च 2019 में की जा चुकी है । इस्लामिया कालीचरण मानदेय शिक्षकों की सेवाओं को जोड़ने, एनपीएस खाते की बकाए धनराशि को दिए जाने पर सहमति बनी तथा एन पी एस समय से जमा हो इसके लिए निदेशक उच्च शिक्षा को लगातार समीक्षा करने एव शासन को अवगत कराने के निर्देश दिये गए, शिक्षकों के स्थानांतरण में आरक्षण को लागू ना करते हुए भविष्य में ऑनलाइन स्थानांतरण करने एव अवधि 2 वर्ष किये जाने की मांग पर भी विचार करने का आश्वासन दिया गया, PhD इंक्रीमेंट का लाभ दिये जाने के सरकार के संकल्प को दुहराया गया तथा इसे प्रदान किये जाने की मांग की गई, यू जी सी नियमन 2018 के आधार पर रिफ्रेशर ओरिएंटेशन की अनिवार्यता को 2018 तक समाप्त करने पर सहमति जताई गई.

महिला महाविद्यालय द्वारा बी काम पाठ्यक्रम बंद करने एव डा अमिता सक्सेना के जी पी एफ एव पेंशन के भुगतान में प्रबन्ध तंत्र द्वारा की जा रही मनमानी पर प्रबन्ध तंत्र भंग करने की पुनः मांग की।गई ,निदेशक उच्च शिक्षा को तत्काल समस्या के समाधान का निर्देश दिया गया एव महाविद्यालय की पुनः अनियमितताओं के जांच के आदेश दिया गया। कुलसचिव, उपकुलसचिव, सहायक कुलसचिव की यू जी सी वेतनमान दिये जाने की मांग पर भी सहमति जताई गई। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा प्रोन्नति हेतु विषय विशेषज्ञ नामित नही करने एव समस्त अभिलेखों की मांग पर कुलसचिव महोदय द्वारा अवगत कराया गया कि अब अभिलेखों की मांग नही की जा रही है तथा विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति भी की जाने लगी है , कई महाविद्यालयो के विषय विशेषज्ञ नामित किये जा चुके है और कुछ ही दिनों में विश्वविद्यालय द्वारा महाविद्यालय के मांग के अनुरूप विषय विशेषज्ञ नामित कर दिया जायेगा.

सुदूर के विषय विशेषज्ञ नामित किये जाने का लुआक्टा द्वारा गहरा असन्तोष व्यक्त किया गया जिसे राजभवन ने उचित माना एव कुलपति को दिशा निर्देश जारी करने पर सहमति बनी, मानदेय शिक्षको की पूर्व सेवा के आधार पर प्रोन्नति एव छूटे हुए मानदेय साथियो का विनियमितीकरण आदि की मांग एव अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई बैठक में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव महेश गुप्ता के अतिरिक्त विशेष कार्याधिकारी पंकज एल जानी, शासन विशेष सचिव मनोज कुमार , मकरन्द ,श्रवण कुमार के अतिरिक्त संयुक्त सचिव अनु सचिव एवं अनुभाग अधिकारी, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा विनोद सिंह ,निदेशक उच्च शिक्षा डा अमित भारद्वाज ,सहायक उच्च शिक्षा निदेशक बी एल शर्मा, लुआक्टा अध्यक्ष डा मनोज पांडेय महामंत्री डा अंशु केडिया , डा जे पी सिंह,डा एल्विन दाऊद ,डा अब्दुर रहीम ,डा तिर्मल सिंह,डा विक्रम सिंह उपस्थित रहे।

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